रियाबडी पंचायतसमिति के युवा बोले जातिगत समीकरणों से प्रभावित ना हो राजनीति

Webinaar : राजस्थान पत्रिका का चेंजमेकर महाअभियान (Change Maker Campagin) बनेगा मील का पत्थर

By: Rudresh Sharma

Updated: 04 Oct 2020, 09:48 PM IST

Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

रियांबड़ी . रियांबड़ी पंचायत समिति क्षेत्र के ६ अक्टूबर को होने वाले पंचायत राज चुनाव को लेकर के राजस्थान पत्रिका के चेंज मेकर्स महाअभियान के तहत रविवार को वेबीनार का आयोजन किया गया।

बैठक में राजस्थान पत्रिका महाअभियान से जुड़े वॉलिंटियर व चेंजमेकर ने अपने अपने विचार व्यक्त कर राजनीति में स्वच्छता की नई पहल बताते हुए कहा कि बदलाव के लिए समय जरूर लगेगा लेकिन इसके लिए सभी को एकजुट होकर सोच में परिवर्तन लाना जरूरी होगा।

इस मामले में कोशिशें की जाने चाहिए कि ग्रामीण अंचल का समग्र रूप से विकास हो। राजनीति को फेयर करने के लिए स्वच्छता, धनबल और बाहुबल पर रोक लगाने के मुद्दे पर चर्चा की गई।


समग्र विकास का हो एजेंडा
चुनावी दंगल में जो हथकंडे अपनाए जाते है। उनमें विकास के मुद्दे गौण होते नजर आते है। मुद्दे एेसे हो ताकि ग्राम का सर्वांगीण विकास हो सके। सभी नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाए। प्रत्याशियों की कार्यप्रणाली जातिवाद से परे हो।

-दीपेन्द्र सिंह रियांबड़ी


धन और बाहुबल को नकारना होगा
जिस तरह दिल्ली में बुद्धिजीवी वर्ग ने मुख्य राजनीतिक दलों को उखाड़ कर फेंकने में कामयबाी हासिल की उसी तरह राजनीति में धन और बाहुबल को नकारते हुए शिक्षित युवा वर्ग को आमजनता की सोच में बदलाव लाकर परिवर्तन की यात्रा को सफल बनाना होगा। पत्रिका ने प्लेटफार्म दिया है निश्चित रूप से बदलाव की अलख जगेगी लेकिन समय जरूर लगेगा।

-दीपक पाराशर


भेदभाव खत्म कर चहुंमुखी विकास का नारा हो बुलंद
सभी जाति समुदाय व प्रत्येक वर्ग को साथ लेकर ग्राम के विकास में कार्य करना वर्तमान समय की मांग है। मतदाता चाहे किसी को भी कुर्सी पर बैठाए लेकिन ग्राम विकास में आमजन की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। शिक्षा, चिकित्सा, पानी व बिजली जैसी समस्याओं के लिए कोई आमजन परेशान नहीं हो।

-अभिषेक सोनी


सकारात्मक सोच से पंचायत का विकास
राजनीति में इस तरह का बदलाव हो कि चुनाव के बाद मतभेद भुलाकर व मिलजुल विकास को ही एजेंडा बनाया जाए।-- तेजस प्रजापत

न्याय के हो समान मापदंड
हर एक शोषित, वंचित व पीडि़त के लिए न्याय का मापदंड समान रूप से होना चाहिए। आर्थिक रूप से सुदृढ़ लोगों के लिए खास त्वज्जों न दी जाए।

-जयेश


धरातल पर नजर आए विकास
चुनाव के दौरान विकास की बात करने वाले जनसेवकों को धरातल पर विकास के लिए कार्य करना चाहिए। विकास उन पेशेवर व अमीर वर्ग के लोगों के लिए बंट जाता है जिससे जो वर्ग वंचित है कोसों दूर नजर आते है। चुनाव से जुड़े लोग विकास के साथ न्याय की अवधारणा को लागू करें।
-जरार कुरैशी

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