Nagaur patrika news. बच्चो को अब मिड डे मील में मिलेगा कॉम्बो पेकेड

Nagaur patrika-कोम्बो पैकिट में पहली से लेकर पांचवी तक के विद्यार्थियों को एक किलो दाल, एक किलो तेल, एक किलो नमक, सौ ग्राम जीरा, दौ सौ ग्राम मिर्च, धनिया हल्दी आदि का पैकिट दिया जाएगा
-बच्चों को शैक्षिक गतिविधियों से जोडऩे की नीयत से लिया गया फैसला
सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉप आउट रोकने, शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देना है मकसद

By: Sharad Shukla

Published: 30 Dec 2020, 10:05 PM IST

नागौर. स्कूल तो बंद चल रहे हैं, लेकिन पोषाहार की पात्रता वाले बच्चों एवं इनके अभिभावकों के लिए खुशखबरी है। अब इनको मिड डे मील में काम्बो पैकेड मिलेगा। कोरोना संक्रमण को लेकर शिक्षकों की ओर से विद्यार्थियों को अब पोषाहार सामग्री का कोम्बो पैकिट भी दिया जाएगा। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।। गौरतलब है कि सरकारी विद्यालयों मे अध्ययनरत पहली से आठवीं तक के बच्चों को मिडडे मील के तहत पोषाहार खिलाया जाता है। इन दिनों कोरोना संक्रमण के चलते विद्यार्थी स्कूल नहीं आ रहे हैं। इसके बावजूद शिक्षकों की ओर से अभिभावकों को बुलाकर बच्चों के लिए गेहूं व चावल प्रति माह मासिक कार्य दिवस अनुसार वितरित किया जाता है। सरकार की ओर से अब कुकिंग कन्वर्जन राशि से बच्चों को पोषाहार पकाने में प्रयुक्त होने वाली सामग्री देने का निर्णय लिया है। इससे अभिभावकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। कोम्बो पैकिट में पहली से लेकर पांचवी तक के विद्यार्थियों को एक किलो दाल, एक किलो तेल, एक किलो नमक, सौ ग्राम जीरा, दौ सौ ग्राम मिर्च, धनिया हल्दी आदि का पैकिट दिया जाएगा। इसी प्रकार छह से आठ के बच्चों को पांच किलो चना दाल, एक किलो तेल, एक किलो नमक, दो-दो सौ ग्राम मिर्च, हल्दी, धनिया आदि वितरित किया जाएगा। अभिभावकों में भंवरलाल, सियाराम, रामरतन, कानाराम आदि ने हर्ष जताते हुए कहा कि सभी सामाग्री के मिलने से बच्चां के लिए अब पोषाहार और बेहतर रहेगा। सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ोतरी करना है। इसका लक्ष्य सरकारी विद्यालयों नामांकन बढ़ाने, उपस्थिति में वृद्धि, ड्रॉप आउट रोकने, शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देने समेत विद्यार्थियों के पोषण में वृद्धि करना है। इसके तहत शहरी समेत सभी ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को मध्यान्तर में पोषाहार खिलाया जाता है।
तीन हजार से ज्यादा विद्यालयों के बच्चों को फायदा
जिले में राजकीय शिक्षण संस्थानों की संख्या तीन हजार से ज्यादा है। अब ऐसे में प्रारंभिक कक्षा स्तर के बच्चों की संख्या के हिसाब से सभी को अब तक पोषाहार में हल्दी एवं मिर्च आदि नहीं मिलते थे, लेकिन अब पोषाहार सामाग्री के साथ इनके वितरित होने से बच्चों को सभी सामाग्री एक जगह ही मिल जाएगी। इससे बताया जाता है कि करीब दस हजार से ज्यादा बच्चों को फायदा मिलेगा।
इनका कहना है...
बच्चों को पोषाहार वितरण संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शिक्षाधिकारियों को इस पर ध्यान रखने के लिए भी कहा जा चुका है।
सीडीईओ, संपतराम, समसा

Sharad Shukla Reporting
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