कलक्टर से भी नहीं रुका अवैध बजरी खनन

कलक्टर से भी नहीं रुका अवैध बजरी खनन
अवैध बजरी खनन को रोकने के लिए खान विभाग को आरएसी जवान उपलब्ध होने के बावजूद भी विभाग ने कोडिया मोड पर लगाई गई चौकी पर केवल दो कर्मचारियों को नियुक्त कर रखा है।

Sandeep Pandey | Updated: 23 Sep 2019, 12:18:21 PM (IST) Nagaur, Nagaur, Rajasthan, India

आलनियावास. ग्राम पंचायत क्षेत्र के राजस्व हल्का में आने वाली सरकारी जमीन गैर मुमकिन नदी नाला पड़त चरागाह गोचर जैसी सरकारी जमीनों पर अवैध बजरी खनन का कारोबार चारों तरफ फैल गया।

आलनियावास. ग्राम पंचायत क्षेत्र के राजस्व हल्का में आने वाली सरकारी जमीन गैर मुमकिन नदी नाला पड़त चरागाह गोचर जैसी सरकारी जमीनों पर अवैध बजरी खनन का कारोबार चारों तरफ फैल गया। बेखौफ होकर खनन माफिया वन क्षेत्र की जमीनों को खोद रहे हैं। गत सोमवार को सरपंच, उपसरपंच सहित कस्बे का प्रतिनिधि मंडल जिला कलक्टर को शिकायत देकर आया था। शिकायत में खसरा नंबर 141, 304, 424, 425,658 में अरावली वृक्षारोपण परियोजना के तहत लगाए गए पेड़ों को खनन माफियाओं द्वारा पिछले एक वर्ष के दौरान हजारों पेड़ों को नष्ट कर देने की बात कही। शिकायत में यह भी लिखा कि उपखंड अधिकारी पुलिस प्रशासन को नामजद शिकायत करने के बावजूद भी खनन माफियाओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। जिसके चलते खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। माफिया गिरोह के रूप में निडर होकर अवैध बजरी का कारोबार कर रहे हैं। क्षेत्र में सबसे ज्यादा जाजम पुरी में अवैध बजरी खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद 13 जून को मौके पर आए राजस्व खनन वे वन विभाग के द्वारा मौका रिपोर्ट बनाकर अवैध बजरी खनन की पुष्टि करते हुए यहां करीब 65 हेक्टर जमीन सरकारी होने का जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया। कागजी खानापूर्ति के अलावा प्रशासन ने कुछ भी नहीं किया जबकि यहां अवैध बजरी खनन बेखौफ चल रहा है। दिन में ही अवैध बजरी खनन को अंजाम दिया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता पंडित जितेंद्र कुमार ने सार्वजनिक रूप से अवैध बजरी खनन को लेकर पुलिस थाना थांवला में रिपोर्ट भी कि गई। 12 सितंबर को कस्बे के आईटी सेंटर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों की ओर से विधायक विजयपाल सिंह मिर्धा को अवैध बजरी खनन को लेकर शिकायत की बावजूद इसके खनन माफियाओं पर कोई डर देखने को नहीं मिल रहा है। सरपंच जुगराज बावरी द्वारा खनन क्षेत्र का हवाला देते हुए अवैध खनन करने वाले लोगों के नाम सहित प्रशासन को जानकारी दी, लेकिन सब कुछ बेअसर होता दिख रहा है। शाम ढलते ही जाजम पुरी सहित लूनी नदी के आसपास जेसीबी मशीनों से अवैध बजरी खनन शुरू हो जाता है।

अवैध बजरी खनन को रोकने के लिए खान विभाग को आरएसी जवान उपलब्ध होने के बावजूद भी विभाग ने कोडिया मोड पर लगाई गई चौकी पर केवल दो कर्मचारियों को नियुक्त कर रखा है। कुछ दिनों से सर्वेयर विश्राम सिंह मीणा को भी यहां चौकी पर लगा दिया। अवैध बजरी खनन रुकने के बजाय तेजी से बढ़ रहा है।

अवैध बजरी खनन से सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन खुर्द बुर्द हो गई। नदी के एक छोर में बारिश का पानी जमा हो गया गोवंश के साथ पशु चराने का संकट भी मंडराने लगा है। ऐसी स्थिति में पशुपालक भी प्रशासन को कोस रहे हैं।
अवैध बजरी खनन रोकने के लिए प्रशासन को लिखित में शिकायत देने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भी भारी रोष व्याप्त है। समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता

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