गणपति प्रतिमाएं तैयार करने मे जुटे कलाकार

गणपति प्रतिमाएं तैयार करने मे जुटे कलाकार

Sharad Shukla | Publish: Sep, 09 2018 12:28:14 PM (IST) Nagaur, Rajasthan, India

गणपति महोत्सव की तैयारियां हुई तेज, चौराहों पर सजने लगी प्रतिमाएं

नागौर. गणपति महोत्सव की तैयारियां शुरू कर दी गई है। चौराहों पर अब विभिन्न जगहों पर गणपति की मूर्ति बनाने वाले अपने में काम जुट गए हैं। पंडालों में स्थापित किए जाने वाली मूर्तियां पांच से आठ हजार तक में खरीदारों को बेचे जाने के लिए इनको संवारने का काम तेज कर दिया गया हैं।
शहर के मानासर एवं मूण्डवा चौराहों पर प्रतिमा बनाने वालों ने डेरा डाल लिया है। इनके परिवारों के सदस्य प्रतिमाएं बनाने एवं उनको रंगकर सजाते नजर आने लगे हैं। मानासर चौराहे पर गणेशजी की प्रतिमा बना रहे तेजाराम ने बताया कि उसका मुख्य काम तो खेती का रहता है, लेकिन इसमें मुनाफा होने के कारण गणेश महोत्सव आने के महज माह भर पूर्व ही उसके जैसे कलाकार शहरों में आ जाते हैं। सांचे में ढालकर गणपति की प्रतिमा को बनाने में भी तीन से चार दिन तक लग जाते हैं। इसे सीखने के लिए उसे हैदराबाद जाना पड़ा था। इसमे जरा सी चूक हुई तो फिर पूरी प्रतिमा खराब हो जाती है। इसलिए इसके बनाने के बाद बाद इसे रंगने एवं सजाने काफी सावधानी बरतनी पड़ती है। इतनी मेहनत के बाद पांच से छह दिनों में एक प्रतिमा पूरी तरह से तैयार हो जाती है। हालांकि श्रद्धालुओं की मांग पर गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए पांच हजार से दस हजार तक के मूल्य की प्रतिमाएं तैयार की जाती है। अब कोई विशेष आकार-प्रकार की मुद्रा में प्रतिमाओं की मांग करता है तो फिर उस हिसाब से उसकी लागत भी कई गुना ज्यादा बढ़ जाती है।

ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को समझाई बेटियों की महत्ता
नागौर. बेटियों की महत्ता समझाने शुक्रवार को जिले की 105 ग्राम पंचायतों में बेटी पंचायत ग्रामीणों के बीच पहुंची। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पंचायत में ग्रामीणों से बेटियों की महत्ता एवं उनके सरंक्षित किए जाने के विषयों पर बिंदुवत चर्चा हुई। कार्यक्रम अटल सेवा केन्द्रों एवं शिक्षण संस्थानों में किया गया। उनको बताया गया कि बेटियों से सामाजिक विस्तार होता है, नहीं तो फिर विकसित समाज या आदर्श समाज की कल्पना भी इनके बिना होना असंभव है। पहले चरण में जिले की 14 पंचायत समितियों में करीब नौ हजार से ज्यादा ग्रामीणों से डेप रक्षकों ने सीधी बातचीत कर उन्हें समझाया। सीएमएचओ डॉ. सुकुमार कश्यप ने बताया कि कुचामन में 17 ग्राम पंचायत, लाडनू में पांच, डीडवाना नौ, मूण्डवा आठ, नागौर 10 , रियाबड़ी आठ, मेड़ता 10 , डेगाना 12 , मकराना आठ, जायल 12 व परबतसर की 10 ग्राम पंचायतों में बेटी बचाओ पंचायत हुई। इसमें ग्रामीणों को भावनात्मक एनीमेशन फिल्म एवं मौखिक नाट्य शैली में बेटियों की महत्ता समझाई गई। कार्यक्रमों में महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक अनुराधा सक्सेना, जिला पीसीपीएनडीटी कॉर्डिनेटर सत्येन्द्र पालीवाल, एपीडेमोलोजिस्ट साकिर खान, जिला आईईसी समन्वयक हेमन्त उज्जवल सहित ब्लॉक स्तर से बीसीएमओ, बीपीएम व ब्लॉक आशा फेसिलेटर ने अपनी सहभागिता निभाई।

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