पुलवामा में शहीद हुए प्रशांत अंतिम विदाई में शामिल हुए हजारों लोग, मंत्री-विधायक भी पहुंचे

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-29 अगस्त को पुलवामा में हुए थे शहीद

-भाजपा के मंत्री व विधायक पहुंचे अंतिम यात्रा में

By: Rahul Chauhan

Published: 30 Aug 2020, 05:27 PM IST

मुजफ्फरनगर। जम्मू कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए मुजफ्फरनगर के लाल प्रशांत शर्मा का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह उनके आवास खांजापुर लाया गया। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंचा तो हजारों लोगों की भीड़ भारत मां के सपूत के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। जिसके चलते जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे, एसएसपी अभिषेक यादव व एसपी सिटी सतपाल अंतिल के साथ-साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए मौके पर पहुंचे।

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने भी शहीद प्रशांत शर्मा के आवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बालियान खाप के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत और मुजफ्फरनगर से सांसद व केंद्र सरकार में पशुपालन डेयरी एवं मत्स्य राज्य मंत्री डॉक्टर संजीव बालियान, उत्तर प्रदेश सरकार के व्यवसायिक शिक्षण कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल , राजस्व व बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्री विजय कश्यप विधायक उमेश मलिक विधायक प्रमोद ऊंटवाल के साथ-साथ जनपद के विभिन्न राजनीतिक गैर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के लोगों के साथ साथ हजारों युवाओं ने अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

प्रशांत शर्मा का राजकीय सम्मान के साथ मुजफ्फरनगर शहर के काली नदी स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौके पर पहुंचे सेना के अधिकारियों राजनेताओं में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद प्रशांत शर्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित किए।

गौरतलब है कि 29 अगस्त को जम्मू कश्मीर के पुलवामा सेक्टर में एक आतंकी हमले में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए मुजफ्फरनगर के थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव खांजापुर निवासी प्रशांत शर्मा पुत्र शीशपाल शर्मा शहीद हो गए थे। शहीद प्रशांत शर्मा का परिवार जनपद बागपत के गांव बिजरोल का मूल निवासी है और शहीद के पिता शीशपाल शर्मा भारतीय सेना में अपनी सेवा दे चुके हैं। शहीद प्रशांत के परिवार में प्रशांत का भाई निशांत शर्मा उसकी मां और बहन मौजूद है।

परिजनों के अनुसार शहीद प्रशांत की शादी दिसंबर माह में होनी थी। घर में जिसकी तैयारियां शुरू हो चुकी थी और 3 दिन पहले शहीद प्रशांत कि अपने परिजनों से फोन पर लंबी वार्तालाप हुई थी। जिसमें शादी के प्रबंध को लेकर भी बातचीत की गई थी और एक या दो दिन बाद प्रशांत को छुट्टी लेकर घर आना था।

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