मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव देखने के बाद दंगों पर राकेश टिकैत ने दिया बड़ा बयान

कहा- सपा के पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक व बसपा से चुनाव लड़े नवाजिश आलम दंगे के दोषी हैं।

By: lokesh verma

Published: 04 Dec 2017, 11:49 AM IST

मुजफ्फरनगर. 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगों को लोग भूलना चाहते हैं, मगर कोई ना कोई ऐसा कारण बन जाता है जिस वजह से दंगे के जख्म फिर से हरे हो जाते हैं। इस दंगे के बाद लोगों को सबसे बड़ा दर्द यह है कि दंगे के जो असली आरोपी हैं अभी तक उन्हें सजा नहीं मिल पाई है और कई तो ऐसे लोग बताए जा रहे हैं जिनके खिलाफ मुकदमा तक दर्ज नहीं हो पाया है। इसका खुलासा भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने किया है। बता दें कि टिकैत रविवार को एक सिनेमा हॉल में लगी मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित फिल्म मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव को देखने के लिए गए हुए थे। फिल्म देखकर उन्होंने कहा कि फिल्म में विरोध करने जैसा कोई सीन नहीं है। इस दौरान उन्होंने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि सपा के पूर्व सांसद अमीर आलम खान और उनके बेटे पूर्व विधायक व बसपा से विधानसभा चुनाव लड़े नवाजिश आलम दंगे के दोषी हैं।

दरअसल मुजफ्फरनगर में 2013 में छेड़छाड़ की घटना को लेकर हुए सांप्रदायिक दंगों ने जनपद को एक बार फिर सुर्खियों में लाकर खड़ा कर दिया था। इस दंगे में 60 से भी ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई और हजारों परिवारों को गांव छोड़कर बेघर होना पड़ा था। इसी को लेकर जनपद के एक किसान मनोज मांडी ने मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव नाम से एक फिल्म बनाई, जिसकी पूरी कहानी मुजफ्फरनगर दंगे पर आधारित है। यह फिल्म देशभर में 17 नवंबर को रिलीज हो चुकी है, मगर मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, मेरठ, बागपत और बिजनौर सहित कई जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों ने मौखिक रूप से आदेश जारी कर फिल्म के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इस फिल्म को लेकर कई संगठनों ने भी तरह तरह की बात की थी और फिल्म न चलने देने की धमकी तक दी थी। फिल्म के निर्माता मनोज मांडी से फिल्म को हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक बताते रहे, मगर उनकी किसी ने नहीं सुनी। 19 नवंबर को फिल्म निर्माता और उनके साथ सैकड़ों साधू फिल्म देखने के लिए थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के नावल्टी सिनेमा में पहुंचे तो वहां पुलिस ने फिल्म को नहीं चलने दिया। इसके बाद फिल्म निर्माता कोर्ट पहुंच गए जहां से यूपी और उत्तराखंड की सरकार को नोटिस जारी होने के बाद रविवार को मुजफ्फरनगर के ग्रांड प्लाजा में एक सिनेमाघर में रिलीज कर दिया गया।

रविवार को मुजफ्फरनगर द बर्निंग लव के निर्माता मनोज मंडी के बुलावे पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत उनके साथ कई गांव के प्रधान वह किसान नेता अशोक बालियान सहित बाजू के कई कार्यकर्ता व जनपद के कुछ पत्रकार फिल्म देखने पहुंचे। फिल्म देखने के बाद सभी लोगों ने फिल्म को काफी सराहा।

इस अवसर पर राकेश टिकैत ने कहा कि इस फिल्म में ऐसा कुछ नहीं है, जिस वजह से इस फिल्म को रोका गया था। फिल्म में दोनों पक्ष दिखाए गए हैं, दोनों पक्ष एक-दूसरे को बचाने में लगे हुए हैं। इस में पूर्ण रूप से स्पष्ट यह दिया गया है कि जिन लोगों ने दंगा कराया उनका आधा नाम इसमें दिया है। अमीर आलम जो कि पूर्ण रूप से यहां के दंगों का दोषी था वह और उनका लड़का विधायक नवाजिश आलम इन्हीं का ही पूर्ण रूप से इसमें योगदान रहा है, जो हम शुरू से आखिर तक देखते रहे उनका नाम इसमें आना चाहिए था और लोग एक दूसरे को बचाने में लगे रहे। दंगा कराने वाले लोग दंगा कराते रहे फिल्म में ऐसा कुछ नहीं दिया गया है, जो आपस में हिंसा फैलाने का काम करे।

उन्‍होंने कहा कि किसान यूनियन ने इस फिल्म का कोई विरोध नहीं किया था। प्रशासन ने कहा था कि कहीं मुजफ्फरनगर में कुछ ना हो जाए, लेकिन यह एक सीख है। इस मौके पर राकेश टिकैत ने मुजफ्फरनगर दंगों पर एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि दंगों का असली आरोपी पूर्व सांसद अमीर आलम खान व उसका बेटा पूर्व विधायक नवाजिश आलम है। इनके अलावा कोई नहीं है और दंगों के असली आरोपियों को कोई सजा नहीं मिल पाई है।

Show More
lokesh verma
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned