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नागौर के श्री बी.आर. मिर्धा राजकीय महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर कविता पाठ एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

By: shyam choudhary

Updated: 21 Feb 2021, 10:59 AM IST

नागौर. संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर शनिवार को श्री बी.आर. मिर्धा राजकीय महाविद्यालय, नागौर में राजस्थानी भाषा में कविता पाठ और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. भूपेश बाजिया ने उदाहरण और प्रसंगों के माध्यम से राजस्थानी भाषा के अभिव्यंजना कौशल और समृद्ध शब्दकोश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गाय के पुल्लिंग और बच्चे के लिए अंग्रेजी में क्रमश: ऑक्स/बुल, काफ तथा हिन्दी में बैल/सांड व बछड़ा शब्द प्रयुक्त होते हैं जबकि राजस्थानी में नस्ल, अवस्था और उपयोग के आधार पर शब्द प्रयुक्त होते हैं। जैसे टोगड़ा (गाय का बच्चा), नार्या (कृषि कार्य के लिए), रिगदा (कमजोर बच्चा), गोदा (लावासि फिरने वाला), बळद (भारवाहक), नांद्या (धार्मिक सन्दर्भ में शिव की सवारी), सांड आदि अनेकानेक शब्द प्रचलित हैं। इसी तरह लोक जीवन, लोक कला, लोक संस्कृति एवं परम्परागत व्यवसायों में प्रयुक्त राजस्थानी शब्दावली के सटीक विकल्प भी हिन्दी सहित किसी अन्य भाषा में नहीं मिलते।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने व्यक्ति की मातृभाषा को उसके संस्कार और जीवन के विविध पक्षों का मूलाधार बताया। भावों और विचारों की अभिव्यक्ति तथा सामाजिक सम्बन्धों के निर्वाह में मातृभाषा ही सबसे सटीक और महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। महात्मा गांधी के त्रि-भाषा फार्मूले के अनुसार नवीन शिक्षा नीति में भी प्राथमिक कक्षा तक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा को बनाने का प्रावधान किया गया है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के मुख्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनीष जोशी ने राजस्थानी की केन्द्रीय बोली के रूप में मारवाड़ी की विशेषताओं से अवगत करवाया। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. सुरेन्द्र कागट ने मातृभाषा को लोक जीवन का प्राणतत्व बताते हुए राजस्थानी सहित हिन्दी, अंग्रेजी एवं अन्य भाषाओं में अभिव्यक्ति-कौशल को निरन्तर निखारने की प्रेरणा दी।

विद्यार्थियों ने भी रखे विचार
भाषण प्रतियोगिता में निरंजन सिंह ने व्यक्ति के जन्म से मृत्युपर्यंत मायड़ भाषा से अटूट सम्बन्ध का परिचय देते हुए प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गजराज कंवर द्वितीय व दीपक सोलंकी तृतीय स्थान पर रहे। कविता पाठ प्रतियोगिता में खुशबू बानो प्रथम स्थान पर रही। गजराज कंवर ने द्वितीय व तारा रामावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता में राकेश सोनी, लक्ष्मी सारण, दीपक सोलंकी, मनोज लोथिया और खुशबू रांकावत ने संगीतमय वाचन कर माहौल को भावपूर्ण बनाया।

shyam choudhary Reporting
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