जल्द पूरा होगा नागौर से हवाई उड़ान का सपना, भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण टीम आएगी नागौर

राजस्थान के नागौर में हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में बदलने के प्रयास तेज, केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी ने लिखा था उड्डयन मंत्री को पत्र

By: Dharmendra gaur

Published: 16 May 2018, 12:10 PM IST

नागौर विधायक हबीबुर्रहमान व खींवसर विधायक बेनीवाल ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा
नागौर. केन्द्रीय राज्य मंत्री सीआर चौधरी की मांग पर गुरुवार को भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण की टीम नागौर आएगी। नागरिक उड्डयन्न मंत्रालय के अधिकारियों ने चौधरी को फोन पर बताया कि प्राधिकरण की टीम नागौर आएगी। गौरतलब है कि पिछले 2 वर्षों से सीआर चौधरी नागौर में हवाई अड्डा बनाने के लिए प्रयासरत हैं। चौधरी ने कईं बार नागरिक उड्डयन्न मंत्री से मुलाकत एवं पत्राचार भी किया। प्राधिकरण की टीम प्रशासन के साथ मिलकर निरीक्षण करने के बाद उड्डयन्न मंत्रालय को अवगत कराएगी।
उड्यन मंत्री को लिखा था पत्र
चौधरी ने हाल ही में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन्न मंत्री सुरेश प्रभु को पत्र लिखकर नागौर हवाई पट्टी का विस्तार कर हवाई अड्डें में विकसित करने की मांग की थी। चौधरी ने नागौर के धार्मिक स्थलों एवं ऐतिहासिक इमारतों का महत्व बताते हुए भारत वर्ष के पर्यटनों की सुविधा एवं जिले के विकास के लिए हवाई अड्डे की महती आवश्यकता बताई। साथ ही अवगत कराया कि नागौर जिले के विभिन्न खनिज, मसालें, दालें इत्यादि विश्व प्रसिद्ध है, इसलिए व्यापारिक दृष्टिकोण से भी हवाई अड्डे की जरुरत है।
बड़े विमान भरेंगे उड़ान
राजकीय हवाई पट्टी के विस्तार के लिए भूमि अवाप्ति की कार्यवाही लगभग पूरी हो चुकी है। हवाई पट्टी के लिए 90.36 बीघा भूमि मुख्य पायलेट अधिकारी, निदेशालय नागरिक विमानन जयपुर एवं जिला कलक्टर नागौर द्वारा चिन्हित कर अवाप्ति की कार्यवाही पूर्णता की ओर है। राजकीय हवाई पट्टी विकसित करने के बाद जरूरत पडऩे पर बड़े विमान भी यहां उतर सकेंगे। एक साल पहले किए गए सर्वेक्षण के बाद हवाई पट्टी विस्तार को हरी झण्डी मिलते ही प्रशासन ने विस्तार की कवायद शुरू कर दी थी। अब सरकार ने भूमि अवाप्ति को लेकर 3 करोड़ 61 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया है।

दो हजार मीटर होगी लम्बाई
विभिन्न खसरों में अवाप्ति योग्य भूमि के चयन का कार्य तहसील कार्यालय स्तर पर हो रहा है। गैर सरकारी संगठन व संस्था से सोशल इम्पेक्ट इवेल्यूशन के लिए अनुमति मांगी गई है। भूमि अधिग्रहण के लिए गठित कमेटी ने हवाई पट्टी के विस्तार को लेकर इस जमीन को उपयुक्त बताते हुए भूूमि अधिग्रहण के लिए रिपोर्ट सौंप दी थी। प्रशासन की ओर से 90 बीघा भूमि का अधिग्रहण करने की प्रक्रिया लगभग गई है। जानकारी के अनुसार विस्तार के दौरान हवाई पट्टी की लम्बाई 1500 मीटर से बढ़ाकर 2000 मीटर तथा चौड़ाई 30 से 45 मीटर किया जाना प्रस्तावित है। विस्तार के बाद 56 सीटर से लेकर 200 सीट वाले बड़े विमानों का परिचालन संभव हो सकेगा।
बड़े शहरों से होगा जुड़ाव
हवाई पट्टी विस्तार को लेकर नवम्बर 2015 में नागौर आए नागरिक उड्यन मंत्रालय के चीफ पायलट कैप्टन केसर सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों से हवाई पट्टी के रन वे को अपग्रेड करने को लेकर चर्चा की थी। जोधपुर , बीकानेर व गंगानगर जिले पाकिस्तान की सीमा पर होने के कारण नागौर सामरिक दृष्टि से काफी अहम है। युद्ध जैसी विषम परिस्थितियों में नागौर देश के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र साबित हो सकता है। हवाई सेवा शुरू होने से नागौर सीधे बड़े शहरों से जुड़ जाएगा और यहां उद्योग धंधों को बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि पत्रिका हवाई पट्टी विस्तार का मुद्दा लगातार उठाता रहा है।

Dharmendra gaur Reporting
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