नागौर में आधे किसानों को मिला फसल बीमा का क्लेम, आधे कर रहे इंतजार

PMFBY : फसल बीमा को ऐच्छिक बनाने के बाद खिसकने लगी बीमा कम्पनी की जमीन, कई किसानों के खातों में जमा कराए 70 से 80 हजार रुपए

By: shyam choudhary

Published: 22 Jun 2020, 09:36 AM IST

नागौर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रीमियम से अपना खजाना भरने वाली बीमा कम्पनियों की इस बार जमीन खिसकने लगी है। कम्पनियों को इस बात डर सता रहा है कि यदि किसानों ने फसलों का बीमा नहीं करवाया तो केन्द्र एवं राज्य सरकार के खजाने से प्रीमियम के रूप में कम्पनियों के खातों में ट्रांसफर होने वाले करोड़ों रुपए नहीं आएंगे। ऐसे में एक ही सीजन में 1500 से 2 हजार करोड़ रुपए का प्रीमियम लेकर 50 से 100 करोड़ क्लेम देकर बाकी राशि डकारने वाली कम्पनियों की हालत पतली हो सकती है। जैसा कि एचडीएफसी एर्गो कम्पनी ने इस बार किया है। बीमा कम्पनी ने गत 13 जून तक खरीफ-2019 में हुए नुकसान का जिले की 13 तहसीलों के 59 हजार 781 किसानों को मात्र 101.93 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम दिया है, जबकि हर वर्ष सवा लाख से अधिक किसानों का फसल बीमा अनिवार्य रूप से किया जाता है, कुछ ऐच्छिक रूप से भी करवाते हैं। ऐसे में जिन किसानों के खातों में क्लेम राशि नहीं आई है, वे बैंकों व कृषि कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है।

खरीफ-2019 : फसल बीमा क्लेम की तहसीरवार स्थिति
तहसील - लाभान्वित किसान - क्लेम राशि
डेगाना - 4354 - 47901398
डीडवाना - 2308- 10814137
जायल - 8963- 178700360
खींवसर - 4118- 61346122
कुचामन सिटी - 2892 - 9976617
लाडनूं - 796 - 6342798
मकराना - 5793 - 36682166
मेड़ता सिटी - 6084- 91332719
मूण्डवा - 2784 - 42319991
नागौर - 15964 - 431888079
नावां - 466 - 1909708
परबतसर - 865 - 5467724
रियां बड़ी - 4394- 94698900
कुल - 59781 - 101,93,80,719

किसी के 75 हजार, किसी के एक रुपया भी नहीं
एचडीएफसी एर्गो बीमा कम्पनी ने खरीफ-2019 में हुए नुकसान के एवज में जिले के कुछ किसानों के 50 हजार से 80 हजार रुपए तक बीमा क्लेम राशि जमा करवाई है, जबकि कई किसानों को एक रुपया भी क्लेम नहीं दिया है, जबकि गत वर्ष बुआई से लेकर कटाई व थ्रेसिंग तक किसानों को नुकसान झेलना पड़ा था। गत वर्ष सितम्बर के अंतिम दिनों में हुई बारिश के कारण खेतों में कटी पड़ी फसलें पानी में डूब गई थी। गत वर्ष जिले की पूर्वी तहसीलों में जहां पहले अतिवृष्टि ने खरीफ की फसलों को तहस-नहस कर दिया, वहीं नागौर, खींवसर, मूण्डवा, जायल व मेड़ता क्षेत्र में सितम्बर के अंत में व अक्टूबर के शुरू में हुई बेमौसम बारिश ने किसानों पर आफत का पहाड़ गिरा दिया था।

ध्यान रखें किसान, इस बार अनिवार्य नहीं है फसल बीमा
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ 2020 से ऋणी कृषकों की इच्छा पर ही फसल का बीमा होगा। जिले के ऋणी किसान खरीफ-2020 में यदि फसल बीमा नहीं कराना चाहते हैं तो उन्हें अपने बैंक में जाकर 8 जुलाई तक फसल बीमा नहीं कराने के लिए लिखित में आवेदन पत्र देना होगा एवं बैंक से खरीफ 2020 में फसल बीमा नहीं करने की प्राप्ति रसीद आवश्यक रूप से लेनी होगी। यदि ऋणी कृषक 8 जुलाई तक आवेदन नहीं देंगे तो उनका बैंक द्वारा फसल बीमा कर दिया जाएगा।

एक तिहाई किसानों को ही मिला क्लेम
खरीफ-2019 में साडोकन सहित पूरी नागौर तहसील में फसल में नुकसान हुआ था, लेकिन बीमा कम्पनी ने एक तिहाई किसानों के खातों में क्लेम राशि जमा करवाई, जबकि दो तिहाई बाकी है। एक मामला तो ऐसा है कि दो भाइयों के एक ही खसरे में पास-पास में खेत है, लेकिन एक को क्लेम मिला, जबकि दूसरे को नहीं। क्लेम राशि नहीं मिलने से किसान कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।
- ओमप्रकाश सेन, निवर्तमान प्रधान, पंचायत समिति, नागौर

अब तक 59781 किसानों को दिया क्लेम
खरीफ 2019 में कहीं अतिवृष्टि से तो कहीं अकाल के कारण खराब हुई फसलों पर बीमा कम्पनी ने अब तक जिले के 59 हजार 781 किसानों को करीब 102 करोड़ रुपए का क्लेम दिया है। शेष किसानों को मिलेगा या नहीं, इसकी जानकारी कम्पनी ने उपलब्ध नहीं करवाई है।
- हरजीराम चौधरी, उप निदेशक, कृषि विभाग, नागौर

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