20 साल बाद मिली कैशियर को सजा सजा

बेला स्थित विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल के पूर्व कैशियर सुमंत कुमार चटर्जी को सरकारी राशि के गबन का दोषी करार दिया गया है। 

Juhi Mishra

August, 1502:29 PM

मुजफ्फरपुर। बेला स्थित विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल के पूर्व कैशियर सुमंत कुमार चटर्जी को सरकारी राशि के गबन का दोषी करार दिया गया है। चटर्जी को तीन वर्ष का कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा मिली है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार दीक्षित ने सजा सुनायी। मामला 20 वर्ष पुराना है। बिजली विभाग के तत्कालीन स्थानीय सहायक अभियंता रामसुदिन सिंह ने 27 सितंबर 1995 को सुमंत कुमार चटर्जी के खिलाफ बेला थाने में एफआईआर दर्ज करायी थी। एफआईआर में बताया कि सरकारी राशि के गबन को लेकर कैशियर के खिलाफ विभागीय जांच की गयी।

पता चला कि चार मई 1994 को पांच हजार 822 रुपये बैंक में जमा करने थे। कैशियर चटर्जी ने सिर्फ 822 रुपये ही बैंक में जमा किये, जबकि पांच हजार रुपये का गबन किया। इसके अलावा 29 नवंबर 1994 को मारुति आयरन एंड स्टील प्राइवेट कंपनी की ओर से आठ हजार 390 रुपये नगद राशि कैशियर को दिया गया। इस राशि को कैशियर ने चेक द्वारा बैंक में जमा दिखाया, जबकि बैंक में राशि जमा ही नहीं करायी गयी।
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Juhi Mishra
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