नहरबंदी के दौरान उत्पन्न होगी पेयजल संकट की स्थिति, मितव्ययिता बरतने की अपील

जलभराव क्षमता और पेयजल सप्लाई की कार्ययोजना जारी

By: shyam choudhary

Published: 20 Feb 2021, 10:01 PM IST

नागौर. इंदिरा गांधी नहर की मरम्मत व रखरखाव को लेकर आगामी 10 मार्च से होने वाली नहरबंदी के बाद शहर सहित जिले में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, क्योंकि इस बार सबसे लम्बी नहर बंदी होने वाली है। इसके साथ वर्तमान में इंदिरा गांधी नहर बीकानेर के अधीक्षण अभियंता वृत से बहुत कम जलापूर्ति होने के कारण नागौर पेयजल के लिए बने रिजरवायरों का स्तर लगातार कम होने तथा नहर बंदी आरंभ होने से पूर्व नागौर पेयजल के लिए बने दोनों रिजरवायरों को पूर्ण क्षमता तक भरवाने के लिए गत 18 फरवरी को बैठक रखी गई।

नागौर परियोजना के अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा ने बताया कि नहर विभाग ने सरहिंद फीडर व इंदिरा गांधी फीडर के पंजाब क्षेत्र में पाइपिंग से कटाव की स्थिति बनने से जलापूर्ति बाधित बताई तथा इस समय किसानों की मांग अधिकतम होने से तत्काल अतिरिक्त जल उपलब्ध करवाने में असमर्थता जताई है। साथ ही यह आश्वासन दिया कि किसानों की मांग कम होते ही नागौर के रिजरवायरों को समुचित जलापूर्ति आरंभ कर नहरबंदी से पूर्व पूर्ण क्षमता तक भरवा दिया जाएगा।

एसई शर्मा ने बताया कि नागौर पेयजल सिस्टम की अधिकतम जल उठाने की क्षमता ही 180 क्यूसेक है, ऐसे में इससे अधिक जल देने का उपयोग नहीं हो पाएगा तथा इसी क्षमता व खाली रिजरवायरों की क्षमता के अनुरूप नहरबंदी से पूर्व समुचित जल उपलब्ध करवाना होगा। उन्होंने बताया कि यदि नागौर के जलाशयों में एक मीटर का जलस्तर रहता है तो बाकी 5-5 मीटर के खाली जलाशयों को 180 क्यूसेक से भरने में ही 35 दिन का समय लगेगा। जिस पर नहर विभाग ने इसी अनुसार जल उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की हां भरी है।

इन बातों पर देंगे ध्यान तो कम होगी किल्लत
अधीक्षण अभियंता अजय शर्मा ने बताया कि नागौर में 70 दिनों की नहर बंदी को लेकर की गई तैयारी के तहत कुछ निर्णय लिए गए हैं, जिनकी पालना की गई तो आमजन को परेशानी नहीं होगी। शर्मा ने कहा कि अभी से ही हर सप्ताह में एक दिन पेयजल आपूर्ति बंद रखी जाए। जैसे जोधपुर कर रहा है, ताकि नागौर के रिजरवायर्स पूरे भरे जा सकें। लीकेज तत्काल व प्रभावी रूप से ठीक किए जाते रहें। सडक़ों आदि पर पेयजल का छिडक़ाव बंद करें, गाडिय़ों को धोने के लिए पेयजल काम ना लिया जाए। कोई भी नल बिना टोंटी के ना हो तथा उपयोग के तुरंत बाद टोंटी को आवश्यक रूप से बंद किया जाए। उन्होंने सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया है कि फ्लोमीटर चालू रखें, पाइप लाइनों की पेट्रोलिंग प्रभावी रूप से करें, व स्वीकृत मात्रा ही पानी उपलब्ध करवाएं।

shyam choudhary Reporting
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