गूंजे वाद्ययंत्र, थिरके कलाकार, साकार हुई लोक संस्कृति

श्रीरामदेव पशु मेला में सांस्कृतिक संध्या आयोजित

By: shyam choudhary

Published: 27 Feb 2021, 05:46 PM IST

नागौर. श्रीरामदेव पशु मेला मैदान में शुक्रवार की शाम को लोकवाद्य से निकले मंत्रमुग्ध करन देने वाले संगीत, लोकगायन पर थिरकते कलाकार और तालियां से माहौल को उर्जावान बनाते यहां मौजूद आमजन और राज्य के बाहर से आए पशुपालक। एक तरफ जहां लाइटों की चका-चौंध में सजे-धजे नागौरी बैल, उंट व घोड़े तथा हष्ठ-पुष्ट मुर्रा नस्ल के भैंसे जहां आकर्षण का केन्द्र बने रहे वहीं सांस्कृतिक संध्या में लोकनृत्य व ख्याल आदि कलाओं का प्रदर्शन करते कलाकार भी दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच रहे थे।

श्री रामदेव पशु मेले में शुक्रवार को पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित सांस्कृतिक संध्या में शंखवास, नागौर के कलाकार श्रवण कुमार ने मश्क वादन, मेड़ता के महबूब खां ने कुचामनी ख्याल, अलवर के बनैसिंह ने रिम भवई तथा जोधपुर से आए लोक कलाकार पारसनाथ ने कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत करते हुए समां बांध दिया। वहीं अलवर के युसुफ खान ने भंपग वादन, मेड़ता के कैलाश नियावत ने कोरोना जागृति से जुड़े लोकगीत पर लोकनृत्य तथा जोधपुर के कासम खान ने राजस्थानी लोकगीत प्रस्तुत हुए कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। वहीं दौसा से आए कलाकार अशोक वर्मा ने अलग-अलग तरह से मिमिकरी करी तो कार्यक्रम स्थल ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर मनोज कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जवाहर चौधरी तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महेन्द्र प्रताप बेनीवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अतिथि के रूप में शिरकत की।

पशु मेले में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों सहित नागौर जिले के भी आसपास के गांवों से ग्रामीण एवं पशुपालकों ने भाग लिया। सांस्कृतिक संध्या आयोजन में पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. जगदीशप्रसाद बरवड़, डॉ. सुरेन्द्र चौधरी, पर्यटन विभाग के उप निदेशक अजय शर्मा तथा सहायक पर्यटन अधिकारी प्रद्युम्न देथा सहित अन्य स्टॉफ की भूमिका रही।

shyam choudhary Reporting
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