scriptAlong with telling the importance of language, Sanskrit teachers are a | भाषा का महत्व बताने के साथ संस्कार की अलख जगा रहे संस्कृत शिक्षक | Patrika News

भाषा का महत्व बताने के साथ संस्कार की अलख जगा रहे संस्कृत शिक्षक

प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय में चल रही कार्यशाला

नागौर

Published: September 14, 2022 04:48:01 pm


नागौर. संस्कृत भाषा के प्रति लोगों में दिलचस्पी जगाने के साथ भाषाई महत्ता समझाने के लिए संस्कृत शिक्षक प्रयत्नशील हैं। इसके लिए वे विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाने के साथ ही उनमें संस्कृत के प्रति गर्वित भाव जगाने में लगे हुए हैं। साथ ही ग्रामीणों को भी इसका वैज्ञानिक महत्व बताने के प्रयास कर रहे हैं, ताकि संस्कृत भाषा को सीखने, समझने की प्रवृति के साथ संस्कारित समाज का निर्माण हो सके। यह विचार राजकीय बालिका प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय में चल रही कार्यशाला में आए संस्कृत शिक्षकों ने पत्रिका से बातचीत में साझा किए।
भाषा का महत्व बताने के साथ संस्कार की अलख जगा रहे संस्कृत शिक्षक
संस्कृत शिक्षक
भाषा का ज्ञान होगा तो बनेंगे वैज्ञानिक

संस्कृत विश्व की न केवल सभी भाषाओं की जननी है, बल्कि यह वैज्ञानिक दृष्टकोण का निर्माण भी करने का कार्य करती है। प्रत्येक व्यक्ति को संस्कृत भाषा समझनी एवं सीखनी चाहिए। ऐसा होगा तो न केवल हजारों वर्षों पुरानी हमारी संस्कृति फिर से गौरव के शीर्ष पर पहुंचेगी, बल्कि वैज्ञानिक रूप से भारत दुनिया का सबसे समृद्ध देश बनेगा।
श्रवण कुमार जाट, संस्था प्रधान, राजकीय बालिका प्रवेशिका संस्कृत विद्यालय ,ताऊसर

संस्कृत पढ़ेंगे बच्चे बढे़गा बच्चों का बौद्धिक स्तर

संस्कृत भाषा पठन-पाठन की तकनीकियों के साथ बच्चों को भी इससे रूबरू कराएंगे। कहने का अर्थ यह है कि बच्चे तो संस्कृत पढ़ेंगे ही, इस भाषा की विशेषताओं को भी आत्मसात करेंगे। इसके लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। ऐसा करने पर बच्चे न केवल बौद्धिक रूप से बेहद मजबूत, बल्कि संस्कारवान होकर निकलेंगे तो निश्चित रूप से देश उन्नति के पथ पर बढ़ेगा।
सलीम मिरासी, संस्कृत विद्यालय, मारवाड़ मूण्डवाप्राचीन संस्कृत ग्रंथों की विशेषताओं से परिचित होना होगा

प्राचीन ग्रंथों में चिकित्सकीय सहित समस्त विधाओं का ज्ञान भरा हुआ है। इस ज्ञान से अब तक अधिकांश लोग अपरिचित हैं। विडंबनापूर्ण स्थिति है कि देववाणी के रूप में मानी जाने वाली संस्कृत भाषा के इस देश में आज अंग्रेजी का बोलबाला है। अंग्रेजी मानसिकता की गुलामी के कारण ही आज हम प्रत्येक क्षेत्र में विदेशियों का अनुकरण कर रहे हैं। यह वास्तव में दुखद है।
नंदकिशोर शर्मा, संस्कृत विद्यालय, मेघवालों की ढाणी।

विश्व ने स्वीकारा संस्कृत भाषा का महत्व

अब तो पूरा विश्व संस्कृत भाषा का महत्व स्वीकारने लगा है। आज विदेशों में भारत के प्राचीन ग्रंथों पर शोध हो रहे हैं। इसके बाद भी अपने देश में न तो जन जाग्रत हुआ है, और न ही व्यवस्थाओं को संचालित करने वाली सरकारें। संस्कृत के प्रचार-प्रसार एवं विद्यालयों को सुविधायुक्त करने में सरकारों ने बेहद कंजूसी दिखाई है। यह स्थिति उस समय है, जबकि दुनियों के वैज्ञानिक इस भाषा की महत्ता को स्वीकार कर चुके हैं।
रामनिवास, संस्कृत विद्यालय, गागुड़ा।

सबसे लोकप्रिय

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Weather Update: राजस्थान में बारिश को लेकर मौसम विभाग का आया लेटेस्ट अपडेट, पढ़ें खबरTata Blackbird मचाएगी बाजार में धूम! एडवांस फीचर्स के चलते Creta को मिलेगी बड़ी टक्करजयपुर के करीब गांव में सात दिन से सो भी नहीं पा रहे ग्रामीण, रात भर जागकर दे रहे पहरासातवीं के छात्रों ने चिट्ठी में लिखा अपना दुःख, प्रिंसिपल से कहा लड़कियां class में करती हैं ऐसी हरकतेंनए रंग में पेश हुई Maruti की ये 28Km माइलेज़ देने वाली SUV, अगले महीने भारत में होगी लॉन्चGanesh Chaturthi 2022: गणेश चतुर्थी पर गणपति जी की मूर्ति स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त यहां देखेंJaipur में सनकी आशिक ने कर दी बड़ी वारदात, लड़की थाने पहुंची और सुनाई हैरान करने वाली कहानीOptical Illusion: उल्लुओं के बीच में छुपी है एक बिल्ली, आपकी नजर है तेज तो 20 सेकंड में ढूंढकर दिखाये

बड़ी खबरें

Indian Navy और NCB का समंदर में बड़ा एक्शन, पाकिस्तानी नाव से जब्त की 200 किलो हेरोइनआतंकवाद और सांप्रदायिक हिंसा के कारण पाकिस्तान यात्रा पर फिर से करें विचार, अमरीका ने जारी की एडवाइजरीदिल्ली शराब नीति घोटाला: दिल्ली-पंजाब-हैदराबाद में 35 ठिकानों पर ED के छापेMumbai News: मुंबई में 120 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्त, NCB ने एयर इंडिया के पूर्व पायलट सहित छह लोगों को किया गिरफ्तारकफ सीरीप से 66 मौतें: भारत में सप्लाई के लिए फार्मा कंपनी के पास नहीं था लाइसेंस, 10 जरूरी अपडेटफिर लुढ़का रुपया, पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 82.20 के निचले स्तर पर, शेयर मार्केट में भी गिरावटअलीगढ़: AMU के हिन्दू छात्र ने लगाए गंभीर आरोप, तमंचे की नोंक पर लगवाये जाते है पाकिस्तान जिंदाबाद के नारेअभिनेता अरुण बाली का मुंबई में हुआ निधन, आखिरी बार लाल सिंह चड्ढा में आए थे नजर
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.