Panchayat Election: प्रधानी पद के दावेदार व जूना अखाड़े के साधु संदिग्ध परिस्थितियों में गायब, अपहरण की आशंका

Highlights

- मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना क्षेत्र के गांव सरनावली का मामला

- 35 वर्ष से भगवान की भक्ति में लीन होकर मंदिर में रह रहे थे साधु हरिगिरी

- डॉग स्क्वाॅयड और फिंगरप्रिंट स्पेशलिस्ट के साथ पुलिस तलाश में जुटी

By: lokesh verma

Published: 04 Apr 2021, 10:47 AM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मुजफ्फरनगर. यूपी पंचायत चुनाव से पहले प्रधान पद के दावेदार व जूना अखाड़ा से जुड़े एक साधु संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। सुबह मंदिर में जब साधु नहीं मिले तो गांव में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, लापता साधु हरिगिरी गांव में प्रधान पद के लिए उम्मीदवारी कर रहे थे, लेकिन नामांकन से पहले ही साधु संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। ग्रामीणों ने उनके अपहरण की आशंका जताते हुए मामले के खुलासे के लिए धरने पर बैठ गए हैं। जिसके बाद एसएसपी अभिषेक यादव और क्षेत्रीय विधायक उमेश मलिक ने खुद गांव में मौके पर पहुंचकर घटना पर अफसोस जताया। पुलिस डॉग स्क्वाॅयड और फिंगरप्रिंट स्पेशलिस्ट के साथ मिलकर घटना का खुलासा करने में जुटी हुई है।

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दरअसल, मामला मुजफ्फरनगर के थाना फुगाना क्षेत्र के गांव सरनावली का है। जहां गांव के शिव मंदिर में पिछले 35 वर्ष से भगवान की भक्ति में लीन होकर मंदिर में रह रहे थे, लेकिन शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात संत हरीगिरी अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। घटना की जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो गांव में हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई तो पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आसपास जंगलों में लापता साधु की तलाश की गई। नगर मंदिर से लगभग 300 मीटर की दूरी पर संत हरी गिरी का कुर्ता जरूर मिला है, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। ग्रामीण साधु के अपहरण और किसी अनहोनी की आशंका तो जता रहे हैं। सूचना मिलते ही आसपास के साधु संत भी गांव में पहुंच गए और ग्रामीण भी घटना के खुलासे के लिए धरने पर बैठ गए।

पुलिस कप्तान अभिषेक यादव जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच गए। इसी बीच क्षेत्रीय विधायक उमेश मलिक ने भी गांव में पहुंचकर पुलिस अधिकारियों को साधु को जल्द तलाश करने के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार, हरिगिरी पंचायत चुनाव में गांव सरनावली से प्रधान पद के लिए भावी उम्मीदवार थे। ग्रामीणों के अनुसार ग्रामीणों ने प्रधान पद का चुनाव लड़ा रहे थे, मगर संत हरी गिरी के लापता होने से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। गांव में घटना के बाद से ही पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ मौजूद है, जंगलों में कॉम्बिंग की जा रही है।

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