लहूलुहान सड़कें : जिले में हर साल सडक़ हादसों में जा रही 400 लोगों की जान

लहूलुहान सड़कें : जिले में हर साल सडक़ हादसों में जा रही 400 लोगों की जान
400 people killed in road accidents every year in the district Nagaur

Shyam Lal Choudhary | Publish: Oct, 06 2019 01:18:34 PM (IST) | Updated: Oct, 06 2019 01:18:35 PM (IST) Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

इस बार फिर बढ़ गई सडक़ दुर्घटनाओं की स्पीड, हादसों को रोकने के लिए पुलिस चलाएगी सडक़ सुरक्षा अभियान, यातायात नियमों की अवहेलन पर होगी सख्त कार्रवाई

400 people killed in road accidents every year in the district Nagaur नागौर. खस्ताहाल सडक़ें हो या फिर वाहन चालकों की लापरवाही, जिले की सड़कें लहूलुहान हो रही हैं, प्रतिदिन देशभर में 400 और राजस्थान में 29 लोग सडक़ हादसों में अपनी जान गंवा रह हैं। नागौर जिले में औसतन प्रतिदिन एक व्यक्ति से अधिक की मौत सडक़ दुर्घटनाओं में हो रही है। इस वर्ष 275 दिनों में 332 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो चुकी है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 310 था। एक ओर सरकार एवं पुलिस सडक़ हादसों में कमी लाने के प्रयास कर रही है, वहीं वाहन चालकों की लापरवाही व यातायात नियमों की अवहेलना से हादसों की स्पीड बढ़ रही है। अनाड़ी वाहन चालक ब्रेक के स्थान पर एक्सीलेटर को दबाए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस अपना काम करेगी और इसीलिए आगामी 14 से 23 अक्टूबर तक जिले में सडक़ सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा।

जनवरी से सितम्बर तक सडक़ हादसों की तुलनात्मक स्थिति
वर्ष - हादसे - मृतक - घायल
2017 - 511 - 332 - 490
2018 - 460 - 310 - 425
2019 - 494 - 332 - 486

  • गत छह वर्ष के सडक़ हादसे
    वर्ष - हादसे - मौतें - घायल
    2013 - 332 - 329 - 487
    2014 - 599 - 390 - 598
    2015 - 598 - 393 - 694
    2016 - 625 - 395 - 578
    2017 - 668 - 434 - 653
    2018 - 570 - 380 - 569
    (2018 के आंकड़े नवम्बर तक हैं।)

वर्ष 2014 के बाद नहीं रूकी हादसों की स्पीड
जिले में सडक़ हादसों की संख्या वर्ष 2014 में अचानक बढ़ोतरी हो गई। वर्ष 2013 में जहां पूरे साल में 332 हादसों में 329 लोगों की मौत हुई थी, जबकि अगले ही वर्ष सडक़ हादसों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई और 599 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 390 लोग मर गए, जबकि 598 घायल हो गए। इसके बाद हर वर्ष 600 से अधिक हादसे हो रहे हैं।

सडक़ हादसों के कारण
विशेषज्ञों के अनुसार सडक़ हादसे के मुख्य कारण विकट मोड़, सडक़ पर संकेतक नहीं होना, टूटी सडक़, नियम विरुद्ध बने स्पीड ब्रेकर, शराब पीकर वाहन चलाना, चालक का अपरिपक्व होना, ओवरटेकिंग करना तथा वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना आदि हैं।

14 से चलेगा अभियान, एसपी ने दिए निर्देश
पुलिस अधीक्षक डॉ. विकास पाठक ने 14 अक्टूबर से जिले में सडक़ सुरक्षा अभियान चलाने को लेकर नागौर व डीडवाना एएसपी व सभी डीएसपी को शनिवार को निर्देश जारी किए हैं। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात राजस्थान के पत्र का हवाला देते हुए एसपी पाठक ने सडक़ हादसों में कमी लाने के लिए अभियान के दौरान तेज गति से वाहन चलाने, लाल बत्ती का उल्लघंन, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करने, शराब पीकर वाहन चलाने तथा माल वाहक वाहन में यात्री बैठाने सहित अन्य नियमों का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही अभियान के दौरान शिक्षण संस्थाओं में यातायात नियमों की जानकारी देने के लिए भी कहा है।

सडक़ हादसों को रोकने के प्रभावी प्रयास करेंगे
जिले में सडक़ हादसों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। सडक़ हादसों में कमी लाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे, इसके लिए 14 से 23 अक्टूबर तक सडक़ सुरक्षा अभियान चलाया जाएगा। ओवरस्पीड से चलने वाले व यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों के लाइसेंस निरस्त करवाने की कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. विकास पाठक, पुलिस अधीक्षक, नागौर

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