आयुर्वेदि चिकित्सालयों में सरकार लगा रही ताला...!

Nagaur patrika latest news.एलोपैथ चिकित्सा के नए केन्द्र खुल रहे और, आयुर्वेद को किया जा रहा बंदNagaur patrika latest news

Sharad Shukla

September, 2711:57 AM

Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

Nagaur patrika latest newsनागौर. प्रदेश सरकार की लापरवाही के चलते अब आयुर्वेद केन्द्रों पर अब ताले लगने की नौबत आ गई है। कई औषधालय व चिकित्सालय ऐसे भी हैं जहां पर न तो चिकित्सक हैं, और न ही कंपाउण्डर व परिचारक। विभागीय जानकारों के अनुसार स्थिति पूरे प्रदेश में बन गई है। अकेले नागौर जिले में ऐसे केन्द्रों की संख्या दो दर्जन से ज्यादा पहुंच गई है। हालांकि स्थानीय स्तर पर इधर-उधर के निकटवर्ती केन्द्रों से एक-दो किसी को भेजकर केन्द्र को खोलने की औपचारिकता कर ली जाती है, मगर शेष दिनों में इन केन्द्रों पर ताले लगे रहते हैं। कारण सरकार गत पांच सालों में एलौपैथिक के कई नए केन्द्र खोलने के साथ जहां उनको बजट भी दे दिया, वहीं आयुर्वेद के पहले से खुले केन्द्र केवल चिकित्सकों एवं कंपाउण्डरों के अभाव में अब अघोषित रूप से बंद होने लगे हैं।
सरकारी उदासीनता ने राजस्थान में आयुर्वेद विभाग के अधीन चिकित्सालयों की हालत बेहद खराब कर रख दी है। प्रदेश के पाली, ब्यावर, किशनगढ़, कोटा, सीकर आदि सहित अन्य जिलों में स्टॉफ एवं बजट के अभाव में केन्द्रों मृतप्राय की स्थिति में लाकर रख दिया है। अकेले नागौर जिले में चौदह औषधालय ऐसे हैं, जहां पर चिकित्सक, कंपाउण्डर एवं परिचारक तीनों के ही पद लंबे समय से खाली चल रहे हैं। 13 औषधालयों में परिचारक तो हैं, मगर चिकित्सक एवं कंपााण्डर नहीं हैं। इस तरह से इन कुल 27 केन्द्रों में निकटवर्ती स्टॉफ की मदद से एक-दो के लिए किसी चिकित्साकर्मी को भेजकर केन्द्र को खोलने की खानापूर्ति कर ली जाती है।

इन केन्द्रों में तीनों पद खाली हैं
केन्द्रों के नाम कार्यरत पद
आजवा खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक
भैयाकला खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक
चौलुखा खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

गेढकला खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

कोलिया खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

केराप खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

मकोड़ी खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

मोरेड खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

नावां खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

योग प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र नागौर खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

रलियावता खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

श्रीबालाजी खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

सीलनवाद खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

राचि. सांजू खाली चिकित्सक, कंपाउण्डर, परिचारक

इन केन्द्रों में केवल परिचारक कार्यरत
विभागीय जानकारों के अनुसार बिश्नोइयों की ढाणी, भैरूंदा, ढाबा, दासावास, हरनावां, मकराना, निंबीजोधा, पालड़ीकलां, रामसिया, रोहिसा, रूण, सिंहू, वार्ड बडली आदि में लंबे समय से चिकित्सक एवं कंपाउण्डर नहीं हैं।
नहीं मिल पा रहा आयुर्वेदिक चिकित्सा का लाभ
आयुर्वेद चिकित्सा केन्द्रों के अघोषित रूप से बंद होने के चलते लोगों आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ ही नहीं मिल पा रहा। ग्रामीणों में कइयों का मानना है कि एलोपैथ के दवाओं के विभिन्न प्रकार के साइड इफेक्ट से शरीर में नई बीमारियां हो जाती हैं। इन्हें दुरुस्त कराने के लिए एलोपैथिक चिकित्सकों के यहां जाने का क्रम बना रहता है। आयुर्वेद में साइड इफेक्ट नहीं होने के साथ ही रोग को जड़ से खत्म करने की क्षमता होने के बाद भी उनको केवल सरकार की लापरवाही के चलते इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
इनका कहना है...
आयुर्वेद के चौदह केन्द्रों में चिकित्सक, कंपाण्डर, परिचारक के पद खाली हैं। 13 अन्य में परिचारक कार्यरत हैं। इनकी जानकारी मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। इसके बाद भी निकटवर्ती केन्द्रों के चिकित्साकर्मियों को इन केन्द्रों पर व्यवस्थार्थ लगाकर काम चलाया जा रहा है।
वासुदेव सिखवाल, उपनिदेशक, आयुर्वेद जिला कार्यालय नागौरNagaur patrika latest news

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