नागौरवासी 100-100 रुपए जोडकऱ दे रहे वकील की फीस, सरकार कर रही ठेकेदार की पैरवी

1026 दिन लेट हो चुका बीकानेर रोड ओवरब्रिज का काम, अब ठेकेदार ने 8 महीने का समय और मांगा
- हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी ओवरब्रिज निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट
- नागौर के बीकानेर रेलवे फाटक (सी-61) पर निर्माणाधीन आरओबी का मामला

By: shyam choudhary

Published: 06 Oct 2021, 10:35 AM IST

नागौर/जोधपुर. नागौर शहर के बीकानेर रेलवे फाटक (सी-61) पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का काम 1025 दिन लेट हो चुका है। ठेकेदार को आरओबी का काम जहां 14 दिसम्बर 2018 में पूरा करना था, वहां आज की तारीख में मात्र 58.48 फीसदी काम पूरा हुआ है। ठेकेदार की लेटलतीफी से परेशान हो रहे नागौरवासियों की जब विभागीय अधिकारियों एवं सरकार ने परवाह नहीं की तो नागौर व्यापार मंडल की ओर से रूपसिंह पंवार व अजय सांखला ने जोधपुर हाईकोर्ट में नवम्बर 2019 में रिट याचिका दायर की।

कोर्ट में पैरवी करने के लिए व्यापार मंडल के व्यापारियों ने आपसी सहयोग से वकील की फीस चुकाई। अब व्यापारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में याचिकाकर्ता की अपील पर मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से शहरवासियों ने 100-100 रुपए जोडकऱ फीस की राशि एकत्र करने का काम शुरू किया है, लेकिन उधर, सरकार शहरवासियों की परवाह करने की बजाए ठेकेदार की पैरवी कर रही है।

गौरतलब है कि याचिका लगाने के बाद न्यायालय के निर्देश पर ही ठेकेदार ने शहर के दोनों आरओबी के दोनों तरफ सर्विस रोड बनाई थी। लेकिन आरओबी का काम समय पर नहीं कर पाया और हर बार नई तारीख बताता रहा। गत 12 जनवरी 2021 को कोर्ट हुई सुनवाई दौरान ठेकेदार व सरकार के अधिवक्ता ने अंडरटेकिंग दी थी कि नए एग्रीमेंट के अनुसार आरओबी का काम 31 अगस्त 2021 तक पूरा कर दिया जाएगा। इस पर हाईकोर्ट ने ठेकेदार के बयान को रिकॉर्ड पर लेकर रिट याचिका का निस्तारण करते हुए निर्देश दिए कि काम पूरा करने के बाद प्रतिवादी सितम्बर 2021 को न्यायालय के समक्ष अनुपालना रिपोर्ट पेश करें। 21 सितम्बर को काम 58.48 प्रतिशत ही पूरा हुआ, इसलिए न्यायालय के समक्ष अनुपालना रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए। उसके बाद मंगलवार को फिर सुनवाई हुई, जिसमें सरकार ने ठेकेदार से बात कर नए शपथ पत्र पेश किए हैं।

8 नवम्बर को होगी दुबारा सुनवाई
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान सरकार व ठेकेदार द्वारा पेश किए गए शपथ पत्र एवं अन्य दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नागौर में ओवरब्रिज निर्माण का स्टेटस बताने के निर्देश दिए हैं। अगली सुनवाई 8 नवंबर को होगी। वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा तथा न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग की खंडपीठ में याचिकाकर्ता नागौर व्यापार मंडल की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान बताया गया कि सरकार ने जनवरी, 2021 में कहा था कि ओवरब्रिज का निर्माण 31 अगस्त 2021 तक पूरा हो जाएगा, लेकिन किन्हीं कारणों से ओवरब्रिज का निर्माण तय समय पर पूरा नहीं हो पाया था। कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

548 दिन में पूरा करना था
25.74 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले टू लेन के 1063 मीटर लम्बे आरओबी का काम करने के लिए फरीदाबाद की फर्म गुरुनानक इंजिनियरिंग सर्विस को 7 जून 2017 को काम सौंपा गया। जिसमें 548 दिन यानी 14 दिसम्बर 2018 को पूरा करना था। ठेकेदार ने निर्धारित समय से 1026 दिन अधिक होने के बावजूद 58.48 फीसदी काम पूरा किया है।

जनहित का काम, इसलिए जन से मांगा सहयोग
आरओबी का काम समय पर पूरा करवाने की जिम्मेदारी सरकार की है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। उल्टा कोर्ट में ठेकेदार को बचाने का प्रयास कर रही है। जनहित का मुद्दा था, इसलिए कोर्ट में गए। जनहित का मुद्दा है, इसलिए आमजन से आर्थिक सहयोग मांगा है।
- रूपसिंह पंवार, याचिकाकर्ता, नागौर

shyam choudhary Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned