लीलण एक्सप्रेस नागौर से हटाई तो करेंगे आंदोलन

रूट बदलने के आदेश का विरोध, इस ट्रेन को यथावत रूट पर ही चलाए जाने की उठ रही मांग

By: Jitesh kumar Rawal

Updated: 07 Sep 2020, 09:28 PM IST

नागौर. लीलण एक्सप्रेस को यथावत रूट पर चलाए जाने को लेकर लोगों की मांग उठ रही है। रूट बदलने के आदेशों के बाद से विभिन्न संगठनों में विरोध के स्वर मुखर हो रहे हैं। (leelan express)

भाजपा चला रही हस्ताक्षर अभियान
भाजपा शहर मंडल महामंत्री प्रमिल नाहटा ने रेलमंत्री को पत्र भेजकर लीलण एक्सप्रेस को पूर्ववत रूट पर ही संचालित रखने की मांग की है। उन्होंने बताया कि जैसलमेर से जयपुर के बीच चलने वाली लीलण एक्सप्रेस गाड़ी का रूट में अचानक बदलाव कर बीकानेर से रतनगढ़ वाया डेगाना से जयपुर चलाने की घोषणा करना नागौर जिला मुख्यालय के साथ अन्याय है। यह गाड़ी ब्रोडगेज लाइन बनी तब से वाया नागौर चल रही थी और हमेशा यात्रियों से भरी रहती है। ऐसे में अचानक इस गाड़ी का रूट परिवर्तन किया गया, जो न्याय संगत नहीं है। अगर उस रूट पर गाड़ी
चलानी है तो कोई नई गाड़ी चलाई जाएं। बीकानेर से जयपुर के लिए प्रतिदिन चलने वाली एक मात्र ट्रेन का रूट परिवर्तन करने से क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। लीलण एक्सप्रेस को पुराने रूट के अनुसार ही चलाया जाएं। इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया है। (nagaur-jaipur train)

चलाया पोस्टकार्ड अभियान
राजस्थान प्रवासी यात्री संघ ने इस सम्बंध में पोस्टकार्ड अभियान चलाया है। अध्यक्ष सुरेश ललवानी ने बताया कि रेलवे को कमाई और यात्रियों को सुविधा देने वाली इस ट्रेन का रूट बदलना न्यायसंगत नहीं है। यह गाड़ी नागौर की लाइफलाइन है, जिसे पूर्ववत रूट पर चलाया जाएं। हस्ताक्षर अभियान शुरू करते हुए रेलमंत्री को पोस्टकार्ड भेजे गए हैं।

आंदोलन छेडऩे की चेतावनी
कामधेनु सेना ने लीलण एक्सप्रेस को यथावत मार्ग पर चलाने की मांग करते हुए रेलमंत्री को ज्ञापन भेजा है। मांगों पर तत्कालही कार्रवाई नहीं होने पर पटरियों पर आंदोलन छेडऩे की चेतावनी दी है। कामधेनु सेना के राष्ट्रीय महासचिव दीपेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि जैसलमेर से जयपुर चलने वाली लीलण एक्सप्रेस को बीकानेर से वाया रतनगढ़, लाडनूं, डेगाना होते हुए जयपुर मार्ग पर परिवर्तित करना गलत है। कामधेनु सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रवण सैन ने रेलमंत्री को ज्ञापन भेजा है। बताया कि सालों से चल रही इस ट्रेन के प्रति नागौर वासियों का गहरा लगाव है। लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की घोड़ी के नाम से इसे जाना जाता है। ट्रेन के मार्ग में परिवर्तन करने की घोषणा से नागौर वासियों गहरा आघात पहुंचा है। नागौर-जयपुर के सस्ते व बेहतर साधन को खत्म करने का कार्य रेलवे ने किया है। किसान बहुल जिला होने से किसानों के साथ खिलवाड़ किया है। यह सीधी ट्रेन बंद होने से लोग अन्य साधनों से आवागमन करेंगे, जो महंगा साबित होगा। इस ट्रेन को यथावत ही नहीं रखे जाने पर आंदोलन किया जाएगा।

Jitesh kumar Rawal
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned