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VIDEO...शहरी-ग्रामीण बस सेवा संचालन शुरू हो तो फिर मिलेगी शहर के विकास को गति

locationनागौरPublished: Feb 12, 2024 10:42:18 pm

Submitted by:

Sharad Shukla

-शहरी-ग्रामीण बस सेवा शुरू करने की लंबे समय से की जाती रही है मांग

Nagaur news
If urban-rural bus service starts operating then the development of the city will gain momentum.

-प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में लोगों को शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सफर के लिए प्राइवेट वाहनों का लेना पड़ता है सहारा
नागौर. शहर एवं इसके आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में आवागमन के लिए नगरीय बस सेवा शुरू करने की मांग पिछले कई सालों से की जाती रही है। इसको लेकर परिवहन विभाग की ओर से तकरीबन सात से आठ साल पहले रूट सर्वे कराए जाने के बाद बसों के संचालन की अनुमति भी मिली थी, लेकिन सिटी बसों के संचालन को लेकर परमिट लेने कोई पहुंचा नहीं था। इसके बाद न तो यह बस सेवा शुरू हो पाई, और नही जिम्मेदारों की ओर से इसके लिए प्रयास किए गए। इस संबंध में शहर के उद्यमियों एवं संगठन प्रतिनिधियों का मानना है कि बस सेवा का संचालन शहर के साथ ही इसे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ते हुए किया जाता तो फिर यह योजना सफल हो जाती। इसका फायदा भी शहर के साथ ही विभिन्न क्षेत्र की फैक्ट्रियों में काम करने वाले ग्रामीण श्रमिकों को भी मिलता। इससे शहर के विकास को गति मिलती
हर माह किराए में तीन हजार से चार हजार का हो रहा खर्चा
लंबे समय से शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ते हुए बस सेवा संचालन किए जाने की बहुप्रतीक्षित मांग का अब तक नागौर को इंतजार है। इस तरह की बस सेवा संचालन होने पर नागौर-बीकानेर रोड एवं बासनी एरिया की फैक्ट्रियों में काम करने वाले सैंकड़ों श्रमिकों को इसका लाभ मिल जाता। अब इसके संचालन नहीं होने के कारण इन कामगारों को ग्रामीण क्षेत्रों से शहर तक पहुंचने में बेहद मुश्किलें होती हैं। ग्रामीणों के साथ ही रीको एरिया में काम करने वाले श्रमिकों अशोक, रूपचंद , कमल ,कैलाश , पाबूराम, अर्जुनरामसे बातचीत हुई तो इनका कहना था कि इनका कहना था कि प्राइवेट सवारी वाहन उनको निर्धारित गंतव्यों की जगह चौराहों पर छोड़ देते हैं। जहां छोड़ते हैं, वहां से फिर से प्राइवेट वाहन के माध्यम से भारी-भरकम राशि चुकाकर गंतव्यों तक पहुंचना पड़ता है। हर माह तीन हजार से चार हजार का खर्च केवल किराए में ही हो जाता है।
चौराहों पर ही छोड़ देते हैं प्राइवेट सवारी वाहन
ग्रामीणों में देवकिशन, टीकमचंद, हनुमान, अर्जुन, आशीष , आनंद , , रूप, रामचंद्र व चैनाराम से बातचीत हुई तो इनका कहना है कि बस सेवा शुरू नहीं होने की वजह से प्राइवेट वाहनों में सफर करने के दौरान ज्यादा किराया चुकाना पड़ता है। नागौर शहर एवं इसके आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आवागमन के लिए केवल प्राइवेट वाहनों का ही सहारा रहता है। अब यह प्राइवेट सवारी वाहन गांवों से आने वालों को माही दरवाजा, मूण्डवा चौराहा या विजयबल्लभ चौराहा छोड़ देते हंै। अब ऐसे में गंतव्यों तक पहुंचने के लिए प्राइवेट वाहन संचालन सौ रुपए से डेढ़ सौ रुपए तक की वसूली कर लेते हैं। रात में होने पर यही खर्च दोगुना हो जाता है।
शहरी-ग्रामीण बस सेवा शुरू होने पर होगा विकास
रीको एरिया की फैक्ट्रियों में काम करने के लिए गोगेलाव, बारानी,बालवा, कृष्णपुरा,भदवासी, अलाय आदि से सैंकड़ों की संख्या में श्रमिकों के साथ ही सामान्य रूप से ग्रामीण भी शहर पहुंचते हैं। अब ऐसे में ग्रामीण -शहरी बस सेवा का संचालन शुरू होने पर शहरी एरिया ग्रामीण क्षेत्रों से जुडऩे के साथ ही विकासपरक भी साबित होगा।
भोजराज सारस्वत प्रांतीय उपाध्यक्ष लघु उद्योग भारती
शहरी एवं ग्रामीण बस सेवा का तो संचालन शुरू कराने के लिए जिला प्रशासन को प्रयास करने चाहिए। इससे शहरवासियों के साथ ही गांव से सफर करने वालों को सुविधा मिलने के साथ ही बाजार का विस्तार भी होगा।
परिमल नाहटा, जिला वैश्य समाज अध्यक्ष
बदलते समय के साथ ही नागौर शहर परिवहन सेवा में अभी भी काफी पिछड़ा हुआ है। किसी भी जिला या राज्य के विकास के लिए परिवहन सेवा इसके प्रमुख कारकों में शामिल है। परिवहन सेवा बेहतर होगी तो फिर विकास भरपूर होगा।
आनन्द अग्रवाल, अध्यक्ष, भारत विकास परिषद
अस्पतालों में ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन काफी संख्या में रोगी आते हैं, लेकिन उनको प्राइवेट वाहनों में व्यक्गित स्तर पर भारी-भरकम राशि चुका कर पहुंचना पड़ता है। ऐसे में शहरी-ग्रामीण बस सेवा का संचालन शुरू हो तो बेहतर रहेगा।
डॉ. रणवीर चौधरी

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