गुस्साए ग्रामीणों ने भावण्डा थाने में रखा युवक का शव, किया घेराव

खींवसर( nagaur). ग्राम भावण्डा में गत एक अक्टूबर को संगीन मारपीट में घायल युवक की मंगलवार को मौत होने पर बुधवार को शव भावण्डा पहुंचने पर ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस की मौजूदगी में जबरन शव को थाने में ले जाकर रख दिया। थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित भीड़ ने थाने में घुसने के प्रयास में मुख्यद्वार के फाटक को तोडकऱ फेंक दिया। पुलिस ने उन्हें हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा।

By: Ravindra Mishra

Published: 13 Oct 2021, 10:13 PM IST

भीड़ ने पुलिस थाने का गेट तक तोड़ा

- दर्जनभर पुलिस थानों का जाप्ता रहा मौके पर तैनात

- विधायक ने लगाया पुलिस पर कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर काम करने का आरोप

- घायल युवक की मौत से ग्रामीणों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश

- देर रात तक थाना परिसर में जमे रहे ग्रामीण व परिजन

- देर रात तक रहा धरना जारी

- गत एक अक्टूबर को मारपीट में घायल हुआ था युवक

ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश को देख नागौर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित करीब दर्जनभर पुलिस थानों के थानाधिकारियों सहित भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। ग्रामीणों व परिजनों की विभिन्न मांगों को लेकर देर रात तक धरना जारी रहा।

ग्रामीणों का आरोप था कि युवक के साथ संगीन मारपीट की रिपोर्ट दर्ज होने के बारह दिन बाद भी पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से आरोपी खुलेआम बाहर घूम रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से कई बार समझाइश के प्रयास किए लेकिन ग्रामीण नहीं माने और लगातार आरोपियों को गिरफ्तार करने व थानाधिकारी को निलम्बित करने की बात पर अड़े रहे। शाम को मौके पर पहुंचे विधायक नारायण बेनीवाल ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज करवाने के बारह दिन बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना पुलिस की आरोपियों के साथ मिलीभगत को साफ जाहिर करता है। पुलिस की निष्क्रियता की कीमत एक परिवार को अपना इकलौता बेटा गंवाकर चुकानी पड़ रही है। इस घटना से पुलिस की असंवदेनशीलता सामने आई है। पुलिस सरकार के बड़े नेताओं के साथ मिलकर अपराधियों का श्रेय देने का काम कर रही है जिससे प्रदेशभर में नागौर पुलिस की छवि खराब हो रही है।

भारी जाप्ता रहा तैनात

सुरक्षा को लेकर थाने पर पुलिस का भारी जाप्ता तैनात किया गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा, नागौर पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सीपा, मूण्डवा पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार सांखला, मेड़ता पुलिस उपाधीक्षक विक्रमसिंह, भावण्डा थानाधिकारी शंकरलाल मीणा, खींवसर थानाधिकारी गोपालकृष्ण, पांचौड़ी थानाधिकारी अब्दुल रऊफ, मूण्डवा थानाधिकारी बलदेवराम, कुचेरा थानाधिकारी राजपालसिंह, पादू थानाधिकारी अशोक बिसु, गोटन थानाधिकारी सुखराम सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा।

यह है मांगे

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में बताया कि भावण्डा पुलिस का आमजन की प्रति रैवया काफी खराब है। आरोपियों से सांठ-गांठ के क्षेत्र में अपराधों को बढ़ावा दे रही है। रिपोर्ट दर्ज होने के 12 दिन बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच करने, आरोपियों को पकडऩे, वृताधिकारी को हटाने, थानाधिकारी को तत्काल सस्पेंड करने, थाने के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने तथा मृतक के परिवार को 20 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की।

देर रात तक दबिशें जारी

घायल युवक की मौत के बाद मामला बढऩे पर पुलिस ने टीमें गठित कर कई स्थानों पर दबिशें दी। लेकिन देर रात तक एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा । बाद में परिजनों द्वारा शव नहीं लेने पर पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देश पर वृताधिकारियों के नेतृत्व में कई थानाधिकारियों की टीमें बनाकर देर रात तक आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिशें दी गई । वृताधिकारी विनोद कुमार सीपा ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही है।

यह था मामला

भावण्डा निवासी सुनील उर्फ सोनू गत एक अक्टूबर को भावण्डा के जोगीमगरा क्षेत्र में स्थित एक धर्मकांटे पर खड़ा था। इस दौरान पुरानी रंजिश के चलते एक कैम्पर में सवार होकर आए भावण्डा के शोभाराम पुत्र रामनिवास जाट, महिपाल पुत्र रामनिवास जाट, सीयाराम पुत्र हरसुखराम जाट, कानाराम पुत्र बक्साराम जाट, जितेन्द्र पुत्र बद्रीराम जाट, महेन्द्र पुत्र बाबूराम जाट, सुरेश पुत्र बाबूराम जाट, बाबूलाल पुत्र हरसुखलाल जाट, छैलाराम पुत्र ओमप्रकाश सुथार व माणकपुर के जीतू बांता ने लाठियों और सरियों से सुनील के साथ संगीन मारपीट की। जिससे वह गंभीर घायल हो गया। उसके पिता शिवराम पुत्र गोपाराम जाट ने भावण्डा पुलिस थाने में हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मामला दर्ज करवाया था। सुनील की मंगलवार को अहमदाबाद में इलाज के दौरान मौत हो गई।

Ravindra Mishra
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