‘यह हम पर निर्भर करता है कि कैसा हो संचार साधनों का उपयोग’

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By: Pratap Singh Soni

Published: 10 Jan 2019, 06:09 PM IST

डीडवाना. शहर के बांगड़ राजकीय महाविद्यालय मे बुधवार को प्रदेश स्तरीय ‘सेठ नारायणदास बांगड़ स्मृति अखिल राजस्थान अंतरमहाविद्यालय हिंदी वाद-विवाद प्रतियोगिता 2018 -19’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रदेश की 22 शैक्षणिक संस्थानों के 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने संचार के विभिन्न साधनों-माध्यमों पर बोलते हुए सकारात्मक व नकारात्मक पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व राजस्थान लोक सेवा आयोग के पूर्वअध्यक्ष डॉ. हबीब खां गौराण, अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य चन्द्रप्रकाश गौड़, राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी बीकानेर के पूर्व सचिव पृथ्वी राज रत्नू, स्वागताध्यक्ष गोपाल बगडिय़ा, समन्वयक डॉ. एन.आर.ढाका, छात्रसंघ अध्यक्ष हरलाल बरवड़ मचस्थ रहे। कार्यक्रम मे में साहित्यकार राजेन्द्र पी. जोशी व ओमप्रकाश सारस्वत तथा इलेक्ट्रोनिक मीडियाकर्मी गोरधन चौधरी निर्णायक रहे। प्रतियोगिता का संचालन डॉ. गजादान चारण ने किया। महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष हरलाल बरवड़ ने धन्यवाद व कार्यक्रम सह समन्वयक डॉ. जहांगीर रहमान कुरैशी ने आभार ज्ञापन दिया। ओमप्रकाश सारस्वत ने प्रतिभागियों की प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुए आयोजन के लिए महाविद्यालय परिवार का आभार जताया।

राजेन्द्र पी. जोशी ने उपस्थितो को संबोधित करते हुए युवाओं को अध्ययन कर अपनी दक्षता में अभिवृद्धि करने की बात कही। विशिष्ठ अतिथि पृथ्वीराज रत्नू ने राजस्थानी संस्कृति को विश्व भर में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए मरूधरा की शोर्य गाथाओं का उदाहरण दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हबीब खां गौराण ने समाज में गुरुओं का विशेष योगदान बताते हुए युवाओं को राष्ट्र हित में कार्य करने वाला बताया। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. सी.पी. गौड़ ने युवाओं को बढ़-चढकऱ भाग लेने के लिए पे्ररित किया। वाद-विवाद प्रतियोगिता की चल वैजयन्ती मोहरी देवी तापडिय़ा, कन्या महाविद्यालय जसवन्तगढ़ ने जीती। वैयक्तिक पुरस्कार श्रेणियों में 11000 का पहला पुरस्कार प्रतिभा कुमारी, जसवन्तगढ़ ने, 7500 का दूसरा पुरस्कार निहारिका राठौड़, राजकीय बाँगड़ महाविद्यालय, डीडवाना ने, 5100 का तीसरा पुरस्कार कल्पित हरित, विधि महाविद्यालय, अजमेर ने जीता। इनके अलावा 1100 के पांच प्रोत्साहन पुरस्कार मेहनाज बानो (लाडऩू), लोकेन्द्र सिंह (बांदीकुई), सरिता देवी (नागौर), सोनू सोलंकी (राजकीय बांगड़ महाविद्यालय, डीडवाना) तथा वर्षा कंवर (जसवन्तगढ़) को मिले।

Pratap Singh Soni
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