scriptबाजार में बढ़ी बड़े दाने के मूंग की डिमांड, किसानों से इसकी बुआई करने का आह्वान | Patrika News
नागौर

बाजार में बढ़ी बड़े दाने के मूंग की डिमांड, किसानों से इसकी बुआई करने का आह्वान

– कृषि विशेषज्ञों व दाल मिल संचालकों ने किसानों को दी बड़े दाने का मूंग बोने की सलाह
– छोटे दाने व बड़े दाने के मूंग के भावों में रहता है एक हजार रुपए प्रति क्विंटल का अंतर
– नागौर में उगाया जाता है राजस्थान का 40 फीसदी मूंग

नागौरJun 17, 2024 / 11:35 am

shyam choudhary

moong
नागौर. बाजार में बड़े दाने के मूंग की डिमांड बहुत अधिक बढ़ गई है। तलाई की दाल व नमकीन बनाने वाली बड़ी-बड़ी कम्पनियां बड़े मूंग की दाल के एक हजार से 1500 रुपए तक अधिक मूल्य चुका रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में मूंग दाल की मांग राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कदर बढ़ी है कि प्रदेश में करीब 40 फीसदी मूंग का उत्पादन करने वाले नागौर जिले के दाल मिल संचालकों को मूंग दाल की आपूर्ति के लिए बाहर से मूंग मंगवाना पड़ रहा है। मिलर्स का कहना है कि नागौर में बड़े स्तर पर मूंग का उत्पादन होने के बावजूद आपूर्ति पूरी नहीं हो रही है। कम्पनियों की मांग को देखते हुए दूसरे राज्यों से मूंग मंगवाना पड़ रहा है। खासकर बड़े दाने के मूंग की डिमांड ज्यादा है, इसलिए व्यापारियों व मिल संचालकों के साथ कृषि विशेषज्ञों का किसानों से कहना है कि वे इस बार बड़े दाने का मूंग बोएं। गौरतलब है कि हर साल प्रदेश का 40 से 45 फीसदी मूंग उत्पादन (राजस्थान में 8.80 लाख मैट्रिक टन ) अकेले नागौर में होता है। गत पांच सालों में हर वर्ष यहां सवा 6 लाख हैक्टेयर में मूंग फसल की बुआई हुई है और 4.16 लाख टन मूंग का औसत उत्पादन हुआ है। यहां की मिलों में तैयार होने वाली दालें हल्दीराम, पतंजलि, रिलायंस, टाटा व बिग बाजार में सप्लाई हो रही हैं।
नागौर के मूंग की गुणवत्ता अच्छी, इसलिए मांग भी ज्यादा

नागौर के मिलर्स मांग अधिक होने से भले ही बाहर से मूंग मंगवा रहे हैं, लेकिन नागौर के मूंग की तुलना में बाहर से आने वाले मूंग की गुणवत्ता व स्वाद उतना नहीं है, जितना नागौर के मूंग का है। ऐसे में नागौर के मूंग की डिमांड भी ज्यादा है। नागौर का मूंग राज्य के साथ देशभर की पहली पसंद बना हुआ है। उत्तर में दिल्ली, पूर्व में आसाम तथा दक्षिण में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों के लोग नागौर के मूंग के दीवाने हैं। धान का कटोरा कहे जाने वाले पंजाब राज्य के लोग भी मूंग नागौर से मंगवाते हैं।
फैक्ट फाइल

6.15,690 हैक्टेयर में मूंग की बुआई हुई है गत वर्ष जिले में

– 4,16,629 मीट्रिक टन औसत उत्पादन है जिले का

– 8,558 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य है मूंग का
जिले में पिछले पांच सालों में मूंग का उत्पादन

वर्ष – उत्पादन

2017-18 – 4,36,591

2018-19 – 4,02,658

2019-20 – 4,68,502

2020-21 – 4,44,363

2021-22 – 3,31,030

2022-23 – 4,19,408
मूंग के आंकड़े मीट्रिक टन में हैं।

मांग ज्यादा, इसलिए भाव भी ज्यादा

बड़े दाने के मूंग की बाजार में मांग ज्यादा है, इसलिए भाव भी ज्यादा मिलते हैं। छोटे मूंग व बड़े दाने के मूंग में मंडी में ही एक हजार से 1500 रुपए तक का अंतर रहता है। बड़ी-बड़ी नमकीन कम्पनियां भी बड़े दाने के मूंग की दाल मांग रही है। इसलिए किसानों को इस बार बड़े दाने के मूंग की बुआई करनी चाहिए, ताकि भाव अच्छे मिले।
– भोजराज सारस्वत, संरक्षक, दाल मिल एसोसिएशन, नागौर

बड़े दाने के मूंग की डिमांड ज्यादा

बाजार में बड़े दाने के मूंग की डिमांड ज्यादा है, इसलिए किसानों को बड़े दाने के मूंग की बुआई करनी चाहिए। मांग को देखते हुए केवीके में हमने बड़े दाने के मूंग का बीज जीएम-7 तैयार किया है, जो 100 क्विंटल बिक चुका है और 40 क्विंटल बचा है। जीएम-6 मूंग की अच्छी क्वालिटी है, जो इस वर्ष तैयार हो रही है।
– डॉ. एसके बैरवा, वरिष्ठ वैज्ञानिक, केवीके, अठियासन

Hindi News/ Nagaur / बाजार में बढ़ी बड़े दाने के मूंग की डिमांड, किसानों से इसकी बुआई करने का आह्वान

ट्रेंडिंग वीडियो