scriptA chock full of jails increased the difficulty, so forty prisoners wer | ठसाठस भरी जेल ने बढ़ाई मुश्किल तो चालीस बंदी को अजमेर भेजा | Patrika News

ठसाठस भरी जेल ने बढ़ाई मुश्किल तो चालीस बंदी को अजमेर भेजा



पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नागौर. विचाराधीन बंदियों से ठसाठस नागौर जेल को कुछ राहत मिली है। बुधवार को यहां के चालीस बंदी अजमेर जेल स्थानांतरित किए गए । लंबे समय से इसके लिए मुख्यालय तक गुहार की जा रही थी।

नागौर

Updated: September 14, 2022 09:14:02 pm

सूत्र बताते हैं कि जिन चालीस बंदियों को अजमेर जेल भेजा गया, उनमें दस सजायाफ्ता हैं। सुबह करीब दस बजे दो बसों में इन्हें अजमेर जेल भेजा गया। असल में नागौर जिला जेल में बंदियों की क्षमता केवल 69 है, लेकिन पिछले दो-तीन महीने से इनकी संख्या दो सौ तक कई बार पहुंच चुकी। कभी 190 तो कभी 195 बंदियों को रखना जेल प्रशासन के लिए मुश्किल हो रहा था। पुरुष जेल में सिर्फ चार बेरक हैं, जिनमें आमतौर पर 15 से बीस बंदी रह सकते हैं। पोक्सो कोर्ट खुलने अथवा इन दिनों आपराधिक वारदातों में पकड़े जाने वालों की संख्या इतनी बढ़ गई कि हालत काबू से बाहर होते जा रहे थे। महिला जेल की सिर्फ छह बंदी की क्षमता है, लेकिन यहां भी पंद्रह-सोलह तक संख्या पहुंची। यही वजह रही कि यहां बंदी कमला उर्फ कोमल और सरोज ने एक महिला बंदी से अभद्रता की। बीच-बचाव में आई महिला प्रहरी सरिता और कमला से मारपीट की। इस बाबत कोतवाली थाने में भी मामला दर्ज हुआ।
मुश्किल में जेल प्रबंधन को मिली राहत
-पत्र लिखकर बताई थी समस्या
जेलर राज महेंद्र ने बंदियों की बढ़ती संख्या के चलते मुख्यालय को भी पत्र लिखा। बेरक ठसाठस होने के बाद आसपास की खाली जगह भी बंदियों को रखा जाने लगा। बताया जाता है कि संख्या की अधिकता को देखते हुए मुख्यालय ने कुछ बंदियों को अजमेर जेल भेजे जाने के आदेश दिए। इस पर बुधवार की सुबह दो बस में चालीस बंदी बैठकर अजमेर जेल रवाना हुए। गौरतलब है कि कोरोना में भी तीन बार अलग-अलग संख्या में बंदियों को बीकानेर जेल भेजा गया था।
अधर में है प्रस्ताव

नई जेल के लिए जमीन की स्वीकृति मिल चुकी है। बावजूद इसके बनने में अभी लंबा समय लगने वाला है, क्योंकि इसके लिए बजट तक नहीं मिल पाया। इधर, पोक्सो कोर्ट खुलने से भी बंदियों की संख्या बढ़ गई। ऐसे में नागौर जिला जेल छोटा पडऩे लगा है। डिप्टी जेलर जय सिंह समेत गिना-चुना स्टाफ व्यवस्था सुधारने में कम पड़ रहा है।
इनका कहना

इन दिनों नागौर जेल में बंदियों की संख्या दो सौ के पास पहुंच रही थी, यहां की क्षमता 69 है। इस स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर बुधवार को चालीस बंदी अजमेर जेल शिफ्ट किए गए।
-राजमहेंद्र, जेलर नागौर जेल

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

Indian Navy और NCB का समंदर में बड़ा एक्शन, पाकिस्तानी नाव से जब्त की 200 किलो हेरोइनआतंकवाद और सांप्रदायिक हिंसा के कारण पाकिस्तान यात्रा पर फिर से करें विचार, अमरीका ने जारी की एडवाइजरीदिल्ली शराब नीति घोटाला: दिल्ली-पंजाब-हैदराबाद में 35 ठिकानों पर ED के छापेMumbai News: मुंबई में 120 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त, NCB ने एयर इंडिया के पूर्व पायलट सहित छह लोगों को किया गिरफ्तारकफ सीरीप से 66 मौतें: भारत में सप्लाई के लिए फार्मा कंपनी के पास नहीं था लाइसेंस, 10 जरूरी अपडेटफिर लुढ़का रुपया, पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 82.20 के निचले स्तर पर, शेयर मार्केट में भी गिरावटअलीगढ़: AMU के हिन्दू छात्र ने लगाए गंभीर आरोप, तमंचे की नोंक पर लगवाये जाते है पाकिस्तान जिंदाबाद के नारेअभिनेता अरुण बाली का मुंबई में हुआ निधन, आखिरी बार लाल सिंह चड्ढा में आए थे नजर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.