नागौर जिले में दलित उत्पीड़न के बढ़ते मामले चिंताजनक, पुलिस की लचर कार्यशैली जिम्मेदार : सांसद बेनीवाल

जिले के बिरलोका में मेघवाल समाज के दूल्हे को घोड़ी से उतारने व जायल में गुमशुदा हुई मेघवाल समाज की युवती के मामले को लेकर डीजीपी लाठर व रेंज आईजी से की विस्तृत चर्चा

By: shyam choudhary

Published: 27 Feb 2021, 08:38 PM IST

नागौर. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बुधवार देर शाम नागौर जिले के बिरलोका में मेघवाल समाज के दलित दूल्हे को समाज विशेष के लोगों द्वारा घोड़ी से उतारकर मारपीट करने के प्रकरण में सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने व गत दिनों जायल से मेघवाल समाज की युवती की गुमशुदगी के मामले में अब तक पुलिस द्वारा युवती को तलाश करने में बरती जा रही कौताही को लेकर राज्य के पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर तथा अजमेर रेंज के आईजी से दूरभाष पर विस्तृत बात की।

बेनीवाल ने कहा कि नागौर जिले में गत 2 वर्षों में दलित उत्पीडऩ व अत्याचार के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं। सांसद ने कहा कि करणू प्रकरण हो या फिर गत दिनों परबतसर क्षेत्र में दलित महिला के साथ बलात्कार की बात करें। ऐसी कई घटनाएं जिले में हुई, जिनसे यह प्रतीत हो रहा है कि नागौर पुलिस की कार्यशैली अत्यंत लचर है, जिसकी वजह से आपराधिक तत्व हावी हो रहे हैं और दलितों पर बढ़ते अत्याचारों की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। बेनीवाल ने मामले को लेकर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी बिरलोका व जायल के मामलों में वापस रिपोर्ट ली। वहीं आगामी 2 दिनों में समस्त नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने व कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कलक्टर कार्यालय व एसपी ऑफिस के सामने पार्टी द्वारा प्रदर्शन की चेतावनी दी।
सांसद बेनीवाल ने जारी प्रेस बयान में कहा कि चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी तथा कांग्रेस हितों के हितों के संरक्षण की बात जरूर करती है, लेकिन दलितों पर जब भी अत्याचार हुआ दोनों पार्टियां गायब नजर आती हैं।

shyam choudhary Reporting
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