Nagaur patrika news.रेलवे स्टेशन से अहिंसा सर्किल का किराया 50 रुपए

Nagaur patrika news-बेखौंफ दौड़ते ऑटो चालकों का किराया भी हुआ बेलगाम
-शहर ही नहीं, बल्कि जिले भर में मनमर्जी के किराए की दर वसूल रहे ऑटो वाहन चालक
-रात में गलती से मूण्डवा चौराहा के आसपास या रेलवे स्टेशन अथवा सूनसान रास्ते पर फंसे तो तो फिर दोगुनी दर देनी पड़ेगी
-किराए को लेकर ऑटो वाहनों से उलझे तो न कही सुनवाई होगी, न कोई लेकर जाएगा, फिर पैदल ही नापनी पड़ेगी गंतव्यों की दूरी, इस तरह की मनमर्जी से परेशान आम

By: Sharad Shukla

Updated: 20 Nov 2020, 09:14 PM IST

नागौर. अगर आपको रेलवे स्टेशन से रात में अहिंसा सर्किल तक जाना है तो फिर किराया पूरे 50 रुपए देने पड़ेंगे। ज्यादा किराया की हीलाहवाली की तो फिर इस किराए की दर बढ़ती जाएगी! यह स्थिति अकेले नागौर की नहीं, बल्कि पूरे जिले की है। स्थिति यह है कि जिले की सडक़ों का बेखांैफ सीना रौंदते सवारी ऑटो वाहन चालकों पर कार्रवाई करना तो दूर की बात है, इनकी ओर से लिए जाने वाले मनमाने किराए की दर पर लगाम नहीं लगाया जा सका। जबकि पूर्व कलक्ट्रेट में हुई बैठक में इसकी पालना करने की हामी जिम्मेदारों ने भरी थी। जिले के नागौर, परबतसर, मकराना, कुचामन, डेगाना, डीडवाना, लाडनू, जायल एवं मेड़ता आदि क्षेत्रों की सडक़ों पर चलते यह ऑटो वाहनों का किराया भी बेलगाम हो चुका है। इनकी मनमर्जी के किराए दर से आमजन हैरान-परेशान होने लगे हंै। इस संबंध में कइयों ने शिकायतें भी की, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। अकेले नागौर शहर में दो हजार से अधिक ऑटो सडक़ों पर दौड़ रहे हैं। जिले में यह आंकड़ा तकरीबन दस हजार तक पहुंच जाता है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह सब गड़बड़झाला मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं है। यही वजह है कि शिकायतें किए जाने के बाद भी अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होती है। जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी का कहना है कि किराया सूची नगर परिषद में भेजी जा चुकी है। ट्रेफिक इंचार्ज शिवदेवराम का कहना है कि प्रकरण सामने आने पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन अब तक कितनों पर कार्रवाई हुई का जवाब अधिकारियो के पास नहीं मिला।
रात्रि में होती है हालत ज्यादा खराब
ऑटो चालकों की मनमर्जी की वजह से यात्रियों को सर्वाधिक दिक्कतें रात्रि में ही होती है। रात्रि में कोई संसाधन नहीं होने के साथ ही चालकों की परस्पर सांठगांठ के कारण जिसको ऑटो से जाना है, उसे उनकी इच्छानुसार किराया देना ही पड़ता है। विशेषकर रात्रि में 12 बजे के बाद तो सडक़ों पर इनका ही राज चलता है। स्थिति यह है कि एक ऑटो चालक ने आपसे अगर 100 रुपए मांग लिए तो फिर दूसरा ऑटो चालक 99 रुपए में भी नहीं जाएगा। इस मामले में यात्रियों की ओर से किराए में रियायत किए जाने की बात कहे जाने पर कह दिया जाता है कि, अब आपको कोई भी नहीं पहुंचाएगा, आप तो पैदल ही चले जाइये।
परिवहन विभाग ने झाड़ा पल्ला
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभिन्न गंतव्यों के लिए निर्धारित की गई किराए की सूची पहले ही नगरपरिषद को भेजी जा चुकी है। जिला परिवहन अधिकारी ओमप्रकाश चौधरी ने इसकी पुष्टी करते हुए बताया कि अब सूची चस्पॉ कराने का काम नगरपालिका की ओर से किया जाना है। किराए की सूची लगने के बाद भी यह सब चलता रहा तो क्या कार्रवाई होगी, इस पर अधिकारी जवाब देने से साफ कतराते हैं। बताया जाता है कि प्रति किलोमीटर के हिसाब से परिवहन विभाग की ओर से किराया सूची जो भेजी गई है वह केवल रिजर्व श्रेणी के किराए के दर की है। इस सूची के हिसाब से भी किराया लिया तो फिर रात्रि में यात्रियों को परेशानी नहीं हो।

Sharad Shukla Reporting
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