जैविभा विश्वविद्यालय में शुरू किए जाएंगे रोजगार परक पाठ्यक्रम

Sandeep Pandey

Publish: Apr, 17 2018 07:09:20 PM (IST)

Nagaur, Rajasthan, India
जैविभा विश्वविद्यालय में शुरू किए जाएंगे रोजगार परक पाठ्यक्रम

जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में हुआ कार्यक्रम

लाडनूं. जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) में कार्यक्रम हुआ। इस मौके पर कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने कहा कि विश्वविद्यालय में शीघ्र ही नैचुरोपैथी व योग , आयुर्वेद पर कोर्सेज शुरू किए जाएंगे। इनके अलावा अब यहां विभिन्न प्रकार के रोजगार परक पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे। इनमें स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं को देखते हुए उनके अनुकूल स्किल डेवलेपमेंट कोर्स बनाए जाएंगे। यहां पर करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट के कार्यक्रमों को अधिक सक्षम बनाया जाएगा। ताकि उनका पूरा लाभ विद्यार्थियों को मिल सके। वे यहां यूजीसी की 12 बी की टीम की ओर से यूजीसी को दी गई रिपोर्ट के बारे में जानकारी देते हुए उनके द्वारा दिए गए सुझावों को लागू करने के बारे में बता रहे थे। उन्होंने सम्पूर्ण शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक स्टाफ की बैठक में बताया कि सबकी सुविधा के लिए विश्वविद्यालय परिसर में शॉपिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए वर्तमान में तात्कालिक रूप में यहां चल रही केंटीन के अंदर समस्त खरीदारी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रोण् दूगड़ ने बताया कि यह विश्वविद्यालय जैन दर्शन पर आधारित है। इसलिए यहां जैन दर्शन के सम्बंध में ऐसे कोर्स डेवलप किए जाएंगे जो छात्रों को रोजगार भी उपलब्ध करवा सके। इन सभी को लागू करने के लिए उन्होंने समय सीमा तय की तथा अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी।
जैन दर्शन पर बताया फ ोकस
उन्होंने बताया कि यूजीसी की 12 बी टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट पूरी तरह से संस्थान के पक्ष में की गई सिफारिश के रूप में है, जिसमें उनके द्वारा किए गए अवलोकन में विश्वविद्यालय के भैतिक संसाधनों को श्रेष्ठ बताया है। परिसर को साफ.सुथरा व पर्यावरण के अनुकूल बताया। यहां के शैक्षणिक स्टाफ को अच्छा तथा विद्यार्थियों में हिंसा रहित व अनुशासित बताया गया है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्थाओं को किसी वैधानिक संस्था की तरह संचालित की जाना तथा छात्रावास व स्टाफ के आवास की व्यवस्थाओं की भी रिपोर्ट में तारीफ की गई है। प्रो. दूगड़ ने जानकारी दी कि रिपोर्ट में इस डीम्ड विश्वविद्यालय को अपने उद्देश्यों के अनुकूल एवं जैन दर्शन को समर्पित जैन साहित्य, अनुवाद आदि पर फोकस बताया तथा प्राकृत भाषा व उसके डिजीटाईजेशन आदि पर भी संतोष व्यक्त किया गया। टीम ने महिला शिक्षा पर आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के माध्यम से अच्छा कार्य करना बताया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में राष्ट्रीय मूल्यंाकन एवं प्रत्यायन परिषद की टीम विश्वविद्यालय का दौरा करेगी, जिसमें भी सबको पूर्ववत ही अपनी क्षमता का प्रदर्शन करना है। बैठक में प्रो. रेखा तिवाड़ी, प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी, प्रो. बीएल जैन अभिषेक चारण, प्रो. दामोदर शास्त्री, प्रो. समणी ऋजुप्रज्ञा, प्रो. समणी संगीत प्रज्ञा, डॉ. प्रद्युम्न सिंह शेखावत आदि उपस्थित थे।

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