kolakata mein doktars par hamala kolakata mein doktars par hamala: : ऐसा क्या हुआ कि नागौर जिले में हॉस्पिटलों में डॉक्टर्स ने लगा दिए ताले...!

कोलकता मेंं डॉक्टर्स पर हुए हमलों के विरोध में ओपीडी का बहिष्कार, सोमवार को राजकीय चिकित्सालयों में डॉक्टर्स ने नहीं देखे रोगी



By: Sharad Shukla

Published: 17 Jun 2019, 12:43 PM IST

Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

नागौर. कोलकता में डॉक्टर्स पर हुए हमलों के विरोध में सोमवार को जिले के राजकीय अस्पतालों में हड़ताल का व्यापक असर रहा। आईएमए, आईडीए और अरिष्टा की ओर से किए सोमवार सुबह छह बजे से मंगलवार सुबह तक ओपीडी बहिष्कार के एलान के बाद जिला हॉस्पिटल सहित सहित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तक में रोगियों को डॉक्टर्स ने नहीं देखे। हालांकि इस दौरान कई जगहों के निजी चिकित्सालयों में रोगियों की भारी भीड़़ रही।
राजकीय जिला हॉस्पिटल जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में सुबह आठ बजे से ओपीडी में डॉक्टर्स अनुपस्थित रहे। उनकी जगह हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से आयुर्वेदिक चिकित्सकों को आउटडोर में तैनात किया गया था। यहां पर रोजाना एक से डेढ़ हजार तक की ओपीडी सामान्यत: रहती है। दूरदराज एवं नागौर के आसपास के क्षेत्रों से आने वाले रोगी अस्पताल के आउटडोर में पर्ची बनवाने के लिए परेशान रहे। कई मरीजों के पूर्व में आपरेशन हुए थे। ऐसे रोगियों को सोमवार को अस्पताल में बुलाया गया था, लेकिन गांवों से किराया आदि खर्च कर अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि हड़ताल है। हालांकि हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से वार्ड में पहले से भर्ती रोगियों की जांच सहित अन्य रुटीन की जांचें रोजाना की तरह होती रही। आपातकालीन सेवाओं के लिए चिकित्सकों की भी अलग से तैनातगी की गई थी। ऐसे में रोगियों को फिर से लौटना पड़ा। यही स्थिति जिले के मकराना, कुचामन, परबतसर, जायल, लाडनू आदि के सामुदायिक चिकित्सालयों में भी रही। इसके इतर जिले भर के निजी चिकित्सालयों में अन्य दिनों की अपेक्षा रोगियों की चार गुना ज्यादा भीड़ रही।

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