रहबरों की निगाहबीनी में सडक़ों पर गुजरते बजरी लदे वाहन

Nagaur. पुलिस थानों के आस-पास से बेखौफ गुजरते अवैध बजरी लदे वाहन - डेगाना, हरसोर, नागौर का मूण्डवा, झिटिया, आलनियावास आदि मार्गों से होकर बेधडक़ गंतव्यों तक पहुंच रहे - गोटन एवं नागौर एमई क्षेत्रों से रोजाना करीब पांच सौ से ज्यादा बजरी लदे वाहन गुजर रहे, दो सौ से ज्यादा ट्रेक्टर गुजरते - रियाबड़ी में पुलिस चौकी, मेड़ता थाना, पादुकला, थांवला, डिप्टी ऑफिस मेड़ता, जसनगर पुलिस चौकी क्षेत्र से गुजरते वाहन

By: Sharad Shukla

Published: 13 Sep 2021, 10:08 PM IST

नागौर. जिले में अवैध बजरी खनन के बाद ओवरलोड गाडिय़ां कई थाना क्षेत्रों से होकर गुजरती है। यह गाडिय़ां बेरोक-टोक अपने गंतव्यों तक पहुंच रही है। कथित रूप से इसी मिलीभगत के चलते रात्रि में सडक़ों पर अवैध बजरी खनन माफिया का च्राजज् चलता है। कार्रवाई के नाम पर एक माह के आंकड़ों की स्थिति औसत से भी कम बताई जाती है। जबकि एक दिन में 500 से ज्यादा बजरी लदे ओवरलोड वाहन जिम्मेदारों की आंखों के सामने से गुजर जाते हैं।

यह स्थिति तब है, जबकि गत वर्ष अक्टूबर माह में आई सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने भी अवैध खनन के चलते बिगड़ी पर्यावरणीय स्थिति पर चिंता जताने के साथ कार्रवाई की नसीहत दी थी। गोटन एवं नागौर एमई एरिया से गुजरने वाले रास्तों में कहीं पर भी इन गाडिय़ों को जांच के लिए नहीं रोकना पूरे प्रशासनिक अमले पर सवालिया निशान है। रियाबड़ी क्षेत्र से अवैध खनन कर बजरी से भरी गाडिय़ां आलनियावास एवं झिंटिया नाके के रास्ते से गुजरती हैं। इस दौरान क्षेत्र में रियाबड़ी पुलिस चौकी पड़ती है। यही नहीं, यह गाडिय़ां मेड़ता, थांवला एवं पादुकला थाना क्षेत्र की सीमाओं से होकर गुजरती हैं। जहां से इनको बेधडक़ गुजरने दिया जाता है। इस दौरान दस्तावेजों की जांच के लिए इन थानों के पुलिसकर्मी न तो कोई जहमत उठाते हैं और न ही अन्य जिम्मेदार। जबकि इन थानों की पुलिस चौकियां भी रास्ते में पड़ती है। डेगाना में पुलिस विभाग का डिप्टी ऑफिस भी पड़ता है। सूत्रों की माने तो मिलीभगत के चलते रोजाना हो रहे लाखों के कारोबार में सरकार को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। लाखों के राजस्व की चोरी के बीच खुद की संलिप्तता होने के बाद दिखावे के लिए जिम्मेदारों की ओर से कुछ डंपर्स पकडकऱ खानापूर्ति भी कर ली जाती है। ताकी खुद की स्थिति पाक-साफ दर्शा सकें। इसी के चलते शनिवार रात्रि पादुकला थाना पुलिस की ओर से औपचारिक कार्रवाई में कुछ डंपर्स पकड़े गए,ल ेकिन उसमें बजरी नहीं थी। बताया जाता है कि यह डंपर्स बजरी का परिवहन करने आए थे, लेकिन पहले ही पकड़ लिए गए। जबकि सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई भी बजरी माफियाओं से कथित रूप से आपसी अंडरस्टैडिंग के चलते की रजामंदी से की गई। ताकी कागजी खानापूर्ति के रिकार्ड में विभागीय उपलब्धी दिखाई जा सके। यही वजह रही है कि इसमें बजरी परिवहन करने वालों का चालान तो होता है, और जुर्माना भी लगा दिया जाता है, लेकिन जिस लीज से बजरी या अन्य खनिज पदार्थों को लेकर परिवहन किया किया गया उनके खिलाफ कोई विधिक व प्रभावी कार्रवाई अब तक नहीं की जा सकी। नतीजतन अवैध खनन का औसत एरिया अब काफी बढ़ गया है।

कई थाना क्षेत्रों व परिवहन एरिया से होकर गुजरते बजरी लदे वाहन
नागौर जिले में गोटन एवं नागौर खनि अभियंता क्षेत्र से बजरी एवं अन्य खनिज पदार्थ ब्यावर, अजमेर, सीकर, जयपुर, कोटपुतली, चौमू, जोबनेर, पुष्कर, पुष्कर, गेगल, दूदू, बगरू, कालावाड़ आदि क्षेत्रों से होकर विभिन्न गंतव्यों तक परिवहन किया जाता है। यूं तो यहां पुलिस एवं विभागों की गश्त होती रहती है, लेकिन बजरी लदी गाडिय़ां गुजरने के दौरान कार्रवाई की स्थिति औसत के बराबर भी नहीं होती है।

रास्तों में यह भी नजर नहीं आते
अवैध बजरी लदे वाहन डीडवाना एवं नागौर परिवहन विभाग के एरिया से भी गुजरते हैं। दोनों ही जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के निरीक्षक भी इस दौरान नदारद रहते हैं। हालांकि इनकी ओर से मोबाइल गाडिय़ां गश्त पर रहती हैं, लेकिन बजरी लदे ओवरलोड वाहन नजर नहीं आते। यही वजह है कि इन थाना क्षेत्रों एवं डीडवाना, नागौर परिवहन विभाग के पास ऐसी गाडिय़ों पर कार्रवाई के आंकड़े औसत से भी कम है।

नदी क्षेत्रों में खनन पर रोक के बाद यह हालात

उल्लेखनीय है कि नागौर जिले के नदी क्षेत्रों में बजरी खनन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है। इसके बाद भी अवैध बजरी खनन के लिए शाम ढले जेसीबी का गजरना शुरू हो जाता है। एक नहीं, कई गाडिय़ों में बजरी भरी जाती है, लेकिन खनिज एवं पुलिस महकमे के अधिकारियों को यह नजर नहीं आता। इसकी वजह से अवैध खनन एरिया का न केवल विस्तार हो चुका है, बल्कि कार्रवाई नहीं होने से कई जगहों पर हुए बड़े गड्ढों के चलते स्थिति विकट हो चुकी है।
इनका कहना

अवैध रूप से बजरी खनन एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों की सहायता से भी कार्रवाइयां की जा रही है।

जयप्रकाश गुरुबक्शानी, वरिष्ठ खनि अभियंता, खनिज विभाग, अजमेर
परिवहन विभाग की ओर से संबंधित एरिया में गश्त कर कार्रवाइयां की जाती है। इसके अलावा कई बार अभियान चलाकर कार्रवाइयां की जाती है।

ओमप्रकाश चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी, नागौर

Sharad Shukla Reporting
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