धरती का सीना फाड़ निकाली जा रही बजरी

नागौर में स्टेट हाइवे से सटे खजवाना में अवैध खनन बढऩे से गड़बड़ाया भौगोलिक ढांचा

By: Sharad Shukla

Published: 04 Jan 2018, 11:58 AM IST




नागौर. मूण्डवा व कुचेरा थाने के निकटवर्ती खजवाना में धरती का सीना छलनी कर अवैध रूप से बजरी खनन किए जाने के चलते न केवल इस ग्रामीण इलाके का भौगोलिक ढांचा गड़बड़ाने लगा है, बल्कि सरकार को भी प्रतिदिन लाखों रुपए की राजस्व हानि हो रही है। इसी वजह से क्षेत्र में कई जगहों पर बड़े-बड़े खड्ढ़े होने से हालात बिगडऩे लगे हैं। स्टेट हाइवे से सटे खजवाना की हालत अवैध खनन कर्मियों ने हालत बिगाडकऱ रख दी है। एक नहीं, कई जगहों पर यहां अवैध खनन किए जाने के कारण अब इस इलाके का भूगोल बिगड़ गया है। अवैध बजरी खनन के कई ट्रेक्टर एवं ट्रक यहां से मेड़ता, मूण्डवा, संखवास एवं कुचेरा क्षेत्र से सडक़ों को रौंदते हुए रोजाना निकलते हैं, लेकिन इन्हें पूरे रास्ते कहीं नहीं रोका जाता है। थाना हो या खनि विभाग का नाका, हर जगह से यह बेधडक़ गुजर जाते हैं। पत्रिका के स्टिंग में सामने आया कि केवल दो घंटे के दौरान ही तीन दर्जन से ज्यादा अवैध बजरी से भरे वाहन निकल गए। इस तरह से पूरे 24 घंटे का आंकलन करें तो अवैध बजरी से लदे गुजरने वाले वाहनों की संख्या का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है।
कार्रवाई या खानापूर्ति
इस संबंध में खनि विभाग के अभियंता सोहनलाल रेगर का कहना था कि खजवाना में अवैध खनन का एक प्रकरण पकड़ा है। उसकी एफआईआर भी दर्ज करा दी गई है। उन्हें जब यह बताया गया कि खजवाना में तो आधा दर्जन से ज्यादा इलाकों में अवैध खनन खुलेआम स्टेट हाइवे के बगल में ही किया जा रहा है तो उन्होंने बताया कि जानकारी में आने पर कार्रवाई जरूर करेंगे।
बढ़ी परेशानी
अवैध खनन पर लगाम नहीं होने के कारण लीजधारियों की परेशानी बढ़ गई है। लीजधारियों का कहना है कि वह तो रायल्टी देते हैं और ये बिना रायल्टी के केवल कथित रूप से जिम्मेदारों को सुविधा शुल्क देकर प्रतिदिन लाखों का माल खुर्द-बुर्द कर देते हैं। यही नहीं अवैध खननकर्ता के पास रायल्टी चुकाने की बाध्यता नहीं होने कारण वह अपना माल सस्ते में आपूर्ति कर देते हैं। इससे उनके पूरे माल की आपूर्ति नहीं हो पाती। कारण रायल्टी की वजह से उन्हें निर्धारित दर पर ही बजरी की बिक्री करनी है, जबकि अवैध खननकर्ता की ऐसी कोई मजबूरी नहीं है। इस संबंध में जिला कलक्टर तक की गई शिकायत का परिणाम बेनतीजा होने के कारण हालात अब ज्यादा बिगड़ गए हैं।
मिलीभगत से चल रहा अवैध खनन
इस संबंध में स्थानीय लोगों से बातचीत करने पर पता चला कि सभी की मिलीभगत से अवैध बजरी खनन का काम लंबे समय से चल रहा है। थोड़ा-सा आगे बढऩे पर ग्रामीणों ने बताया कि वह तो यहां अवैध खनन की शिकायत खनन विभाग से लेकर जिला कलक्टर तक कर चुके हैं, लेकिन आश्वासनों के अतिरिक्त कुछ नहीं मिला। अब कार्रवाई नहीं होने के कारण उनके क्षेत्र में हर समय न केवल सडक़ें धूल के गुबार में कैद रहती हैं, बल्कि इसकी वजह से दुर्घटनाएं भी होने लगी हैं। लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ होती है। स्थिति इतनी खतरनाक कि स्टेट हाइवे से सटे होने के कारण राह चलते वाहन चालकों के वाहन ही लडखड़़ा जाते हैं। इस दौरान किसी ने भूले-भटके कुछ कहने की कोशिश की तो खनन समर्थक हल्ला बोल देते हैं, और विरोध किए जाने वाले को वहां पर से विवशता में जाना पड़ता है।
जेसीबी से हो रही खुदाई
स्थिति का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचने पर हालात बेहद ही चौंकाने वाले मिले। जेसीबी से धरती का सीना चीर कर बजरी का खनन एवं उसे एकत्र करने का काम किया जा रहा था। लगभग एक घंटे तक वहीं पर खड़े रहने के दौरान न केवल बजरी से लदे ट्रक निकले, बल्कि बेखौफ निकलते इन वाहनों की जांच करने के नाम पर न तो खनन विभाग के अधिकारी नजर आए और न ही पुलिस महकमे के।

Sharad Shukla Reporting
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