scriptBudget announcement: less complete, more incomplete in Nagaur | बजट घोषणा : पूरी कम अधूरी ज्यादा, कुछ पूरी होकर भी अधूरी | Patrika News

बजट घोषणा : पूरी कम अधूरी ज्यादा, कुछ पूरी होकर भी अधूरी

सरकार के तीन साल : गहलोत सरकार के तीन साल का लेखा-जोखा
- जिले को नहरी पानी पिलाने का सपना आज भी अधूरा
- कॉलेजों में व्याख्याताओं के पद रिक्त, गेस्ट फेकल्टी से चला रहे काम

नागौर

Published: December 18, 2021 10:10:31 am

नागौर. प्रदेश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली ‘तीसरी’ सरकार के आज ‘तीन’ साल पूरे हो रहे हैं। यूं तो गहलोत सरकार के तीन साल का कार्यकाल पूर्ण बहुमत के अभाव में डांवाडोल रहा, ऊपर से कोरोना महामारी ने भी परेशान किया, लेकिन इस वित्तीय वर्ष के बजट में मुख्यमंत्री गहलोत ने जिस प्रकार नागौर जिले के लिए घोषणाएं करने में जोश दिखाया था, उन्हें पूरा करने में वह जोश नहीं दिखा। नावां विधानसभा को छोड़ दें तो जिले की अन्य विधानसभाओं में ज्यादातर बजट घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई। मोटे तौर पर मुख्यमंत्री गहलोत ने बजट में नागौर जिले के लिए 30 से अधिक घोषणाएं की थी, जिनमें से 11 ही पूरी हो पाई, जबकि 14 आज भी अधूरी हैं तो छह घोषणाएं आधी-अधूरी हैं।
CM Ashok gehlot
CM Ashok gehlot

राज्य सरकार के बजट 2021-22 की घोषणाएं एवं वर्तमान स्थिति
चिकित्सा :
- मोकलपुर व इंदावड़ मेड़ता प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खुलेंगे। - पूरी
- पांचौड़ी खींवसर पीएचसी को सीएचसी में क्रमोन्नत करना। - पूरी
- कुचामनसिटी व लाडनूं में नए ट्रोमा सेंटर खोलना। - आधी-अधूरी
- प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायकों की अनुशंसा एक-एक मॉडल सीएचसी विकसित करना। - अधूरी
शिक्षा :
- कुचेरा में कॉलेज खोलने की घोषणा। - पूरी
- मेड़ता सिटी व लाडनूं में कन्या महाविद्यालय खोलना। - पूरी
- नावां में नवीन पॉजिटेक्निक महाविद्यालय खोलने की घोषणा। - अधूरी
- परबतसर में आईटीआई खोला जाएगा। - अधूरी
खेलकूद :
- प्रत्येक ब्लॉक में खेल स्टेडियम विकसित किए जाएंगे। - आधी-अधूरी

कृषि एवं उद्योग
- नागौर में मिनी फूड पार्क की घोषणा। - आधी-अधूरी
- परबतसर व लाडनूं में कृषि मंडी बनाने की घोषणा की गई है। - अधूरी
- जायल, नावां व लाडनूं में नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने की घोषणा। - आधी-अधूरी
पशुपालन :
- नावां में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय खोला जाएगा। - आधी अधूरी
- पीड़वा में पशु चिकित्सा उप केन्द्र खोला जाएगा। - अधूरी
- आपातकालीन पशु चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 102- मोबाइल वेटेनरी सेवा शुरू की जाएगी। - अधूरी
- पंजीकृत गोशालाओं को घरेलू दर पर बिजली मिलेगी। घरेलू दर की आधी दर राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी। - अधूरी
- नंदीशाला खोलने की घोषणा को और बेहतर करते हुए 1.50 करोड़ रुपए के मॉडल के आधार पर बनाया जाना प्रस्तावित है। - अधूरी
सडक़-शहरी विकास :
- नागौर जिले के तीन सडक़ मार्ग डेगाना-हरसौर सडक़ मार्ग। - काम शुरू
- जायल-मांगलोद-डेह सडक़ के मेजर रिपेयर कार्य होंगे। - आधी अधूरी
- कुचामन-चितावा-घाटवा सडक़ मार्गों के मरमत कार्य होंगे। - काम शुरू
- नगर परिषद की 20 किलोमीटर व नगर पालिका की 10 किलोमीटर मुख्य सडक़ों के मेजर रिपेयर कार्य करवाए जाएंगे। - काम शुरू
- गोटन-साथिन स्टेट हाइवे 86बी के विकास पर 61 करोड़ खर्च होंगे। - अधूरी
- डेगाना में आरओबी निर्माण के लिए डीपीआर तैयार करवाई जाएगी। - अधूरी
- मकराना में आधुनिक बस स्टैण्ड की बनाने की घोषणा। - अधूरी
पेयजल :
- नवीन वृहद पेयजल परियोजना के तहत जायल-मातासुख पेयजल परियोजना के लिए 159.30 करोड़ रुपए की लागत आएगी। - आधी-अधूरी
- कुचामन सिटी में एक्सईएन कार्यालय खोला जाएगा। - पूरी

वन एवं पर्यावरण :
- नागौर के डेगाना, मेड़ता सिटी व परबतसर में दो वर्ष में फिकल स्लूज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। नागौर के तीनों शहर में प्रथम चरण में काम होगा। - अधूरी
पर्यटन :
- प्रदेश में धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाए जाएंगे, जिसमें नागौर शहर की हमीदुद्दीन दरगाह को भी शामिल किया जाएगा। - अधूरी
- नावां के पांचौता कुण्ड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। - अधूरी
कानून व्यवस्था :
- कुचामन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय खोलना। - पूरी
- लाडनूं में अपर जिला एवं सेशन न्यायालय खोलना जाएगा। - पूरी

प्रशासन :
- चितावा में उप तहसील खोली जाएगी। - पूरी
- कुचामनसिटी में उप जिला परिवहन कार्यालय खोला जाएगा। - पूरी

ढाणियों को छोड़ गांवों को भी नहीं जोड़ पाए
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्ता में आने के बाद जुलाई 2019 में जारी किए गए बजट में नागौर जिले की 1926 ढाणियों को नहरी परियोजना से जोडऩे की घोषणा की थी। करीब ढाई साल का समय बीतने के बाद ढाणियां तो दूर गांवों को भी नहरी परियोजना से नहीं जोड़ पाए हैं। इसी प्रकार किसानों के लिए सिंचाई सुविधाएं विकसित करने, कृषि कनेक्शनों को दिन में बिजली देने, फसलों को लावारिश गोवंश से बचाने के लिए पंचायत समिति मुख्यालयों पर नंदीशाला खोलने जैसी कई घोषणाएं हैं, आज भी अधूरी हैं।
ये घोषणाएं पांच साल बाद भी अधूरी
- प्रदेश के बजट-2015-16 में नागौर जिले को फ्लोराइड से मुक्त पेयजल उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। लेकिन जिले के कई क्षेत्रों में फ्लोराइड मुक्त पेयजल उपलब्ध कराने की घोषणा आज भी अधूरी है।
- इसी प्रकार बजट-2016-17 में जिले के एक विकास खंड को पूर्ण रूप से जैविक खेती में बदलने के लिए विशेष योजना बनाकर पायलट स्तर पर कार्य करने की घोषणा की गई थी, यह भी धरातल पर नहीं आ पाई।
- पांच साल पहले नागौर को राजस्थान वाटर सेक्टर रिस्ट्रटिंग प्रोजेक्ट फॉर डेजर्ट एरिया परियोजना से जोडऩे की घोषणा भी आज तक अधूरी है।

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