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Nagaur patrika latest news. कार्यालयों में नहीं रुकते कर्मी, शुक्रवार को ही हो जाते हैं गायब. Nagaur patrika latest news

By: Sharad Shukla

Updated: 08 Dec 2019, 05:58 PM IST

nagaur patrika latest news . नागौर. राजकीय कार्यालयों में कार्य करने की अवधि सुबह साढ़े नौ बजे से छह बजे तक रहती है, लेकिन हालात का जायजा लिए जाने पर इसकी पालना केवल कागजों में ही नजर आती है। स्थिति यह है कि शनिवार एवं रविवार के घोषित अवकाश के चलते कई विभागों के कर्मी शुक्रवार को ही कार्यालयों से जल्द गायब हो जाते हैं। वह छह बजने तक का भी इंतजार नहीं करते, कारण उनका मानना है कि कोई कार्रवाई तो होनी नहीं है।

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इसकी राजस्थान पत्रिका की ओर से शुक्रवार को पड़ताल की गई तो चौंकाने वाले नजारे मिले। ज्यादातर कुर्सिंयां भी खाली मिली। विशेषकर जिले का माध्यमिक शिक्षा कार्यालय तो भगवान भरोसे नजर आया। यहां की तो यह स्थिति रही कि माध्यमिक शिक्षा के एक एडीओ साहब भडक़ उठे, और आवेश में आ गए। इस दौरान एक कर्मी ने आकर उनको नसीहत दी कि वह शांत रहें।

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भडक़े एडीओ, कहा पूरा काम तो हम ही चार-पांच लोग करते हैं
पांच बजकर 25 मिनट पर शिक्षा विभाग पहुंचे। शिक्षा विभाग में प्रवेश करते ही दायीं ओर पहला कार्यालय माध्यमिक शिक्षा का है। मुख्य गेट से अंदर प्रवेश करने पर कोई भी नहीं मिला। इसके बाद गैलरी में स्थित माध्यमिक शिक्षाधिकारी के कक्ष में चार-पांच लोग मिले। जिला माध्यमिक शिक्षाधिकारी के बारे में बताया कि वह बीकानेर विभागीय काम से गए हुए हैं। इसी चेंबर के सामने से गई गेलरी में स्थिति कर्मचारियों के अनुभागों में पहुंचे तो दोनों ही अनुभागीय कार्यालय पूरी तरह से खाली मिले। फोटो किए जाने के दौरान एडीओ सुरेश सोनी आ गए। सोनी ने कहा कि यह क्या कर रहे, ज्यादातर स्टॉफ तो विभागीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने गया हुआ है। यहां पर कोई नहीं है, क्या केवल हम चार-पांच लोग मिलकर ही चला रहे पूरे आफिस काम। इस बात को को लेकर उन्होंने गर्मागरम बहस शुरू कर दी। इस दौरान सोनी ने कहा कि काम तो हम ही करते हैं, और क्या हो जाएगा। इसको लेकर स्थिति खराब होते देखकर एक वरिष्ठ लिपिक ने एडीओ सोनी को नसीहत देते हुए समझाया, तब जाकर वह बमुश्किल माने।

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यह क्या हो रहा है, अभी तो यहीं हैं....
बगल में स्थित एडीपीसी कार्यालय में पहुंचे तो यहां पर एडीपीसी हरिराम भाटी तो मौजूद मिले, लेकिन उन्हीं के अगल-बगल में स्थित चेंबर में कर्मियों की संख्या महज दो ही थी। कैमरा देखते ही एडीपीसी भी नाराज हुए, लेकिन संयत स्वर में बताया कि अभी सभी यहीं पर हैं। किसी काम से निकले हैं, और आ रहे हैं। बाहर निकलकर थोड़ी देर खड़े रहे, लेकिन कोई नहीं आया।

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यहां पर भी नहीं मिला एक भी कर्मी
शिक्षा विभाग के बाद जिला परिवहन कार्यालय पहुंचे। समय पांच बजकर 45 मिनट हो रहा था।
परिवहन विभाग में पहुंचे। समय 5 बजकर 45 मिनट हो रहा था। इस दौरान मुख्य गेट से प्रवेश करने पर गैलरी में स्थित सभी विभागीय अनुभागीय कार्यालयों में ताले लगे मिले। गैलरी के अंतिम छोर पर फाइलों से भरे कमरे में पहुंंचे तो यह खुला जरूर था, लेकिन काफी देर तक तेज आवाज में आवाज देने पर भी कोई कर्मी नहीं नजर आया। पूरा कार्यालय भगवान भरोसे मिला।.Nagaur patrika latest news

Sharad Shukla Reporting
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