scripthappy hours for swidish family | स्वीडन से आया दंपती शिशु के लिए लाया खुशी का पासपोर्ट | Patrika News

स्वीडन से आया दंपती शिशु के लिए लाया खुशी का पासपोर्ट

साढ़े तीन साल का इंतजार खत्म, नागौर से पहला बच्चा गोद जाएगा विदेश, एम्बेसी से जरूरी दस्तावेज के बाद होंगे रवाना, कलक्टर ने दिए कानूनी कागज-सौंपा बच्चा

नागौर

Updated: June 22, 2022 10:07:15 pm



पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नागौर. तकरीबन सोलह महीने पूर्व पालना गृह में मिले शिशु को गोद में लेते ही उसकी आंखों से खुशी के आंसू झलक आए। स्वीडन से अपने पति के साथ आई महिला के चेहरे पर मां बनने का गौरव था तो जुबान पर अनगिनत दुआएं। स्वीडन में यह दंपती पुलिस अफसर है, तकरीबन छह माह से इस बालक को लेने का इंतजार बुधवार को बाल कल्याण समिति एवं शिशु गृह में समाप्त हुआ। जिला कलक्टर पीयूष सामरिया ने दंपती को शिशु सौंपा । एम्बेसी से वीजा आदि बनवाकर बच्चे के साथ ये स्वीडन जाएंगे।
शिशु को गोद
स्वीडन से अपने पति के साथ आई महिला के चेहरे पर मां बनने का गौरव था तो जुबान पर अनगिनत दुआएं।
पैदा होते ही अपनों से ठुकराए गए इस शिशु की खुशनसीबी का पासपोर्ट बन गया है। स्वीडन के इस दंपती ने इस नागौरी शिशु को गोद लिया है। नागौर के शिशु गृह से यह 18वां शिशु गोद जा रहा है पर बाहरी देश जाने वाला यह पहला बच्चा है। कई सालों से बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के जरिए गोद देने की इस प्रक्रिया में संभवतया राजस्थान में इक्का-दुक्का बच्चे ही देश से बाहर गए हैं।
पत्रिका ने गत बीस दिसम्बर को इस संबंध में समाचार प्रकाशित किया था। Òदस माह बाद चमके किस्मत के सितारे, स्वीडन में पाला-पोसा जाएगा नागौरीÓ शीर्षक से प्रकाशित समाचार के बाद कागजी कार्रवाई में देरी हो गई, अन्यथा बच्चा जनवरी में ही चला जाता। दम्पती बच्चे को पालने के लिए एक-एक साल की छुट्टी लेंगे।
बच्चा सौंपने के दौरान बाल कल्याण समिति कार्यालय में उत्सव सा माहौल था। कलक्टर के साथ सीडब्लूसी के अध्यक्ष मनोज सोनी, अधीक्षक किशनाराम लोल एवं सहायक निदेशक संजय सांवलानी समेत समिति के अन्य सदस्य मौजूद थे। कलक्टर पीयूष सामरिया ने बताया कि कानूनी कार्रवाई के बाद बच्चा बुधवार को स्वीडिश दंपती को सौंप दिया।
करीब साढ़े तीन साल का इंतजार खत्म

सूत्र बताते हैं कि स्वीडन के इस दंपती ने इंटरनेशनल एडोप्शन एजेंसी (आईएए) के जरिए बच्चा गोद लेने का ऑनलाइन आवेदन किया था। आईएए में होने वाले रजिस्ट्रेशन में एक-दूसरे देश का बच्चा गोद लिया जा सकता है। सरकारी नौकरी करने वाले इस दंपती के कोई संतान नहीं है। करीब तीन साल पहले इन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था। केन्द्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी (कारा) के संयोजन से बच्चे की फोटो व अन्य दस्तावेज-जानकारी में आने के बाद इस दंपती ने शिशु को लेने की सैद्धांतिक स्वीकृति दे दी है। स्वीडन से बार-बार आने की मुश्किल से बचने के लिए दंपती द्वारा एनओसी जारी कर पासपोर्ट बनवाने और गोद संबंधी सभी कागजी कार्रवाई पूरी अब जाकर पूरी हुई। यानी बच्चा गोद लेने का साढ़े तीन साल का इंतजार बुधवार को खत्म हुआ। स्वीडन के इस दंपती ने किस देश का बच्चा चाहिए, इसमें भी भारत को चुना। दंपती को दिल्ली में बैठे एजेंसी के दुभाषिए की मदद से यहां के संबंधित अधिकारी और कार्मिकों से बात कराई गई थी। आईएए के साथ कारा के बाद इस शिशु की किस्मत के सितारे चमक उठे।
दस साल में 18वां बच्चा

सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2011 से पालना गृह के साथ गोद देने की प्रक्रिया चल रही है। तकरीबन दस साल में 17 बच्चे गोद दिए जा चुके हैं। यह गोद जाने वाला 18वां बच्चा है। ये वही बच्चे हैं जिनके अपने ही न जाने किन मजबूरियों के चलते इन्हें पालना गृह में छोड़ गए थे। अभी नागौर के शिशु गृह में दो बच्चे और हैं।
गोद लेने वाले भरमार

सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय दत्तक ग्रहण एजेंसी (कारा) में आवेदन करने वालों की संख्या दिन दूनी-रात चौगुनी बढ़ती जा रही है। इस साइट पर दंपती को तीन स्टेट अथवा पूरे भारत का ऑप्शन मिलता है। इस साइट पर संबंधित बच्चों का पूरा रिकॉर्ड मिलता है। जिसमें उम्र के साथ मेल-फीमेल का ऑप्शन होता है। इस समय वेटिंग तीन हजार से अधिक चल रही है, एक अनुमान के मुताबिक गोद लेने वाले इन इच्छुक दंपती को अभी चार बरस का इंतजार करना पड़ सकता है। इससे जुड़े अधिकारियों का मानना है कि एक सुखद पहलू यह है कि अधिकांश दंपती गोद लेने वाले बच्चे की तुलना में बच्चियों को प्राथमिकता दे रहे हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

Monsoon Alert : राजस्थान में 26 से फिर होगी झमाझम बारिश, यहां बरसेगी मेहरबुध ने रोहिणी नक्षत्र में किया प्रवेश, 4 राशि वालों के लिए धन और उन्नति मिलने के बने योगबुध जल्द अपनी स्वराशि मिथुन में करेंगे प्रवेश, जानें किन राशि वालों का होगा भाग्योदयपनीर, चिकन और मटन से भी महंगी बिक रही प्रोटीन से भरपूर ये सब्जी, बढ़ाती है इम्यूनिटीबेहद शार्प माइंड के होते हैं इन राशियों के बच्चे, सीखने की होती है अद्भुत क्षमतानोएडा में पूर्व IPS के घर इनकम टैक्स की छापेमारी, बेसमेंट में मिले 600 लॉकर से इतनी रकम बरामदझगड़ते हुए नहर पर पहुंचा परिवार, पहले पिता और उसके बाद बेटा नहर में कूदा3 हजार करोड़ रुपए से जबलपुर बनेगा महानगर, ये हो रही तैयारी

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: 24 घंटे के अंदर ही अपने बयान से पलट गए एकनाथ शिंदे, बोले- हमारे संपर्क में नहीं है कोई नेशनल पार्टीकांग्रेस नेता ने शिवसेना के बागी विधायकों से असम छोड़ने का किया अनुरोध, कहा- आपकी उपस्थिति राज्य को कर रही बदनामMaharashtra Political Crisis: उद्धव ठाकरे ने शिंदे खेमे को फटकारा, बोले- मेरे गर्दन और सिर में दर्द था, मैं अपनी आंखें नहीं खोल पा रहा था...Bharat NCAP: कार में यात्रियों की सेफ़्टी को लेकर नितिन गडकरी ने कर दिया ये बड़ा काम, जानिए क्या होगा इससे फायदा2-3 जुलाई को हैदराबाद में BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक, पास वालों को ही मिलेगी इंट्री, सुरक्षा के कड़े इंतजामMumbai News Live Updates: शिवसेना ने कल पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाई, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ेंगे उद्धव ठाकरेनीति आयोग के नए CEO होंगे परमेश्वरन अय्यर, 30 जून को अमिताभ कांत का खत्म हो रहा है कार्यकालCBSE ने बदला सिलेबस: छात्र अब नहीं पढ़ेगे फैज की कविता, इस्लाम और मुगल साम्राज्य सहित कई चैप्टर हटाए
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.