प्रदेश में पांच दिन रहेगा अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान तौउते का असर, जानिए, किस दिन कहां होगा असर

मौसम विभाग के वैज्ञानिकों ने लगातार दूसरे दिन जारी की चेतावनी

By: shyam choudhary

Published: 16 May 2021, 03:20 PM IST

नागौर. अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान तौउते TAUKATAE को लेकर मौसम विभाग जयपुर ने रविवार को लगातार दूसरे दिन चेतावनी जारी कर आमजन का अलर्ट किया है। जयपुर मौसम केन्द्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने रविवार को प्रेस नोट जारी कर बताया कि चक्रवाती तूफान तौउते TAUKATAE और तीव्र होकर अति गंभीर चक्रवाती तूफान very severe cyclone बन गया है। पिछले 6 घंटों में 11 किलोमीटर की रफ्तार से लगभग उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ा है। शर्मा ने बताया कि अति गंभीर चक्रवाती तूफान के उत्तर -उत्तरपश्चिम दिशा की ओर आगे बढऩे तथा 17 मई शाम के आसपास गुजरात तट के पोरबंदर-महुआ (भावनगर जिला) के मध्य क्षेत्र से गुजरने की संभावना है। 18 मई दोपहर या शाम के समय इस सिस्टम के कमजोर होकर डिप्रेशन के रूप में दक्षिण पश्चिम राजस्थान से प्रवेश करने की संभावना है।

मौसम विभाग की चेतावनी

  • 16 मई को उदयपुर, जोधपुर व कोटा संभाग के जिलों के कुछ भागों में थंडरस्टोर्म के साथ हल्के से मध्यम बारिश होगी।
  • 17 को उदयपुर, जोधपुर, कोटा व अजमेर संभाग के जिलों के कुछ भागों में थंडरस्टोर्म के साथ हल्के से मध्यम बारिश, जबकि एक -दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना। 18-19 मई को इस सिस्टम का सर्वाधित असर होगा।
  • 18 मई को उदयपुर संभाग के कुछ जिलों में मेघ गर्जन/वज्रपात के साथ तेज हवाएं, अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि जोधपुर, कोटा व अजमेर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।
  • 19 मई को उदयपुर, जोधपुर, अजमेर, कोटा व जयपुर संभाग के कुछ जिलों में मेघगर्जन/वज्रपात के साथ तेज हवाएं, कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है।
  • 20 मई को अजमेर, जयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज हवाएं, कहीं-कहीं भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। 21 मई से इस सिस्टम का प्रभाव खत्म होगा।

तूफान का संभावित प्रभाव व सलाह

  • भारी बाररश से निचले इलाकों में जल भराव हो सकता है। आगामी मौसम के मद्देनजर किसानों को यह सलाह दी जाती है कि खुले आसमान अथवा खलिहान में पड़े अनाज को सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें।
  • कृषि मंडियों में खुले आसमान में रखे हुए अनाज को ढंककर व सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि उन्हें भीगने से बचाया जा सके।
  • खेतों में लगे सोलर सिस्टम को भी अचानक तेज हवाओं से नुकसान हो सकता है, अत: सुरक्षित स्थान पर रखें।
  • यदि अपने आसपास मेघगर्जना की आवाज सुनाई दे या बिजली चमकती हुई दिखाई दे तो पेड़ के नीचे शरण ना लें।
  • तेज अंधड़ के समय बड़े पेड़ों के नीचे व कच्चे मकानों में शरण लेने से बचें।
  • तेज अंधड़ से बिजली के तारों के टूटने एवं खंभों के गिरने से क्षति होने की संभावना है।
shyam choudhary Reporting
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