आने की पहले ही पहुंची सूचना, मिला सन्नाटा

Nagaur. खनिज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं जिला कलक्टर के निर्देशों पर खनन एरिया में जांच के लिए पहुंची एसआईटी टीम, टीम के आने की जानकारी बजरी माफियाओं की ओर से बने सोशल मीडिया में ग्रुपों के माध्यम से पहले पहुंच चुकी थी, मौके पर मिली पूरी तरह से शांति, कीरों की ढाणी एरिया में भी सभी जगहों पर नहीं गया दल, नदी क्षेत्र एरिया में जाने से बरता परहेज, खानापूर्ति कर लौटा अधिकारियों का दल

By: Sharad Shukla

Published: 02 Sep 2021, 10:07 PM IST

नागौर. अवैध खनन का मुद्दा प्रमुखता से उठाए जाने के बाद खनिज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल एवं जिला कलक्टर जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देशों पर एसआईटी टीम ने गोटन एरिया में दौरा किया, लेकिन वहां पर सन्नाटा मिला। कारण सूत्रों के मुताबिक हर बार की तरह इस बार भी अधिकारियों के आने के पहले ही इनकी सूचना सोशल मीडिया के मार्फत बनाए गए गु्रपों के माध्यम से पहुंच गई। नतीजन अधिकारियों की टीम जब मौके पर पहुंची तो बजरी खनन इलाके पूरी तरह से शांत मिले। खास बात यह रही कि टीम ने कीरों की ढाणी में स्थिति देखी, लेकिन कुछ ही दूरी पर नदी क्षेत्र में जाने की जहमत नहीं उठाई। इस पूरी कार्यशैली से प्रशासनिक नीयत पर सवालिया निशान लग जाता है।
रियाबड़ी क्षेत्र में अवैध खनन के मामले की जांच के लिए एसआईटी दल कीरो की ढाणी क्षेत्र में पहुंचा। यहां पर आने के बाद भी दल सभी जगहों पर नहीं गया, एक-दो जगह ही देखकर निरीक्षण की खानापूर्ति कर लौट गया। इनके आने की जानकारी क्षेत्र के अवैध रूप से बजरी खनन करने वाले माफियाओं को पहले ही लग चुकी थी। सूत्रों के अनुसार बजरी खनन माफियाओं ने सोशल मीडिया में अलग-अलग नामों से कई ग्रुप बनाकर रखे हैं। इस ग्रुप में सडक़ के अगल-बगल दुकान रखने वाले जुड़े रहते हैं। अधिकारी ही नहीं, कोइ्र बाहरी भी खनन एरिया में जब पहुंचता है तो यह लोग सोशल मीडिया में बने ग्रुपों में डाल देते हैं। इनका मुखबिर तंत्र इतना मजबूत रहता है कि कोई अजनबी भी आ जाता है तो फिर उसके गाड़ी नंबर तक इन ग्रुपों के माध्यम से अवैध खनन कर्ताओं के पास पहुंच जाते हैं। दुर्योग से आने वाला अकेला हुआ तो और गलती से किसी भी लीज के पास चला गया तो फिर उसके पास लोग पहुंच जाते हैं। इतना ही नहीं, उसका मोबाइल आदि उससे जबरन लेकर उसे खोलकर देखते हैं कि कोई फोटो या वीडियो तो नहीं बना है। मोबाइल में गलती से भी शौकिया भी एरिया की फोटो कर रखी हो, और मिल गई तो फिर उसकी खैर नहीं रहती है।
अधिकारियों के जाते ही टूटा सन्नाटा
सूत्रों के अनुसार एसआईटी टीम के निकलने के महज 35 मिनट के बाद खनन एरिया में फैला सन्नाटा टूट गया। करीब एक घंटे के अंतराल में इधर-उधर के क्षेत्रों से गाडिय़ां भी आकर माल लदाई के लिए एक तरफ खड़ी होने लगी। कुछ समय पहले अधिकारियों की मौजूदगी के दौरान दूर-दूर तक फैले रहने वाले सन्नाटे की जगह अब काफी चहल-पहल नजर आ रही थी।
नदी क्षेत्र एरिया देखने नहीं गई टीम
एसआईटी का दल खनन एरिया में जांच करने की खानापूर्ति करने तो पहुंच गया, लेकिन थोड़ी ही दूरी पर नदी क्षेत्र के एरिया की स्थिति जांचने के लिए जाने की जहमत नहीं उठाई। सूत्रों के अनुसार कीरों की ढाणी में कई जगहों पर दल गया ही नहीं। दल पूरे क्षेत्र के साथ ही नदी एरिया की ओर भी जाता तो फिर उसे अवैध खनन के सबूत व निशान दोनों ही मौके पर मिल जाते। इस संबंध में गोटन एरिया के सहायक खनि अभियंता जयप्रकाश गोदारा से बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह इस पूरे प्रकरण पर बात करने से बचते रहे। फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह इस पर भी बात करने से कतराते रहे।
नागौर. खनिज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव व जिला कलक्टर के निर्देश पर अवैध खनन की जांच करने पहुची एसआईटी टीम

Sharad Shukla Reporting
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