गणगौर पर कोरोना का छाया, घरों में ही पूजा कर रहीं तीजणियां

महामारी का प्रकोप होने से नहीं कर पा रहीं सामूहिक कार्यक्रम, इसर-गौर की पूजा कर दीर्घायु सुहाग व खुशहाली की कामना की

नागौर. गणगौर महोत्सव को लेकर महिलाओं व युवतियों में उल्लास बना हुआ है। होली के दूसरे दिन से शुरू होने वाले इस महोत्सव को लेकर घर-घर तैयारियां की जा रही है। शाम को मंदिर में दर्शन एवं पूजन किया जा रहा है। घरों में स्थापित इसर-गौर की प्रतिमाओं के सामने भजन-कीर्तन कर रहे हैं। हालांकि कोरोना वायरस का असर गणगौर पूजन की परम्परा पर भी देखा जा रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं ने इसका तोड़ निकाल लिया है। अब वे घर में ही सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर रही हैं।Gangaur गणगौर पूजन को लेकर शहर में कई आयोजन हो रहे हैं, लेकिन सामूहिक रूप से कार्यक्रम नहीं हो पा रहे। विभिन्न मोहल्लों में गणगौर पूजन के कार्यक्रम हो रहे हैं। महिलाओं व युवतियों ने इसर-गौर की पूजा कर सुहाग के दीर्घायु की कामना की। साथ ही परिवार में खुशहाली की मन्नत मांगी। गणगौर पूजने वाली श्रद्धालुओं ने बताया कि महामारी का प्रकोप होने से इस बार सामूहिक रूप से कार्यक्रम नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन हम लोग सतर्कता बरतते हुए महोत्सव मना रहीं हैं। इसके लिए घर में कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इसर-गौर से देश व समाज कल्याण की कामना की जा रही है। गणगौर पूजा को लेकर तीजणियां काफी खुश दिखीं।

इस बार केवल सादा समारोह ही

शहर के भंडारियों की गली में युवतियों ने इसर-गौर की आकर्षक रूप से साज-सज्जा की एवं खुशहाली की मन्नत मांगी। शादी के बाद पहली गणगौर मनाने के उल्लास से आईं सुहागिन ने बताया कि इस बार सामूहिक रूप से कार्यक्रम नहीं कर पाने का मलाल है। इस बार सादा समारोह ही आयोजित किए जा रहे हैं। बताया कि हम सभी मां गौरी से प्रार्थना कर ही हैं कि वे देश को इस महामारी से मुक्ति दिलाएं तथा परिवार एवं समाज की खुशहाली बनाए रखें। इस दौरान मोनिका चांडक, वर्षा छापरवाल, शारदा, पायल, कृष्णा, दिव्या राठी, श्रृति, अनु, परी आदि मौजूद रहे।

घरों में ही सजाए मांडणे

महोत्सव को लेकर घरों में मांडणे सजाए गए हैं। इसर-गौर की स्थापना कर आकर्षक सजावट की गई है। इनके इर्द-गिर्द महिलाएं एवं बालिकाएं पूजा-अर्चना करती हैं। घर की महिलाएं एवं बालिकाएं ही एकत्र होकर पूजा की रस्म अदा करती है। भंवर म्हाने पूजन दयो गणगौर... जैसे गीत गाते हुए नृत्य किया जा रहा है। इसमें कुटुम्ब परिवार के लोग शामिल होते हैं।

उल्लास से भरी हैं तीजणियां

विभिन्न जगह तीजणियां शिव व पार्वती के रूप में इसर-गणगौर की पूजा कर पति के दीर्घायु की कामना कर रही हंै। बालिकाएं भी परम्परागत रूप से पूजा करने में शामिल हो रही है। वे अच्छे वर की कामना एवं परिवार में खुशहाली की मन्नत कर रही हैं। महोत्सव के दौरान गवर व इसर को पानी पिलाने की रस्म अदा की जा रही है।

यह बोलीं तीजणियां...

महामारी का प्रकोप होने से इस बार सादा समारोह ही मनाया जा रहा है। हम लोग घरों में रहते हुए पूजन कर रही हैं। इसमें पूरे परिवार एवं कुटुम्ब जनों का भी सहयोग मिल रहा है।

- वर्षा छापरवाल

महोत्सव को लेकर हम लोगों में हर बार उल्लास रहता है। हालांकि इस बार सादा समारोह आयोजित कर रहे हैं, लेकिन गणगौर महोत्सव मनाने की खुशी में कोई कमी नहीं है।

- शारदा चांडक

पीहर में मेरा पहला गणगौर पूजन है, लेकिन इस बार सामूहिक आयोजन नहीं हो पा रहे हैं। इसका कोई मलाल नहीं है क्योंकि महामारी से बचने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास जरूरी है।

- दिव्या राठी

महोत्सव भले ही सामूहिक रूप से नहीं मनाया जा रहा हो, लेकिन हम अपने घर-परिवार के साथ तो मना ही सकते हैं। इस बार घरों में ही एकत्र होकर पूजा की जा रही है, जो सुखद लगा।

- मोनिका छापरवाल

Jitesh kumar Rawal
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