पशु मेला विश्वस्तर का और, बजट के लिए एक धेला नहीं, मेला है या मजाक

Sharad Shukla

Publish: Feb, 11 2019 12:47:26 PM (IST) | Updated: Feb, 11 2019 12:47:27 PM (IST)

Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

Nagaur.नागौर में लगे रामदेव पशु मेले के लिए मिलने वाला बजट मेला स्तरीय व्यवस्था के अनुरूप नहीं मिलने से इस मेले में आने वाले सैलानी जिले एवं प्रदेश के प्रति गलत संदेश लेकर बाहर जा रहे हैं। इस संबंध में विदेशी सैलानियों का कहना था कि पशु जहां पूजे जाते हैं, उनके लिए जब व्यवस्था नहीं है तो फिर हम लोगों के लिए यह सरकार या जिम्मेदार क्या प्रबन्ध करेंगे। इनसे उम्मीद भी रखना बेकार है।
पशु पालन विभाग के अधिकारियों के अनुसार मेले के स्तर के अनुरूप व्यवस्थाओं के लिए पर्याप्त बजट भी अब नहीं मिलता है। गोवंश की तर्ज पर साल दर साल बजट का आंकड़ा भी तेजी से घटता चला गया। इस साल जहां विभाग को केवल छह लाख मिले हैं, जबकि स्तरीय व्यवस्था के हिसाब से आठ से दस गुना बजट होना चाहिए। पिछले साल का मेले का सात लाख का बकाया अब तक विभाग से नहीं मिल पाया है।
फिर भी पालकों की आय करोड़ों में
मेले पर ग्रहण तो लगा, लेकिन पशु पालकों को पिछले साल दो करोड़ 64 लाख 100 रुपए की आय हुई थी। जबकि छह से दस सालों के अंतराल में पालकों की यह आय इससे आठ से दस गुना ज्यादा होती थी। मेले पर ग्रहण लगने के साथ पालकों की आय विशेषज्ञों के अनुसार सात से आठ गुना कम होने लगी है।

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