Video : ‘अमृत प्रोजेक्ट का काम शहर के लिए बना मुसीबत, तीन साल में एक भी जोन पूरा नहीं’

नगर परिषद द्वारा बुलाई गई बैठक में नहीं पहुंचे पूरे अधिकारी, जो आए उनके जवाब सुनकर पार्षद हुए खफा
- शहर में जलापूर्ति की व्यवस्था से नगर परिषद को मुक्त करने का लिया प्रस्ताव, सरकार को भेजेंगे

By: shyam choudhary

Published: 20 Feb 2021, 10:51 AM IST

नागौर. शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को नगर परिषद बोर्ड द्वारा बुलाई गई बैठक में पार्षदों ने अमृत परियोजना व जलदाय विभाग के अधिकारियों व ठेकेदार पर जमकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। सभापति मीतू बोथरा ने सभी 60 वार्डों के पार्षदों से एक-एक कर अपनी समस्याएं बताने के लिए कहा, जिस पर अधिकत्तर पार्षदों ने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि उनके वार्ड में न तो नियमित जलापूर्ति होती है और ना ही प्रेशर से पानी आता है। इसके साथ आए दिन पाइप लाइनों से दूषित व बदबूदार पानी आता है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं व टैंकरों से पानी मंगाना पड़ा है। सभापति बोथरा ने अधिकारियों से कहा कि सभी पार्षदों की एक ही समस्या है- अनियमित, दूषित व कम प्रेशर से पानी की सप्लाई। इसलिए इस समस्या का अति शीघ्र समाधान किया जाए।

पार्षद नवरत्नमल बोथरा ने अमृत प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट मैनेजर राधाकिशन से सवाल करते हुए पूछा, क्या शहर में एक भी ऐसा जोन है जिसका काम आपने पिछले 3 साल में पूरा किया है? प्रोजेक्ट मैनेजर राधाकिशन ने जवाब देते हुए कहा, ‘हां है, हनुमान बाग।’ इस पर पीएचईडी जेईएन का काम देख रहे माणकचंद सांखला ने कहा, ‘नहीं, हनुमान बाग में भी एक कॉलोनी बची हुई है।’
पार्षद बोथरा ने बैठक में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि अधिकारियों ने एक भी पार्षद के सवाल का संतोषजनक जवाब नहीं दिया है, कई तो बैठक में भी नहीं आए। इनकी लापरवाही से नगर परिषद बोर्ड की छवि जनता में खराब हो रही है, इसलिए बोर्ड द्वारा प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा जाए कि नगर परिषद को इस जिम्मेदारी से मुक्त किया जाए, जिसका सभी पार्षदों ने समर्थन किया।

प्रेम नगर के रहवासी ‘प्यासे’
जलापूर्ति को लेकर आयोजित बैठक में वार्ड एक के पार्षद गोविंद कड़वा ने कहा कि प्रेमनगर के रहवासी दो साल से पानी मांग रहे हैं और अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। कड़वा ने पाइपलाइन बिछाकर लोगों को पानी पिलाने, शिवाजी कॉलोनी के सभी घरों में पानी पहुंचाने, वार्ड में लीकेज सुधारने की मांग की। वार्ड चार के पार्षद ललित लोमरोड़ ने अमरसिंह कॉलोनी में जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने, पार्षद भजनसिंह ने बीएसएनल कार्यालय के पीछे कच्ची बस्ती में पानी की आपूर्त सही करने, पूर्व पार्षद हरिराम जाखड़ ने कंसारा का मोहल्ले में पानी सप्लाई सुधारने की मांग की। वार्ड 11 में प्रणय गहलोत ने पानी की आपूर्ति नियमित करने की मांग की। वार्ड 19 की पार्षद राजलक्ष्मी आचार्य ने पानी आपूर्ति का समय निर्धारित करने व पार्षद भरत टाक ने हाउसिंग बोर्ड में लाइन बिछाने के बावजूद तीन साल बाद भी अमृत प्रोजेक्ट की लाइन से कनेक्शन नहीं करने की शिकायत करते हुए कारण पूछा तो प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि कार्य प्रगति पर है और कोई कारण नहीं है।


छह किमी लाइन बिछानी बाकी है और पूरा शहर परेशान है
पूर्व नगर परिषद निरीक्षक नरेन्द्र चौधरी ने प्रोजेक्ट मैनेजर से सवाल करते हुए पूछा कि अमृत प्रोजेक्ट में कुल कितनी लाइन बिछानी है और कितनी बिछा दी? इस पर प्रोजेक्ट मैनेजर ने कहा कि 211 किलोमीटर लाइन बिछाई जानी है, जिसमें 205 किमी बिछा दी। इस पर चौधरी ने कहा कि अब छह किमी लाइन बिछानी शेष है, इसके बावजूद न तो शहर में जलापूर्ति सही हो पाई है और न ही वंचित कॉलोनियों को जोड़ा गया है, ऐसे में छह किलोमीटर से कितने क्षेत्र जुड़ेंगे।

नई व पुरानी दोनों लाइनों में जा रहा है पानी
बैठक में अधिकारियों के जवाब से यह सामने आया कि 50 करोड़ की योजना के बावजूद शहर को न तो नियमित रूप से जलापूर्ति हो पा रही है और ना ही लोगों को शुद्ध पानी मिल रहा है। जबकि अमृत प्रोजेक्ट का उद्देश्य ही नागौर शहर को शुद्ध व नियमित रूप से जल आपूर्ति करना था, लेकिन 3 साल बाद भी शहर का एक भी जोन कंप्लीट नहीं हुआ है और खास बात यह है कि पुरानी व नई दोनों लाइनों में पानी जा रहा है, जिससे पानी की बर्बादी हो रही है और जनता पानी के लिए दर-दर भटक रही है, इसके बावजूद अधिकारी गंभीर नहीं है। कई जगह नई लाइनें चालू कर दी, लेकिन पुरानी को बंद नहीं किया।

घरों में पानी आ नहीं रहा तो कहां जा रहा?
पार्षद ओमप्रकाश सांखला ने कहा कि सभी पार्षद कह रहे हैं कि उनके वार्डों में पानी आ नहीं रहा है तो पानी जा कहां रहा है? उन्होंने सवालों की झड़ी लगाते हुए कहा, ‘शहरी जल प्रदाय योजना के अधिकारी कहां है? अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं, यह कब तक चलेगी? इसमें इतनी लापरवाही क्यों?’ सांखला ने यहां तक आरोप लगाए कि शहर में विभाग के 95 कर्मचारी हैं, लेकिन हाजरी लगाकर ताश खेलने चले जाते हैं। उन्होंने जेईएन माणक सांखला से कहा कि पाणी की सप्लाई सही दे दो, आपके साढू के भी पानी नहीं आ रहा। बैठक में पार्षद मुजाहिद, मकबुल अंसारी सहित कई पार्षदों ने पानी की समस्या रखी।

shyam choudhary Reporting
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