पशु चिकित्सालयों का कायाकल्प करेगी पशुपालन चिकित्सा रिलीफ सोसायटी

-इसके गठन की कवायद शुरू
-मुख्यमंत्री के बजट अधिभाषण में की गई थी इसकी घोषणा
-प्राम्भिक स्तर पर इसमे अध्यक्ष , सचिव व उपाध्यक्ष सहित कुल 10 लोग रहेंगे शामिल, प्रगतिशील पशुपालको को वरीयता देते हुए इसमे किया जाएगा शामिल
-पशुओं, चिकित्सालयों के विकास का करेगी काम

By: Sharad Shukla

Published: 03 Jul 2021, 09:56 PM IST

नागौर. चिकित्सा विभाग के अस्पतालों में मेडिकल रिलीफ सोसायटी की तर्ज पर अब पशुपालन विभाग के अस्पतालों में पशु चिकित्सा रिलीफ सोसायटी बनेगी। यह सोसायटी अस्पतालों के विकास एवं रखरखाव सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के विस्तार में अहम भूमिका अदा करेगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के बजट अधिभाषण इसकी घोषणा की गई थी। मुख्यालय से इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी होने के बाद इसके गठन की कवायद भी शुरू कर दी गई है। इसमें नागौर पशुपालन विभाग एरिया के 68 अस्पतालों को शामिल किया गया है।
पशु पालकों के लिए खुशखबरी है। अब जिले के अस्पतालों का कायाकल्प करने का काम अब राजस्थान पशु चिकित्सा रिलीफ सोसायटी करेगी। समिति के गठन के लिए हालांकि गत 29 जून को जयपुर से ही दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए थे, लेकिन कोविड की वजह से इसमें आंशिक रूप से विलंब हो गया। अब उच्चाधिकारियों ने इसके जल्द ही गठन किए जाने के संकेत जिलों के संयुक्त चिकित्सा निदेशकों को दिए हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद विभाग की ओर से जिले में प्रथम श्रेणी पशु अस्पताल एवं पशु चिकित्सालयों को शामिल किया है। 15 प्रथम श्रेणी के अस्पताल एवं 52 पशु चिकित्सालयों में इस सोसायटी का गठन किया जाएगा।
समिति में यह रहेंगे शामिल
पशुपालन विभाग के अनुसार राजस्थान पशु चिकित्सा रिलीफ सोसायटी में जिले व ब्लॉक स्तरीय श्रेणी रहेगी। जिला मुख्यालय में इसमें संयुक्त निदेशक अध्यक्ष, संबंधित अस्पताल के इंचार्ज इसके सचिव एवं क्षेत्रीय नोडल आफिसर इसमें उपाध्यक्ष का जिम्मा संभालेंगे। दो प्रगतिशील पशुपालक भी शामिल किए जाएंगे। इसमें भामाशाहों को भी शामिल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि इसमें प्रारंभिक स्तर पर कुल दस लोग शामिल किए जाएंगे, लेकिन सदस्यों की संख्या सीमित नहीं रहेगी। सोसायटी में और भी कई लोगों को शामिल किया जा सकता है। इसकी बैठकें आदि भी मेडिकल विभाग की तर्ज पर ही हुआ करेगी। यही व्यवस्थाएं ब्लॉकों के अस्पतालों में भी रहेगी।
जीर्ण चिकित्सालयों की भी लेगी सुध
पशुपालन विभाग के अनुसार इसमें यह सोसायटी संबंधित अस्पताल के विकास से जुड़े सभी कार्यों में अहम भूमिका निभाएगी। अस्पताल के विकास में भवन की खराब स्थिति, पशुओं के उपचार की बेहतर व्यवस्था सहित सभी कामों में अब सोसायटी भी बराबरी से भागीदारी करेगी। यही नहीं, अस्पतालों में आने वाली दवाओं एवं पशुओं की चिकित्सा से जुड़े सभी अहम विषयों पर अब सोसायटी की राय एवं इसके प्रस्तावों को भी प्रशासनिक प्रक्रिया में मानते हुए अमल में लाने का काम किया जाएगा। विभाग की ओर से इस संबंध में जिले के अस्पतालों में सभी इंचार्जों को दिशा-निर्देश जारी कर इसके जल्द गठन किए जाने के लिए कह दिया गया है। सोसायटी के गठन किए जाने की प्रक्रिया की शुरूआत होने के बाद अब पशु चिकित्सालयों की तस्वीर भी बदलने की उम्मीद जगी है।
इनका कहना है...
प्रथम श्रेणी अस्पताल एवं पशु चिकित्सालयों में राजस्थान पशु चिकित्सा रिलीफ सोसायटी के गठन किए जाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
जगदीश बड़बड़, संयुक्त निदेशक, पशुपालन नागौर

Sharad Shukla Reporting
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