काफूर हो गई उमंग, नहीं हो पाया समागम

जिला उद्यम समागम: जिस जोर-शोर से ढिंढोरा पीटा उस लिहाज से छाप नहीं छोड़ पाए, लोग नहीं आने से अधिकतर उद्यमी समय से पहले ही स्टॉल्स समेट ले गए

By: Jitesh kumar Rawal

Updated: 01 Mar 2020, 12:40 PM IST

नागौर. एमएसएमइ व सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के तत्वावधान में आयोजित जिला उद्यम समागम को लेकर जिस जोर-शोर से ढिंढोरा पीटा गया था उस लिहाज से यह लोगों में छाप नहीं छोड़ पाया। दो दिवसीय समागम में लोगों की कम संख्या को देखते हुए अधिकतर उद्यमी अपनी स्टॉल्स भी समय से पहले ही समेट ले गए। यहां जिलेभर के विभिन्न उद्यमियों को स्टॉल्स के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन दर्शकों का अभाव ही रहा। ऐसे में दूर-दराज से आए उद्यमी काफी परेशान हुए। लोगों तक अपना उत्पाद पहुंचाने और मेले में बिक्री की उमंग पहले ही दिन काफूर हो गई। उद्यमियों ने बताया कि स्टॉल्स लगाने के लिए जरूर अच्छी व्यवस्था कर रखी थी, लेकिन प्रचार-प्रसार का अभाव रहा। ऐसे में न तो लोग यहां तक आए और न समागम हो पाया। दो दिवसीय समागम के अंतिम दिन लंच से पहले ही अधिकतर स्टॉल्स खाली हो चुके थे। कुछ स्थानीय उद्यमी जरूर अंतिम समय तक स्टॉल्स पर दिखे, लेकिन बाहरी क्षेत्र से आए उद्यमी जा चुके थे।

व्यवस्थाएं थी पर लोग ही नहीं थे

उद्यमियों ने बताया कि करीब पंद्रह दिन पहले समागम को लेकर सूचना दी गई थी। उम्मीद थी कि विभाग ने इसका भरपूर प्रचार-प्रसार किया होगा। इसलिए कई नए उत्पाद भी तैयार किए गए, ताकि उनकी कारीगरी व नई चीजों को लोगों तक पहुंचाया जा सके। लेकिन, यहां आने के बाद ठगे से रह गए। स्टॉल्स लगाने की केवल व्यवस्थाएं ही थी लोग नहीं थे।

इसलिए सुबह होते ही चले गए

जिला उद्यम समागम के पहले दिन उद्घाटन समारोह होने से कुछ लोग आए थे, जिससे शुरुआत में लगा था कि कार्यक्रम अच्छा रहेगा, लेकिन दोपहर बाद ही मेला स्थल खाली होने लगा। यहां केवल वे लोग ही घूमते दिखे, जिनके स्टॉल्स लगे हुए थे। शाम होते-होते पूरा स्थल ही खाली हो गया। ऐसे में कार्यक्रम के दूसरे दिन सुबह ही बाहर से आए अधिकतमर उद्यमी स्टॉल्स समेट कर चले गए।

प्रचार-प्रसार के अभाव में लोग नहीं जुटे

यहां स्टॉल्स लगाने वाले प्रवीण सोनी ने बताया कि प्रचार-प्रसार का अभाव होने से लोग नहीं जुटे इसलिए समागम में मजा नहीं आया। गोपाल सोनी ने भी कमोबेश यही बताया। मौजड़ी व्यवसायी अब्दुल रहीम ने बताया कि लोग नहीं आने से बिक्री नहीं हो पाई। ऐसे में दूर से आना भारी पड़ता है। उन्होंने विभाग से उम्मीद जताई कि आगामी कार्यक्रमों में ऐसा न हो। बासनी से लकड़ी का फर्नीचर लेकर आए मोहम्मद आरीफ ने बताया कि वे कुर्सी, मेज, तिपाई जैसी कई आइटम्स लेकर आए थे, लेकिन मेले में लोग ही कम आए। बजरंग सोनी व सुनीलकुमार ने बताया कि समागम को लेकर प्रचार-प्रसार की बेहद कमी थी, जिससे लोगों का आगमन नहीं हुआ। यहां योजनाओं की जानकारी तो दी गई, लेकिन आमंत्रित उद्यमियों के अलावा ज्यादा लोग नहीं थे।

कार्यशाला में बैंकर्स ने बताई योजनाएं

उद्यम समागम के दूसरे व अंतिम दिन जीएसटी, पर्यावरण प्रदूषण, नई ऊर्जा नीति, सोलर पॉलिसी, राजस्थान वित्त निगम, रीको विभाग की योजना एवं जिला स्तरीय बैंकर्स के साथ कार्यशाला हुई। अग्रणी जिला प्रबंधक अभिनीत दयाल समेत विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक मौजूद रहे। बैंकर्स ने प्रधानमंत्री रोजगार सृृजन योजना, मुख्यमंत्री लघु प्रोत्साहन योजना एवं राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना 2019 व डैडम् पॉलिसी के तहत ऋण लेने पर उद्यमियों को आने वाली समस्याओं पर चर्चा की। औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों ने भी विचार व्यक्त किए। उद्योग केंद्र महाप्रबंधक सुशीलकुमार छाबड़ा, मोहम्मद हनीफ भटटी, खुदाबक्ष मुल्तानी, एमएसएमइ के गौतम मेथी आदि ने समागम में सम्मिलित हुए उद्यमियों व विभागों को स्मृति चिह्न प्रदान किए। उद्योग केन्द्र के महेशचंद शर्मा, बजरंग सांगवा, भागीरथ, हरेन्द्रराम, राधिका, निर्मल कुमार, मंगनाराम का सहयोग रहा।

Jitesh kumar Rawal
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned