scriptIf you are not responsible then you will not get a drop of water in Nagaur | VIDEO...नहीं संभले जिम्मेदार तो नागौर में नहीं मिलेगी पानी की एक बूंद | Patrika News

VIDEO...नहीं संभले जिम्मेदार तो नागौर में नहीं मिलेगी पानी की एक बूंद

Nagaur. नागौर जिले का भूजल स्तर घटा, प्रतिवर्ष औसतन दो मीटर से ज्यादा नीचे जा रहा पानी
- 30 सालों के अंतराल में जिले के 13 ब्लॉक हुए अतिदोहित, इनमें से नागौर ब्लॉक क्रिटिकल श्रेणी में आया
-जिले में खींवसर, जायल एवं कुचामन में स्थिति सर्वाधिक गंभीर हुई
- जिले में रिचार्ज होने की अपेक्षा 2 गुना प्रतिशत ज्यादा पानी निकाल जा रहा है
- निष्कर्षात्मक स्थिति यह है कि 1 लीटर रिचार्ज हो रहा है तो 2 लीटर से ज्यादा पानी निकाला जा रहा है
हालात यही रहे तो कुछ सालों में सूख जाएगा जिला

नागौर

Updated: June 06, 2022 10:21:21 pm

नागौर. प्रदेश के न्यूतनम वर्षा जल वाले क्षेत्रों में शामिल नागौर जिले के भूजल स्तर का गणित गड़बड़ा गया है। स्थिति यह है कि सरकार एवं प्रशासन की ओर से ध्यान नहीं दिए जाने के कारण हालात बद से बदतर होते चले जा रहे हैं। वर्षा आधारित प्राप्त जल में से दोगुना से ज्यादा औसत में भूजल का उपयोग घरेलू एवं कृषि के साथ औद्योगिक कार्यों में प्रयुक्त किया जाने लगा है। इसके चलते भूजल का स्तर पिछले पांच सालों के अंतराल में दो मीटर से भी ज्यादा नीचे चला गया है। स्थिति यह है कि जिले के 14 ब्लॉकों में से 13 ब्लॉक अतिदोहित की स्थिति में पहुंच गया है। जिला मुख्यालय के रूप में स्थापित नागौर को क्रिटिकल की स्थिति में रखा गया है। भूजल वैज्ञानिकों का मानना है कि हालात को काबू में करने के लिए जल्द ही व्यापक स्तर पर प्रभावी कदम नहीं उठाए तो जिले के पानी विहीन होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।
भूजल स्तर की दृषि से वर्ष 1984 तक जिले का कोई भी ब्लॉक अतिदोहन की स्थिति वाली श्रेणी में शामिल नहीं था, लेकिन वर्ष 1992 में हुए सर्वे में कुचामन, परबतसर एवं रियाबड़ी ब्लॉक के पहली बार अतिदोहन की स्थिति में पाए गए। इन तीनों के के अतिदोहन में आने के पश्चात अन्य ब्लॉकों की हुई जांच में कोई और ब्लॉक तो इस श्रेणी में शामिल नहीं हुआ, मगर विभाग ने पूरे जिले के ब्लॉकों पर गंभीरता से नजर रखना शुरू कर दिया। इसके बाद वर्ष 2006 में छह और 2013 में नौ तथा वर्ष 2020 तक जिले के 14 में से 13 ब्लॉक अतिदोहन की स्थिति में पहुंच गए। महज 30 सालों के अंतराल में यह जिला भूजल दोहन उपयोग के अधिकतम स्तर तक जा पहुंचा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यही भूजल उपयोग की यही रफ्तार बनी रही तो फिर यहां पर हालात यह हो जाएंगे कि पानी की बूंद तक नहीं बचेगी।
भूजल के स्तर के आंकड़ों पर ब्लॉकवार एक नजर (मीटर में)
पंचायत समिति वर्ष मानसून पूर्व भूजल स्तर वर्ष मानसून पूर्व भूजल स्तर भूजल घटा स्तर
डेगाना 2017 53.3 20121 55.82 -2.52
डीडवाना 2017 28.84 2021 29.13 -0.29
जायल 2017 56.6 2021 64.03 -7.42
खींवसर 2017 95.37 2021 104.49 -9.12
कुचामन 2017 62.69 2021 69.45 -6.76
लाडनू 2017 41.96 2021 42.05 -0.09
मकराना 2017 47.92 20121 49.06 -1.15
मेड़ता 2017 91.99 2021 93.51 -1.53
मौलासर 2017 54.48 2021 56.28 -1.8
मूण्डवा 2017 93.32 2021 97.93 -4.6
नागौर 2017 39.38 2021 40.98 -1.6
नावां 2017 33 2021 33.07 -0.07
परबतसर 2017 49.21 2021 49.18 0.03
रियाबड़ी 2017 32.85 2021 32.09 0.77

prtapsagr_talab.jpg

जिले का कुल मिलाकर वर्ष 2017 में भूजल स्तर का औसतन 55.77 मीटर था। यह औसत वर्ष 2021 में घटकर 58.36 मीटर तक तक पहुंच गया। औसतन -2.58 मीटर भूजल का स्तर घटा है।
इनकी स्थिति है सर्वाधिक गंभीर
भूजल के लगातार उपयोग किए जाने के चलते जिले के कई ब्लॉकों की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। इसमें सर्वाधिक संवेदनशील ब्लॉकों में खींवसर पहले नंबर पर रहा है। इसका भूजल स्तर नौ मीटर से भी ज्यादा नीचे चला गया है। दूसरे नंबर पर जायल है। यहां पर भूजल स्तर सात मीटर से भी ज्यादा नीचे गया है। कुचामन तीसरे नंबर पर है। इसका भूजल स्तर भी छह मीटर से ज्यादा घटा है। इसके बाद क्रमश: मूण्डवा, डेगाना, मकराना, नावां एवं मौलासर आदि हैं। इन क्षेत्रों का औसत तो कम है, लेकिन यह भी अब अतिदोहन की स्थिति में शामिल हो चुके हैं।
भूजल मापन के आधारभूत मानीटरिंग स्टेशनों की स्थिति
पोजोमीटर-150
कुएं-114
जिले की सामान्यत: औसत वर्षा-380 मीटर
जलादोहन का औसत उपयोग-197.05
इन्होंने नहीं लिया सबक तो हो गए अतिदोहित
भूजल विभाग के अनुसार वर्ष 2001 में महज छह ब्लॉक अतिदोहित थे। इसमें मेड़ता, मूण्डवा, परबतसर, रियाबड़ी एवं कुचामन शामिल रहे। जबकि डेगाना, जायल एवं नागौर क्रिटिकल की श्रेणी में रहे। इसी तरह से वर्ष 2013 में तीन ब्लॉक और अतिदोहित हो गए। कुल मिलाकर अतिदोहित ब्लॉकों की संख्या नौ पहुंच गई। इन नौ ब्लॉकों में डेगाना, डीडवाना, जायल, कुचामन, मकराना, मेड़ता, मूण्डवा, परबसतर एवं रियाबड़ी आदि आ गए थे। जबकि लाडनू एवं नागौर इस वर्ष क्रिटिकल की श्रेणी में रहे। इसके बाद वर्ष 2020 ये 2021 तक में अतिदोहित ब्लॉक की संख्या कुल 13 तक जा पहुंची। इसमें विशेष बात यह रही है कि नागौर जिला फिलहाल क्रिटिकल की श्रेणी में अभी बना हुआ है।
इनका कहना है...
भूजल का स्तर पिछले कई सालों से लगातार घटा है। वर्षा से धरती के रिचार्ज होने के बाद भूजल उपयोग का औसत दोगुना से भी ज्यादा है। इस पर लोगों को जागरुक होने की आवश्यकता है, नहीं तो फिर स्थिति विकट हो सकती है।
आर. के. गोदारा, सहायक अभियंता भूजल विभाग

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

धन को आकर्षित करती है कछुआ अंगूठी, लेकिन इस तरह से पहनने की न करें गलतीज्योतिष: बुध का मिथुन राशि में गोचर 3 राशि के लोगों को बनाएगा धनवानपैसा कमाने में माहिर माने जाते हैं इस मूलांक के लोग, तुरंत निकलवा लेते हैं अपना कामजुलाई में चमकेगी इन 7 राशियों की किस्मत, अपार धन मिलने के प्रबल योगडेली ड्राइव के लिए बेस्ट हैं Maruti और Tata की ये सस्ती CNG कारें, कम खर्च में देती हैं 35Km तक का माइलेज़ज्योतिष: रिश्ते संभालने में बड़े कच्चे होते हैं इस राशि के लोगजान लीजिए तुलसी के इस पौधे को घर में लगाने से आती है सुख समृद्धिहाथ में इन निशान का होना मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होने का माना जाता है संकेत

बड़ी खबरें

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र में फिर बनेगी बीजेपी की सरकार, देवेंद्र फडणवीस 1 जुलाई को ले सकते है सीएम पद की शपथUddhav Thackeray Resigns: फ्लोर टेस्ट से पहले उद्धव ठाकरे ने सीएम और MLC पद से दिया इस्तीफा, कहा- मेरी शिवसेना मुझसे कोई नहीं छीन सकताउदयपुर हत्याकांड के तार पाकिस्तान से जुड़े, दावत ए इस्लामी संगठन से सम्पर्क में थे आरोपीGST Council Meeting: बैठक के दूसरे दिन राज्यों को झटका, गेमिंग-कसीनों पर नहीं हो सका फैसलाबिहारः मोबाइल फ्लैश की रोशनी में BA की परीक्षा देते दिखे छात्र, गूगल का भी खूब लिया मदद, उठ रहे सवालMumbai News Live Updates: उद्धव ठाकरे ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सौंपा इस्तीफाUdaipur Murder: अनुराग ठाकुर बोले- कांग्रेस की आपसी लड़ाई से राजस्थान में ध्वस्त हुई कानून-व्यवस्था, NIA को जांच मिलने से होगी तेज कार्रवाईMaharashtra Gram Panchayat Election 2022: महाराष्ट्र में इस तारिख को होगा ग्राम पंचायत चुनाव, अगले ही दिन आएंगे नतीजे
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.