एमसीएच विंग में घूम रहे श्वान, नवजात बच्चों की जान को खतरा

शहर के जागरूक युवाओं ने चिकित्सा अधिकारियों को मौके पर बुलाकर कहा तो बोले - ठीक है आपकी बात सुन ली

By: shyam choudhary

Published: 08 Oct 2020, 08:10 PM IST

नागौर. जिला मुख्यालय के जेएलएन राजकीय अस्पताल की एमसीएच विंग में अव्यवस्थाओं का आलम इस कदर है कि श्वान शिशु वार्ड तक पहुंचने लगे हैं। इससे नवजात बच्चों की जान खतरे में है और जिम्मेदार चिकित्सा अधिकारी सब कुछ जानते हुए हुए भी लापरवाह बने हुए हैं। हद तक तब हो गई, जब जागरूक युवाओं ने एमसीएच विंग की अव्यवस्थाओं को लेकर विंग प्रभारी डॉ. आरके सुथार को वीडियो दिखाया और व्यवस्था सुधारने के लिए कहा, जिस पर उन्होंने गैर जिम्मेदाराना जवाब देते हुए यह कह दिया कि यह उनकी जिम्मेदारी नहीं है।

यह पहला मौका नहीं है जब एमसीएच विंग प्रभारी की लापरवाही सामने आई है, इससे पहले भी कई बार उन्होंने लापरवाही का परिचय दिया है। फोन नहीं उठाना और गैर जिम्मेदाराना जवाब देना उनकी कार्यशैली बनती जा रही है। गत दिनों संभागीय आयुक्त डॉ. आरुषि मलिक ने भी निरीक्षण के दौरान गैलेरी में अंधेरा होने पर तथा अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर लताड़ लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई सुधार नहीं हो रहा है।

क्या आपका बच्चा भर्ती होता तो ऐसे करते?
बुधवार को अस्पताल पहुंचे जागरूक युवा मनीष गहलोत, धीरज सांखला, गोपी भाटी, पंकज रामावत, मोहित आदि ने अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर जेएलएन अस्पताल के पीएमओ डॉ. शंकरलाल को मौके पर बुलाकर स्थिति से अवगत कराया। पहले तो उन्होंने बात सुनकर कहा कि नगर परिषद के पास श्वान पकडऩे के साधन ही नहीं है। वे क्या करें। इसके बाद जब युवाओं ने कहा कि यदि आपका बच्चा इस वार्ड में भर्ती होता तो क्या आप इस प्रकार लापरवाही दिखाते, जिस पर पीएमओ ने कहा कि आप मुझे यहां से हटवा दो। युवाओं व मरीजों ने बताया कि गार्ड ड्यूटी के समय सोता रहता है और श्वान अस्पताल में घुस जाते हैं, जिस पर पीएमओ व डॉ. महेश पंवार ने गार्ड को बुलाकर मुस्तैदी से ड्यूटी करने के लिए पाबंद किया तथा कहा कि इस बार श्वान अंदर घुस गया तो उसे नौकरी से हाथ धोना पड़ेगा।

shyam choudhary Reporting
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