यूं तो अलग-थलग पड़ जावेगा नागौर, न जैसाण मिलेगो और न जैपर

लीलण एक्सप्रेस का रूट बदलने से नागौर के बाशिंदों को आवागमन में होगी भारी दिक्कत, इस रेल के जरिए एक ही दिन में जयपुर तक का काम निपटाने वाले शहर के बाशिंदों की बढ़ेगी परेशानी

By: Jitesh kumar Rawal

Updated: 05 Sep 2020, 08:22 PM IST

नागौर. लीलण एक्सप्रेस का रूट बदलने के बाद नागौर एक तरह से अलग-थलग हो जाएगा। सुबह से शाम तक जिस ट्रेन के जरिए जयपुर व जैसलमेर तक की यात्रा कर वापस लौट आते हैं उस ट्रेन का बंद हो जाना नागौर के लिए कुठाराघात ही है। लीलण का रूट परिवर्तित करने से नागौर समेत आसपास के गांवों के लोग भी समस्या भुगतेंगे। ऐसे में नागौर तो अलग-थलग होगा ही यहां के बाशिंदों को सीधे रूट पर न तो जैसलमेर मिल पाएगा और न ही जयपुर। यहां के बाशिंदें खुद बताते हैं कि लीलण का रूट बदलना नागौर को पूरी तरह अलग-थलग करने के अलावा कुछ नहीं है। (leelan express train)

प्रभावित होंगे कर्मचारी भी
कई कर्मचारी इस रूट बदलाव से प्रभावित हो रहे हैं। जैसलमेर से नागौर होते हुए जयपुर की सीधी रेल सेवा के कारण अधिकतर कर्मचारी इस रूट पर बसे गांवों मेें आसानी से रह पाते हैं और अवकाश के दिनों में आराम से घर पहुंच सकते हैं। ट्रेन का आवागमन शुरू होते ही कर्मचारी इसी के जरिए जयपुर तक का सुगम सफर करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। बसों से दिक्कत भरा सफर तो करते ही है, समय व पैसे की बर्बादी होती है सो अलग।

राजस्व पर पड़ेगा प्रतिकूल असर
रेल विभाग में ही काम कर रहे एक कर्मचारी ने बताया कि यह सुगम व सीधी रेल सेवा थी, जिसका रूट ट्रायल बेस के बहाने परिवर्तित किया जा रहा है। ट्रायल ही करनी है तो नए रूट पर नई रेल चलानी चाहिए, जमी-जमाई रेल को डाइवर्ट करने से लोगों की परेशानी ही बढ़ेगी। नई रेल चलेगी तो राजस्व और बढ़ सकता है, लेकिन ठसाठस चलने वाली इस ट्रेन का बदलाव करना रेल के राजस्व पर प्रतिकूल असर डालेगा।

रेल लाइन की रीढ़ टूट जाएगी
शहर में कार्यरत एक पुलिसकर्मी ने बताया कि लीलण का रूट परिवर्तित करने से मुश्किल बढ़ जाएगी। जयपुर के लिए कोई भी काम हो, शाम तक वापस लौट सकते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा। नागौर रेल लाइन के लिए लीलण एक्सप्रेस एक तरह से रीढ़ का काम कर रही है, लेकिन अब इसका रूट बदला जा रहा है, जो रेल लाइन के लिहाज से जिले की रीढ़ तोडऩे के बराबर है।


यथावत रखने की जरूरत...
रेलवे ने तुगलकी आदेश जारी किया है, जिससे नागौर को भारी नुकसान होगा। लीलण का रूट बदलने के आदेशों का विरोध करते हैं एवं लीलण एक्सप्रेस को यथावत रखने की मांग की जा रही है। यदि ऐसा नहीं होता है तो नागौर की जनता आंदोलन करेगी।
- गोविंदप्रकाश सोनी, अध्यक्ष, नागौर विकास समिति अध्यक्ष

राजधानी से अलग किया...
नागौर को राजधानी से जोडऩे का यह एकमात्र रास्ता था, लेकिन इसे भी बंद कर दिया है। आमजन को सीधे जयपुर के लिए आवागमन करने का कोई सुगम साधन नहीं है। इससे मुश्किल बढ़ेगी। आॢथक रूप से भी नुकसान होगा। लीलण एक्सप्रेस को पूर्ववत ही रखना चाहिए।
- नवरत्न बोथरा, पूर्व पार्षद

Jitesh kumar Rawal
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