विज्ञापनों की चमक के आगे फीका नागौर शहर का सौन्दर्य

नागौर शहर के सौन्दर्य पर विज्ञापनों का दाग, पोस्टर व बैनर से अटे सरकारी भवन व दीवारें , कागजों में हो रही नियमों की पालना

By: Dharmendra gaur

Published: 23 May 2018, 07:08 AM IST

नागौर. विज्ञापनों की चमक शहर का सौन्दर्य फीका कर रही है। नगर परिषद व जिला प्रशासन की ओर से शहर के सौन्दर्यीकरण की योजनाओं पर करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद विज्ञापन 'प्रदूषण' के चलते शहर का सौन्दर्य बिगड़ रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय राजमार्गो पर लगे संकेतकों व ऐतिहासिक धरोहरों पर कुछ लोगों की ओर से अपने निजी स्वार्थ के लिए चस्पा किए गए पोस्टर व पम्पलेट व्यवस्थाओं का मखौल उड़ाते नजर आ रहे हैं। राजस्थान संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम-2006 के तहत कार्रवाई का प्रावधान होने के बावजूद नगर परिषद अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता
कोचिंग संस्थान, निजी स्कूल व निजी अस्पताल संचालक प्रचार सामग्री व पोस्टर चिपकाकर स्मारकों व सरकारी भवनों की सूरत ही बदल देते हैं। पोस्टर चिपकाने का काम आधी रात बाद होता है, लेकिन रात्रि में गश्त करने वाले पुलिसकर्मी भी ऐसे लोगों की अनदेखी कर देते हैं। परिषद अधिकारियों की अनदेखी के चलते ऐसे लोगों के हौसले बुलंद हैं। शहर में सरकारी स्कूलों की दीवारों पर भी निजी स्कूलों के विज्ञापन नजर आ जाते हैं। स्कूल जाते व आते समय दिन भर बच्चों की नजर इन विज्ञापनों पर पड़ती है। जिला कलक्टर की ओर से कार्रवाई के आदेश के बावजूद केवल औपचारिकता होती है।

शहीद स्मारक को नहीं छोड़ते
आलम यह है कि पोस्टर व पम्पलेट चिपकाने वाले लोग राष्ट्रीय राजमार्ग व मुख्य सड़कों पर खड़े संकेतकों पर लगे नाम ही दबा देते हंै। ऐसे में बाहर से आने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। शहर में बिजली के खम्भों पर पोस्टर लगाकर खतरा मोल लेने से नहीं चूकते। यहां तक कि शहर के मूण्डवा चौराहे पर बने शहीद स्मारक को भी लोगों ने प्रचार-सामग्री से पाट दिया है। कॉलेज के छात्र संघ चुनाव के समय पूरे शहर में पोस्टर व बैनर की भरमार होती है। हर ओर विज्ञापनों की बाढ़ नजर आती है। नगर परिषद गत एक साल में एक दर्जन प्रकरण भी दर्ज नहीं करवा सकी।

जारी किए हैं नोटिस
नगर परिषद ने ऐसे लोगों को सम्पत्ति विरुपण अधिनियम के तहत नोटिस जारी किए गए हैं और आगे भी यह प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी।
धर्मपाल जाट, आयुक्त, नगर परिषद नागौर

Dharmendra gaur Reporting
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