7 सालों में एक दर्जन से अधिक की जान ले चुकी 6 किमी की सड़क

पत्रिका अभियान : गोगेलाव तक बने फोरलेन सड़क: कृषि मंडी से गोगेलाव तक की सड़क पर आए दिन होते हैं हादसे
- केन्द्रीय मंत्री की घोषणा के बावजूद नहीं मिला बजट

By: shyam choudhary

Published: 19 Sep 2021, 09:25 PM IST

नागौर. राष्ट्रीय राजमार्ग-89 की सडक़ पर नागौर शहर से गोगेलाव तक जिस गति से पिछले दस सालों में विकास हुआ है, उसके चलते इस सडक़ पर यातायात भार भी तेजी से बढ़ा है। खासकर जिला मुख्यालय का सरकारी अस्पताल, नागौर ब्लॉक की मॉडल स्कूल, कृषि महाविद्यालय, पॉलिटेक्नीक कॉलेज और अब केन्द्रीय विद्यालय शुरू होने से इस सडक़ पर दुपहिया व छोटे चार पहिया वाहनों की संख्या बढ़ गई है, जबकि हाइवे होने के कारण भारी वाहनों का यातायात पहले से है, ऐसे में यहां आए दिन हादसे होते हैं, जिनमें कई बार लोगों की अकाल मौतें भी होती हैं। जिला मुख्यालय का अस्पताल नए भवन में शिफ्ट होने के बाद पिछले सात सालों के सडक़ हादसों पर नजर डालें तो छह किलोमीटर के दायरे में (कृषि मंडी से गोगेलाव तक) 50 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जबकि एक दर्जन से अधिक लोगों की अकाल मौत हो चुकी हैं। अब तो इस रोड पर मेडिकल कॉलेज व न्यायालय को भी जमीन आवंटित कर दी गई है, ऐसे में आने वाले दिनों में यहां यातायात दबाव और अधिक बढ़ेगा, जिसको देखते हुए छह किलोमीटर की सडक़ को फोरलेन बनाना आवश्यक हो गया है। शहरवासियों का कहना है कि बीकानेर रोड पर हो रहे शहर के विकास एवं यातायात सुरक्षा को देखते हुए इस रोड को फोनलेन बनाया जाना चाहिए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लगे और आमजन को शहर तक आने-जाने में सुविधा मिले।

नागौर विधायक चौधरी हो चुके घायल
इस सडक़ पर स्थित कृषि कॉलेज के सामने करीब दो साल पहले नागौर विधायक मोहनराम चौधरी की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से वे गंभीर घायल हो गए थे। दरअसल, इस सडक़ के पश्चिमी दिशा में गोगेलाव कंजर्वेशन रिजर्व होने के कारण वन्य जीवों व मवेशियों का आना-जाना भी रहता है। डिवाइडर व अन्य अवरोधक नहीं होने से कई बार वन्य जीव व मवेशी सडक़ पर आ जाते हैं, जिसके चलते रात में दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं।

सडक़ हो चुकी पूरी तरह जर्जर
जोधपुर-बीकानेर रोड को जोडऩे के लिए बायपास बनने के कारण गोगेलाव से कृषि मंडी तक की सडक़ पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जबकि बीकानेर की ओर जाने वाले हल्के वाहनों के साथ भारी वाहन भी इसी सडक़ से होकर गुजरते हैं। इसमें लाडनूं, डीडवाना, अजमेर व जोधपुर की तरफ से आने वाले सभी वाहन इस सडक़ से निकलते हैं। पिछले करीब चार साल से सडक़ की मरम्मत नहीं होने से यह सडक़ जगह-जगह से टूट चुकी है। हालांकि दो दिन पहले मुख्य सचिव के दौरे को लेकर गड्ढ़ों को भरा गया, लेकिन कंकरी में डामर की मात्रा कम होने से पेचवर्क वापस उखडऩे लगे हैं।


कॉलोनीवासियों को होती है परेशानी
जेएलएन अस्पताल के पीछे बालवा रोड पर दो हजार से अधिक मकानों की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी हैं। बालवा रोड पर पॉलिटेक्निक कॉलेज, मॉडल स्कूल व अब केन्द्रीय विद्यालय संचालित होने से कॉलोनी में लोगों ने रहना शुरू कर दिया है, लेकिन शहर में आने-जाने के लिए क्षतिग्रस्त हाइवे पर हादसे का डर सताता है। इसके साथ यहां कई सरकारी कार्यालय, चिकित्सा एवं शिक्षण संस्थानों के चलते यातायात भार बढ़ा है, इसलिए केन्द्र सरकार को अपनी घोषणा का धरातल पर उतारना चाहिए, अन्यथा कॉलोनीवासी आंदोलन करेंगे।
- रामप्रकाश बिशु, अध्यक्ष, डॉ. भीमराव अम्बेडकर हाउसिंग बोर्ड विकास समिति, नागौर


फोरलेन सडक़ से रुकेंगे हादसे
बीकानेर रोड पर हो रहे विकास एवं यातायात भार को देखते हुए कृषि मंडी से गोगेलाव तक फोरलेन सडक़ बनाने की जरूरत है। बीकानेर रोड रीको के बाद अब गोगेलाव में भी रीको विकसित किया जा रहा है, इसके साथ यहां कई शिक्षण संस्थान एवं जिला मुख्यालय का सरकारी अस्पताल है, लेकिन सडक़ टूटी होने व भारी वाहनों की आवाजाही होने से लोगों को आने-जाने में डर लगता है।
- हीरालाल भाटी, उपाध्यक्ष, न्यू रीको विकास समिति, नागौर

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned