scriptIf salt production stopped due to rain, crops got life | बारिश से नमक उत्पादन बंद तो फसलों को मिली संजीवनी | Patrika News

बारिश से नमक उत्पादन बंद तो फसलों को मिली संजीवनी

झीलों में पानी की आवक हुई तो पहुंचे कई प्रवासी पक्षी, क्यारियों में भरा बारिश का मीठा पानी

 

एक नजर
1 हजार करोड़ का सालाना टर्न ओवर है नमक औद्योगिक क्षेत्र का

20 लाख मीट्रिक टन नमक का होता है सालाना उत्पादन
25 से अधिक रिफाइनरियां करती है नमक को शुद्ध

2500 के करीब नमक उत्पादन इकाइयां है नावां क्षेत्र में
30 हजार से अधिक लवण श्रमिक और उद्यमी जुड़े हैं नमक कारोबार से

135 रुपए क्विंटल बिक रहा था नमक
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नागौर

Published: July 04, 2022 08:36:30 pm

हेमंत जोशी
कुचामनसिटी. क्षेत्र में पिछले तीन दिन में हुई बारिश के बाद कृषि कार्य शुरू हो गया है, वहीं नमक उत्पादन पूरी तरह बंद है। दोनों ही उत्पादन मौसम आधारित है। बारिश के दिनों में क्यारियों में मीठा पानी भरने से नमक का उत्पादन बंद हो जाता है तो दूसरी ओर खेतों के लिए बारिश का मीठा पानी संजीवनी बनकर बरसता है। ऐसे में अब खेतों में रौनक लौट आई है। नमक उत्पादन क्षेत्र वीरान हो गए हैं, जबकि बारिश होने से पहले 135 रुपए क्विंटल नमक बेचा जा रहा था। बारिश के बाद नमक के भावों में 20 रुपए तक का उछाल आ गया है। भण्डार किया नमक ही बेचा जा रहा है।
बारिश से नमक उत्पादन बंद तो फसलों को मिली संजीवनी
बारिश से नमक उत्पादन बंद
किसानों ने बारिश के बाद बुआई शुरू कर दी है। क्षेत्र में पिछले तीन दिन में हुई बारिश के बाद तापमान में भी 5 डिग्री की गिरावट आई है। पहले अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक था, वहीं अब अधिकतम तापमान 32 डिग्री है। ऐसे में क्षेत्र के मौसम आधारित नमक उद्योग में उत्पादन बंद हो गया है। क्षेत्र में बारिश होने से मौसम में ठण्डक घुल गई है। इस बार गर्मी के मौसम में नमक के भाव भले ही तेज रहे हैं, लेकिन नमक उद्यमी बम्पर पैदावार नहीं ले सके।
कुचामन की झील में पानी की अच्छी आवक हुई है, वहीं सांभर झील की सतह पर भी पानी नजर आने लगा है। सांभर झील में प्रशासनिक कार्रवाई के चलते नमक का उत्पादन प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर जिला कलक्टर की ओर से झील में धारा 144 लगाने से नमक ढुलाई में लगे ट्रैक्टरों की आवाजाही प्रभावित हुई। इसके अलावा झील में बोरवेल बंद करने व मोटरें जब्त करने से भी अधिकांश नमक उद्यमियों को नुकसान झेलना पड़ा। अब बारिश के बाद नमक उत्पादकों ने स्वत: ही अपने बोरवेल से मोटरें निकाल कर सुरक्षित कर ली है। वर्षा ऋतु खत्म होने के बद ही नमक का उत्पादन शुरू हो सकेगा।
भण्डारण से चलेगी रिफाइनरियां
बारिश के मौसम से पहले ही नमक उद्यमी अपनी रिफाइनरियों पर नमक का पर्याप्त भण्डारण कर लेते हैं। गर्मियों में होने वाले अतिरिक्त उत्पादन को रिफाइनरियों पर लाकर बड़े-बड़े ढेर लगाकर नमक एकत्रित किया जाता है। यह एकत्रित नमक बारिश के दिनों में रिफाइंड करके राजस्थान समेत बिहार, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में भिजवाया जाता है।
पूरे देश में 12 फीसदी उत्पादन करता है राजस्थान-
राजस्थान देश का अकेला ऐसा राज्य है जो पूरा 12 फीसदी नमक उत्पादन करता है। हालांकि पिछले कुछ सालों में भूगर्भ में जल की कमी और सांभर झील के पानी पर दोहन की रोक से नमक उत्पादन प्रभावित जरुर हुआ है, लेकिन उत्पादन के आंकड़ों में कोई गिरावट नहीं आई है। प्रदेश में सर्वाधिक नमक सांभर झील के खारे पानी से ही किया जाता है। इसके अलावा कुचामन, डीडवाना और फलोदी-पचपदरा में भी नमक का उत्पादन होता है।
पानी की आवक से मिला पक्षियों को आश्रय-
सांभर झील समेत कुचामन इलाके में स्थित झील में पानी की आवक होने से अब यहां कई प्रजातियों के पक्षियों का रहवास भी सुरक्षित हो गया है। सांभर झील में ग्रेटर फ्लेमिंगो व लेसर फ्लेमिंगो बहुतायत में आते हैं । कुचामन झील में कई जलमूर्गियां अपना आसरा बनाती है। यहां पक्षी झील में पानी रहने तक यहां पर प्रवास करते हैं। इसके बाद यह पक्षी अन्य जलाशयों में चले जाते हैं।
श्रमिक लौटे कृषि की ओर
नमक उत्पादन के कार्य में नावां-कुचामन में 30 हजार से ज्यादा नमक श्रमिक कार्य करते हैं। इनमें से कई श्रमिक दूसरे राज्यों से भी आते है। बारिश के बाद सभी कृषि कार्य में जुट जाते हैं। बारिश का मौसम खत्म होने के बाद नवम्बर-दिसम्बर तक नमक उत्पादन फिर से शुरू हो जाता है और श्रमिक भी वापस अपने कृषि कार्य से नमक उत्पादन के कार्य में लौट जाते हैं।
नमक उत्पादन पर एक नजर-
वित्तीय वर्ष- नावांं -राजस्थान

2012-13 - 13.65 18.25
2013-14 - 12.10 -17.01

2014-15 - 16.50- 21.58
2015-16 -18.90- 23.84

2016-17 -18.50 -24.88
2017-18 -21.88- 27.18

2018-19- 22.10- 28.05
2019-20 -20.54 - 25.75
2020-21- 21.15 -24.80
2021-22 -20.78 -24.19

2022-23 -18.68 -23.20
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(आंकड़ें लाख मीट्रिक टन में)

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