सेना भर्ती: सर्द रात में सड़कों पर भटकने को मजबूर हजारों युवा

सेना भर्ती: सर्द रात में सड़कों पर भटकने को मजबूर हजारों युवा
army recuritment rally

सेना भर्ती के लिए रोज हजारों युवा मुजफ्फरनगर पहुंच रहे हैं

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में नुमाइश मैदान में चल रही सेना की भर्ती में विभिन्न जनपदों से आने वाले युवाओं की भीड़ देखकर अपने आप ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि क्षेत्र के युवाओं के दिलों में देश सेवा का जज्बा कूट—कूट कर भरा है। हर रोज अलग—अलग जिलों के युवाओं को भर्ती के दौरान सभी मापदंड़ों को पूरा करना है जब जाकर भारतीय सेना के अधिकारी उन्हें देश सेवा की जिम्मेदारी में लगाएंगे मगर इस भर्ती प्रक्रिया से पहले ही सिस्टम की लापरवाही से दो चार होना पड़ रहा है। इन बेरोजगार युवाओं को प्रशासन की लापरवाही के कारण सर्दी के मौसम में कोहरे के बीच खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ रही है मगर इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।

चल रही सेना भर्ती

दरअसल जनपद मुजफ्फरनगर में दूसरी बार बेरोजगार नवयुवकों को सेना में भर्ती करने के लिए जनपद के नुमाइश मैदान में थल सेना ने भर्ती रैली आयोजित की है। 30 नवम्बर से 10 दिसम्बर तक चलने वाली इस सैनिक भर्ती में मुजफ्फरनगर सहित आस—पास के सात जनपदों मेरठ, बिजनौर, गाजियाबाद, सहारनपुर, बुलन्दशहर, हापुड़ से अभ्यर्थी आ रहे हैं। तड़के तीन बजे सेना के अधिकारी अभ्यर्थियों को चौधरी चरण सिंह स्पोटर्स स्टेडियम के अंदर लेना शुरू कर देते हैं।

रात भर सड़कों पर

युवक रात भर सड़कों पर टहल कर रात काट रहे हैं मगर इनकी इस समस्या को लेकर ना तो प्रशासन गंभीर है और ना ही जनपद का कोई राजनीतिक दल। इतना जरूर है कि केंद्रीय राज्य मंत्री डा. संजीव बालियान ने जरूर एक छोटा सा टेंट लगवाकर उसमें इनके सोने की व्यवस्था की है जिसमें कुछ ही युवक लेट सकते हैं। बाकी इधर—उधर सड़कों या दुकानों के सामने लेटकर रात काट रहे हैं। जिला प्रशासन की बात करें तो उनके तो दावे ही लंबे चौड़े हैं, मगर सच्चाई हम आपको दिखा रहे है कि किस तरह ये युवा रात काट रहे हैं।

सुबह होती है परीक्षा

सुबह छह बजे से इनकी शारीरिक परीक्षा शुरू होती है। सोलह सौ मीटर की रेस अभ्यर्थियों को पांच मिनट बीस सेकेंड में पूरी करनी होती है। इस रेस में लगभग 400 युवकों दौड़ाया जाता है जिसमें से केवल 12 नौजवानों को ही सलेक्ट किया जाता है उसके बाद उनके शारीरिक मापदंड जिसमें लम्बाई, चेस्ट और वजन चेक किया जाता है। अगर इन सब टेस्ट में अभ्यर्थी पास हो जाता है तो उसे आर्मी की भर्ती के लिए सलेक्ट कर लिया जाता है। अगर अभ्यर्थी इनमें से एक भी टेस्ट में फेल हो जाता है तो उसे बहार का रास्ता देखना पड़ता है।

केवल रजिस्ट्रेशन


इस भर्ती में अब तक लगभग 40 से 50 हजार युवक भाग ले चुके हैं जिसमें से सैकड़ों ही सलेक्ट हो पाये हैं। सीधी आर्मी भर्ती में कोई भी रजिस्ट्रेशन कराकर अपनी काबलियत के दम पर सेना में भर्ती हो सकता है इसीलिए इस भर्ती में गैर जनपद से रोज हजारों युवक भाग लेने पहुंच रहे हैं। अब आप ही अंदाजा लगा सकते हैं।
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