मकराना पंचायत के युवाओं ने कहा चहुंमुखी विकास की सोच रखकर आगे बढऩे से हो सकेगा गांव का विकास

स्वच्छ राजनीति के लिए वरदान साबित हो रहा राजस्थान पत्रिका का चेंजमेकर अभियान

By: Rudresh Sharma

Updated: 04 Oct 2020, 09:22 PM IST

Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

बोरावड़ . मकराना पंचायत समिति क्षेत्र के लिए 6 अक्टूबर को होने वाले पंचायत राज चुनाव को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से चल रहे चेंजमेकर महाभियान के तहत रविवार को वेब मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थान पत्रिका से जुड़े चेंजमेकर व वॉलिंटियरर्स ने भाग लिया व अपने विचार रखे।

सभी ने राजस्थान पत्रिका इस अभियान की सराहना की तथा स्वच्छ राजनीति के लिए पत्रिका के इस अभियान को मील का पत्थर बताया। इस दौरान उन्होंने अपने विचारों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के चहुंमुखी विकास, मूल समस्याओं के समाधान के लिए सोच बदलकर जातिगत व धनबल से ऊपर उठने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि चहुंमुखी विकास की सोच रखते हुए बढऩा होगा तभी गांव का विकास सम्भव है। वेबीनार में लोगों ने यूं व्यक्त किए अपने विचार...


जातिगत राजनीति का हो खात्मा
ग्राम पंचायत चुनावों में आम लोगों को जातिगत राजनीति का खात्मा करना चाहिए तथा गांव-ढाणी में बिना भेदभाव विकास की सोच रखता हो उसे आगे लाना चाहिए। आज चुनावों में ग्राम पंचायत चुनावों में सरपंच व वार्डपंचो के चुनाव लडऩे वालों की कतारे लग रही है। कई ग्राम पंचायतें तो ऐसी है जिसमें ढाई हजार मतदाता है ओर सरपंच उम्मीदवार दस खड़े है अब चु नाव परिणाम कैसा होगा ओर जीतने वाला विकास कहां से करवाएगा उसका नतीजा पिछले चुनावों से ग्राीण देखते आ रहे है। जो जनता के बीच रहता हो, विकास की सोच रखता हो, आम आदमी व गांव के चहुंमुखी विकास रखे उसे ही चुनना चाहिए।
- भरताराम बुरडक़, ग्राम पंचायत देवरी

सरपंच मिलकर काम करे तो हो विकास
ग्राम पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों की ओर से बड़े-बड़ विकास के दावे किए जाते है। मगर चुनाव निकलने के बाद विकास के मुद्दे गौण हो जाते है। ग्राम पंचायत पिछले कई सालों से बिजली-पानी की समस्या के साथ साथ अन्य मूलभूत समस्याओं से भी ग्रामीणों को जूझना पड़ता है। सरपंच कोई जीते पर उसे सभी को साथ लेकर विकास करना चाहिए तथा ग्रम के विकास के लिए बिना भेदभाव बरते कार्य करना चाहिए। गरीब व वंचित परिवारों को सरकारी योजनाओं के लाभा मिले इसके लिए सरपंच को प्रयास करते रहना चाहिए।
- पवंन जांगीड़, ग्राम पंचायत मनाना

मूलभूत सुविधाओं के साथ खेल मैदान भी बने
- ग्राम पंचायत में ऐसा सरपंच चुना जाय जो मूलभूत समास्याओं के समाधान के साथ गांव में खेल मैदान के विकास व बनवाने की सोच रखता हो ताकि गांवों से भी खेल प्रतिभाओं को आगे बढने का अवसर मिल सके। चुनाव में चहुंमुखी विकास के सपने दिखाकर जीतने वाले कभी विकास नहीं करवा सकते। जो गांव के जरूरतमंद लोगों तक अपनी पकड़ रखे तथा ग्राम विकास के लिए हर समय प्रयास करता रहता हो उसे ही चुनाव में जीताना होगा तभी हम विकसित ग्राम के सपने को साकार कर सकेंगे।
- श्रीराम जुणावा, ग्राम पंचायत देवरी

युवाओं कों निभानी चाहिए अहम भूमिका

ग्राम पंचायत चुनावों में युवाओं को अहम भूमिका निभानी चाहिए। तथा ग्राम विकास के लिए उन्हें अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए। सभी को साथ लेकर चले तथा ग्राम विकास की सोच रखने वालो को आगे लाना चाहिए। बिजली-पानी, शिक्षा, चिकित्सा सहित अन्य विकास के साथ एक आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करे। इसके लिए युवाओं को राजनीति में आगे आने की जरूरत बतायी।
- दिलीप गिरी, ग्राम पंचायत मनाना

लोकतंत्र की पहली सीढी होता है सरपंच
लोकतन्त्र को जिन्दा रखने के लिए ग्राम पंचायत का सरपंच पहली सीढी होता है। सरपंच गांव को अपना घर व गरीब को गणेश मानकर सेवा करे। हर समय जरूरतमंद के लिए उसके घर के दरवाजे खुले रहने चाहिए। अहंकार व घमंड से चूर व्यक्ति को नहीं चुनना चाहिए। अधिकांश सरपंच खेल मैदान को लेकर कोई रूचि नहीं दिखाते उन्हे गांव के विकास के साळा खेल मैदानों के विकास भी करवाना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में अन्य मूलभूत सुविधाओं के साथ रोड लाइट भी विकसित करे। गांव का सरपंच ऐसा हो जो ग्राम के भामाशाहों व जागरुक लोगों के नियमित सम्पर्क में रहे तथा माह में एक बार उनसे ग्राम विकास को लेकर चर्चा करे। ग्राम में चोरी की वारदातों पर लगाम लगाने के लिए सरकार व भामाशाहों के सहयोग से सीसी कैमरे भी विकसित होने चाहिए।
- लोकेश गोदारा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष, एमडीएसयू अजमेर


शिक्षित व ईमानदार व्यक्ति को मिले मौका
ग्राम पंचाय चुनावों में उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ बड़े-बड़े वादे करते है मगर बाद में उन वादों का जिक्र भी नहीं करते। सरपंच के लिए शिक्षित व ईमानदार व्यक्ति को चुनना चाहिए ताकि ग्राम का चहुंमुखी विकास बिना भेदभाव व पूरी ईमानदारी से हो सके। शिक्षित व्यक्ति सरकार की हर योजना को आम लोगों रख सकेगा तथा उसके क्रियान्वयन के लिए भी प्रयास कर सकेगा। जिस प्रकार से बिना शिक्षा के समाज का विकास सम्भव नहीं है वैसे ही बिना शिक्षा के ग्राम का विकास भी सम्भव नहीं है।
- मुरलीधर जोशी, ग्राम पंचायत डोबड़ी कला

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