गोशाला संचालकों में वर्चस्व की लड़ाई : गोशाला संचालक व उसके पत्नी-पुत्रों की आपत्तिजनक फोटो की किताब छाप दी

राजलक्ष्मी गोशला संचालक व श्री कृष्ण गोपाल गोशाला के कर्मचारी ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज कराए मुकदमे

By: shyam choudhary

Published: 26 Jun 2020, 09:23 AM IST

नागौर. शहर के जोधपुर रोड पर संचालित राजलक्ष्मी गोशाला एवं श्री कृष्ण गोपाल गोशाला संचालकों के बीच वर्चस्व की लड़ाई मुदकमेबाजी तक पहुंच गई है। दोनों पक्षों ने कोतवाली थाने में एक-दूसरे के खिलाफ चोरी, मारपीट एवं बदनाम करने के मुकदमे दर्ज कराए हैं।

कोतवाली पुलिस के अनुसार ताऊसर क अतुसर निवासी लाल बहादुर पुत्र नेनूराम माली ने रिपोर्ट देकर बताया कि वह जोधपुर रोड पर राजलक्ष्मी गोशाला का संचालन करता है। उसके आगे श्री कृष्ण गोपाल गोशाला का संचालन कुशालगिरी द्वारा चुग्गाबास गांव की सरहद में किया जा रहा है जो राजलक्ष्मी गोशाला से इष्र्या व रंजिश रखता है। परिवादी ने बताया कि इसको लेकर उसकी गोशाला के कर्मचारी कर्माराम, सुरेन्द्र, भींवराज को शराब पीते हुए व पिस्तोल दिखाते हुए की फोटो किताब में छापकर दुष्प्रचार करके गोशाला को बदनाम कर रहै हैं। उस किताब में मेरे व मेरी पत्नी के भी फोटो छापकर शराब पीने की बात लिखकर मेरी व गोशाला की बदनामी कर रहे हैं। उसके पुत्र लोकेश व हरेन्द्र की फोटो वेश्यावृति करने, जुआ खेलने व शराब पीने की बात किताब में लिखकर पूरे परिवार को व गोशाला के कर्मचारियों को बदनाम कर रहे हैं।

परिवादी ने बताया कि 24 जून को सुबह करीब 10 बजे उसे पता चला कि गोशाला की बोलेरो केंपर गाड़ी में मेरे खिलाफ छपी हुई किताबें हैं और उनके कर्मचारियों द्वारा बांटी जा रही है। इस बात को लेकर उसने उन कर्मचारियों को फोटो छपी किताबों के वितरण नहीं करने के लिए कहा तो श्री कृष्ण गोपाल गोशाला के कर्मचारी धन्नाराम, हरिराम, जयपाल ने कहा कि मेरे गोशाला के संचालक कुशालगिरी का आदेश है। इसलिए हम तो किताबें बांटेगे। इसके बाद उन्होंने उसके साथ गोशाला कर्मचारी भींवराज व राजकरण को धक्का देकर थापा-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी तथा गालियां दी। उसने धन्नाराम को गाड़ी लेकर थाने चलने को कहा तो एक बार तो रवाना हो गया, फिर मना कर दिया। परिवादी ने बताया कि ये लोग मेरी गोशाला व मेरे परिवार को बदनाम कर रहे हैं। गोशाला के कर्मचारी व परिवार को उनसे खतरा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

एक लाख 80 हजार रुपए चोरी का मामला दर्ज कराया
वहीं दूसरी तरफ श्री कृष्ण गोपाल गोशाला के कर्मचारी धन्नाराम पुत्र दुलाराम जाट निवासी चुंटीसरा ने थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह गोशाला में दान पात्र के रुपए कलेक्शन करने और रसीदे देने का काम करता है। 24 जून को वे अन्य कर्मचारियों के साथ गोशाला के करीब दस दिनों के दान पात्र के एक लाख 80 हजार रुपए कलेक्शन करके सुबह करीब 9.55 बजे गोशाला की तरफ जा रहे थे। वे अपनी बोलेरो गाड़ी को छोटी-मोटी रिपेयरिंग के लिए मूण्डया चौराहा के पास सुखरामजी के मार्केट में सलीम मिस्त्री की दुकान पर खड़े थे। उसके साथ हरीराम पुत्र गोपालराम जाट निवासी खारी कर्मसोता व जयपाल पुत्र चोखाराम जाट निवासी डीडीया कलां वाले थे। वे वहां से रवाना होने वाले ही थे, तभी वहां पर एक बोलेरो केम्पर आई, जिसमें से पूर्व नियोजित योजना अनुसार भींयाराम पुत्र सहदेवराम जाट, राजकरण पुत्र सहदेवराम जाट निवासी चिमरानी, सहदेव पुत्र चंदाराम जाट, सुरेश काला निवासी पारासरा, लोकेश व हरेन्द्र पुत्र लालबहादुर माली निवासी ताउसर वाले उतरे। जिनमें से भींयाराम व राजकरण के हाथ में लाठियां थी। लोकेश व हरेन्द्र के हाथ में देशी पिस्तौल थी। सहदेव व सुरेश के हाथ में चाकू थे।

लोकेश व हरेन्द्र ने आते ही उस पर पिस्तौल तानी और सहदेव व सुरेश ने चाकू की नोक उसके गले पर रखकर गाड़ी की चाबी मांगी। उसने गाड़ी की चाबी देने से मना किया तो उन लोगों ने उसके साथ थापा मुक्कों व लाठियों से मारपीट की। लोकेश ने उसकी जेब में से गाड़ी की चाबी निकाल ली और हरेन्द्र ने सोने की चैन खोल ली। हरीराम व जयपाल ने उसे छुड़ाने की कोशिश करनी चाही तो उन लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। परिवादी ने बताया कि उन लोगों ने बोलेरो गाड़ी को पिस्तौल व चाकू की नोक पर लूटकर ले गए। गाड़ी में गोशाला के एक लाख 80 हजार रुपए, रसीद बुकें, गाडी के कागजात असल, 52 खाली दान पात्र तथा रुट की 7 फाइलें थी, जिसमें आवश्यक असल दस्तावेज भी थे, सब गाडी के अन्दर ही थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

shyam choudhary Reporting
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