नगरपालिका की 1960 एलईडी लाइट पर कम्पनी की कुण्डली

कस्बे में लगनी थी 2460 एलईडी लाइटें, अब तक लगी सिर्फ 500, तीन महीने की जगह बीत गए दो साल

By: Dharmendra gaur

Published: 10 Feb 2018, 06:31 PM IST

कुचेरा. बड़े स्तर पर होने वाले सरकारी ठेकों में नागरिकों को ठेंगा दिखाकर उनसे सुविधा के नाम पर मोटी रकम ऊपर की ऊपर ही खर्च कर दी जाती है। बड़े अधिकारियों की शह से निजी कम्पनियां जनता के पैसों से करोड़पति बन रही है और जनता को आभास तक नहीं होता। उन कम्पनियों के करोड़पति बनने में होने वाली असुविधाओं को आमजन अज्ञानतावश सहता रहता है। ऐसी कारगुजारी कस्बे सहित पूरे राजस्थान में एलईडी लाइटें लगाने वाली कम्पनी ने कस्बेवासियों के साथ की है। सीएफ एल की बजाय एलईडी लाइटों से बिजली बचत का सपना दिखाकर डीएलबी, जयपुर ने प्रदेशभर की नगरपालिकाओं व नगरपरिषदों में एलईडी लाइटें लगाने के लिए निजी कम्पनी ईईएसएल को ठेका दिया। उस कम्पनी ने अपना मुनाफा लेकर दूसरी कम्पनी ईओन को ठेका दे दिया। नई कम्पनी को तीन महीने में पूरी एलईडी लाइटें लगानी थी, लेकिन दो साल बीतने के बावजूद कस्बे में 2460 की जगह मात्र 500 एलईडी लाइटें ही लगाई गई। जबकि कम्पनी कस्बे में 700 एलईडी लाइटें लगाना बता रही है, नगरपालिका द्वारा करवाए गए सर्वे में अब तक केवल 500 एलईडी लाइटें ही लगी है। इसमें भी दो सौ एलईडी लाइटों का घपला चल रहा है। कस्बे की सभी पुरानी रोड़ लाइटें उतारने व नई एलईडी लाइटें केवल 500 ही लगाने से कस्बे में छाए अंधेरे व चोरी की आशंका के चलते नगरपालिका अध्यक्ष तेजपाल मिर्धा व अधिशासी अधिकारी उम्मेदसिंह ने एलईडी लगाने वाली कम्पनी ईओन को शेष बची 1960 एलईडी लाइटें लगाने के लिए कई बार पत्र व्यवहार व फोन पर सम्पर्क किया, लेकिन कम्पनी से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला।
यह था मामला
जानकारी के अनुसार डीएलबी जयपुर ने 12 मार्च 2016 को ईईएसएल कम्पनी से अनुबंध कर कस्बे की नगरपालिका को कम्पनी से कस्बे में एलईडी लाइटें लगाने के लिए पंाबद किया। डीएलबी से मिले निर्देश के अनुसार 12 जुलाई 2017 तक सम्पूर्ण कस्बे में एलईडी लाइटें लगाने का काम पूरा करना था। इसके तहत नगरपालिका ने बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव लेकर 2236 जगह को चिन्हित कर फेजवाइज काम पूरा करवा दिया। बोर्ड की अन्य बैठक में 224 और जगहों पर एलईडी लाइटें लगाने का प्रस्ताव लिया गया। नगरपालिका के अधीन कस्बे के 20 वार्डो में चिन्हित स्थानों व खम्भों पर कस्बे में रोशनी की व्यवस्था के लिए 2460 एलईडी लाइटें लगनी थी, लेकिन कम्पनी की लापरवाही व उदासीनता के चलते कस्बे में केवल 500 ही लाइटें लग पाई है।
अंधेरे में डूबा कस्बा
अनुबंध के अनुसार कम्पनी को एलईडी लाइटें लगाने के साथ ही पुरानी लाईटें उतरवानी थी। इस पोल पर नई एलईडी लाइट लगती है, उसी पोल से पुरानी लाइट उतारनी थी, लेकिन कम्पनी ने कस्बे में एलईडी लाइटें लगाने से पहले ही कस्बे की सभी 1250 पुरानी लाइटों को उतरवा दिया। इससे कस्बा अंधेरे में डूब गया। कस्बे के बीस वार्डों में केवल 500 एल ई डी लाइटें ही लगाए जाने से कस्बे के महत्वपूर्ण व भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहता है। इससे यहां चोरी की अशंका बढ़ गई है। रात में अंधेरा छाए रहने के कारण बाहर से आने वाले यात्रियों व कस्बेवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ये लगनी थी एलईडी लाईटें
नगरपालिका मण्डल व डीएलबी के प्रस्ताव के अनुसार कस्बे के 20 वार्डों में एलईडी की 20 वाट की 500 लाईटें, 40 वाट की 500 लाईटें, 70 वाट की 450 लाईटें, 120 वाट की 736 लाईटें, 200 वाट की 50 रोड लाईटें लगनी थी। बाद में लिए गए प्रस्ताव में विभिन्न श्रेणियों की 224 एलईडी लाईटें लगवाने का प्रस्ताव लिया गया।
इनका कहना है
कस्बे में बीस वार्डों में कुल 2460 एलईडी लाइटें लगनी थी। काम तीन महीने में पूरा होना था, लेकिन अब तक 500 एलईडी लाइटें ही लगी है, जबकि कम्पनी 700 एलईडी लाइटें लगाना बता रही है। कम्पनी ने पूरानी लाइट खोलकर रख दी है । इससे कस्बे में अंधेरा छा गया है। कम्पनी से कई बार सम्पर्क किया लेकिन कोई नहीं सुन रहा।
तेजपाल मिर्धा अध्यक्ष नगरपालिका कुचेरा
कुचेरा नगरपालिका क्षेत्र में 700 के करीब एलईडी लाइटें लगवा दी गई है। पहले फेजवायर नहीं होने से काम अटक गया था, अब वे बता रहे हैं कि फेज वायर लगा दिया है। जल्द ही काम चालू करवाकर एक महीने में शेष बची पूरी एलईडी लाइटें लगवा दी जाएगी।
गिरजा शंकर, प्रदेश प्रभारी ईओन

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