आरएलपी विधायकों व नागौर एसडीएम के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच करने नागौर पहुंची सीआईडी-सीबी की टीम

आरएलपी विधायकों व नागौर एसडीएम के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जांच करने नागौर पहुंची सीआईडी-सीबी की टीम
ताऊसर की गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने के दौरान बिगड़ा था मामला

Shyam Lal Choudhary | Updated: 12 Oct 2019, 11:16:00 AM (IST) Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

CID-CB team reached Nagaur to investigate cases registered against RLP MLAs and Nagaur SDM, विधायकों व एसडीएम सांगवान ने एक-दूसरे के खिलाफ दर्ज करवाए थे मामले, नागौर एसडीएम के खिलाफ अभद्र व्यवहार व एससी-एसटी एक्ट का मामला, एसडीएम सांगवान ने विधायकों के खिलाफ दर्ज कराए थे हत्या के मामले, डेढ़ माह पूर्व ताऊसर की गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने के दौरान बिगड़ा था मामला

नागौर. शहर के निकट ताऊसर ग्राम पंचायत की गोचर भूमि पर बसे बंजारा जाति के लोगों केअतिक्रमण हटाने के दौरान गत 25 अगस्त के उपजे विवाद के बाद हुए मामलों की जांच करने शुक्रवार को सीआईडी-सीबी की टीम नागौर पहुंची। इसमें नागौर एसडीएम दीपांशु सांगवान ने मेड़ता विधायक इंदिरा बावरी व भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग सहित अन्य के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कराया था, वहीं दोनों विधायकों द्वारा एसडीएम सांगवान के खिलाफ दी गई रिपोर्ट को लेकर पुलिस ने गत एक अक्टूबर को एसडीएम सांगवान के खिलाफ मारपीट, अभद्र व्यवहार व एससी-एसटी एक्ट का मामला दर्ज किया था।

दोनों ही मामले विधायकों से जुड़े होने से जांच सीआईडी-सीबी को दी गई, जिसको लेकर शुक्रवार को सीआईडी-सीबी के एएसपी हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में टीम गुरुवार शाम को यहां पहुंची तथा शुक्रवार को मामले से जुड़े विभिन्न लोगों के बयान दर्ज किए। सीआईडी-सीबी की टीम नागौर के पुलिस लाइन स्थित अफसर मैस में ठहरी हुई है।

गौरतलब है कि ताऊसर ग्राम पंचायत की गोचर भूमि पर बंजारा जाति के लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाते समय विवाद के दौरान एक जेसीबी चालक की मौत हो गई थी। जेसीबी चालक की मौत और पथराव को लेकर नागौर एसडीएम दीपांशु सांगवान ने आरएलपी की विधायक इंदिरा देवी बावरी व विधायक पुखराज गर्ग सहित दर्जनों लोगों के खिलाफ जेसीबी चालक की हत्या करने, राजकार्य में बाधा पहुंचाने सहित आरोपों में मामला दर्ज कराया था। मामला विधायकों से जुड़ा होने के चलते एसडीएम द्वारा दर्ज कराए गए मामले की जांच सीआईडी-सीबी को सौंपी गई। वहीं इसी दौरान दोनों विधायकों ने भी एसडीएम के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित करनेे, धक्का-मुक्की व दुव्र्यवहार करने सहित आरोपों में मामला दर्ज कराने की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दी थी, लेकिन यह मामला उस दौरान दर्ज नहीं हुआ था। करीब 35 दिन बाद गत एक अक्टूबर को दोनों विधायकों द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर नागौर एसडीएम दीपांशु सांगवान के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।

हाईप्रोफाइल मामला बन चुका है ताऊसर अतिक्रमण मामला
सांसद हनुमान बेनीवाल की पार्टी आरएलपी से जुड़े विधायकों का दोनों मामलों से सम्बन्ध होने के चलते उच्च स्तर तक ये मामले पहुंचे थे। दोनों ही मामले विधायकों से जुड़े होने के चलते जांंच सीआईडी-सीबी कर रही है। इन मामलों में बड़ी बात यह है कि जहां पहले मामले में नागौर एसडीएम परिवादी है और दोनों विधायक आरोपी हैं तो दूसरे मामले में दोनों विधायक परिवादी है और एसडीएम आरोपी है। दोनों ही मामले हाईप्रोफाइल है और हाई प्रोफाइल मामलों को लेकर सीआईडी-सीबी अब जांच में जुट गई है।

तीन दिन तक किया था महापड़ाव
पहले जहां ताऊसर ग्राम पंचायत की बंजारा बस्ती में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर जमकर उपद्रव हुआ था, वहीं बाद में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में बंजारा समाज के लोगों के पुनर्वास की मांग को लेकर पशु प्रदर्शनी स्थल पर महापड़ाव दिया गया तथा तीन दिन तक विरोध प्रदर्शन के बाद राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने नागौर पहुंचकर मामले को शांत कराया था।

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